चंद्रमा 96% प्रकाशित, शुक्ल पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: शुक्ल चतुर्दशी · कल सुबह 11:56 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी क्षण के लिए NASA JPL डेटा से गणना।
·

वह शहर चुनें जहाँ आप अभी रहते हैं।

राशिफल

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि

शनिवार, 9 जनवरी 2027 का कुंभ राशिफल — Kumbh Rashifal

शनिवार, 9 जनवरी 2027

कुंभ राशि के तारे, 9 जनवरी के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

मकरकुंभमीनधनिष्ठाशतभिषापूर्वा भाद्रपदक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमशतभिषा: λ Aquariiपूर्वा भाद्रपद: MarkabEnifराहु

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा मकर में है, इस मानचित्र से बाहर; रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे यह फिर कुंभ में आएगा और बुधवार 13 जनवरी, सुबह 5:10 बजे तक रहेगा। इस मानचित्र पर ये भी हैं: राहु मकर में।

कुंभ को पहला भाव मानकर: 9 जनवरी को नौ ग्रह कहाँ हैं

1112श 14°1234के 26°5मं 16°गु 1°व678शु 8°9सू 24°बु 29°10चं 15°रा 26°

हर भाव कुंभ से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का कुंभ का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

कुंभ, 9 जनवरी को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे बारहवें भाव में है, जिसे शास्त्र में धैर्य का समय माना गया है।

Columbus · America/New_York · ·

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

कुंभ के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • धनिष्ठा 293°20′ से 306°40′ योगतारा: Rotanev (β Delphini) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860 और कैलेंडर सुधार समिति 1955। पिंग्री और मॉरिसी 1989 में यह α Delphini है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • शतभिषा 306°40′ से 320°00′ योगतारा: λ Aquarii। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • पूर्वा भाद्रपद 320°00′ से 333°20′ योगतारा: Markab (α Pegasi)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • उत्तरा भाद्रपद 333°20′ से 346°40′ योगतारा: Algenib (γ Pegasi) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: कैलेंडर सुधार समिति 1955 और बर्जेस और ह्विटनी 1860। पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807 में यह α Andromedae है। यहाँ स्रोत अलग हैं। 1955 की कैलेंडर सुधार समिति, जिसका लाहिड़ी अयनांश यह साइट उपयोग करती है, का दिया तारा चिह्नित है; दूसरा पाठ साथ में दिया गया है।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि · शनिवार, 9 जनवरी 2027

9 जनवरी का कुंभ राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

कुंभ राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। कुंभ बारह राशियों में ग्यारहवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 300° से 330° तक, और इसके स्वामी शनि हैं; इसमें धनिष्ठा के चरण 3 और 4, शतभिषा के चारों चरण और पूर्वा भाद्रपद के चरण 1 से 3 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Aquarius कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, कुंभ से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

धैर्य का समय?

शनिवार, 9 जनवरी: पूरे दिन (रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे तक) चंद्रमा मकर में है, जो कुंभ से बारहवीं राशि है। शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का चंद्रमा धैर्य माँगता है (खर्च और आराम): खर्च की योजना बनाएँ और भरपूर आराम करें।

धैर्य का समय। हमारी गिनती में 9 जनवरी को कुंभ के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 3, मिले-जुले 1 और धैर्य माँगने वाले 5; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

9 जनवरी को दोपहर 2:07 बजे बुध मकर राशि में जाते हैं, इसलिए दिन के दोनों हिस्से दिखाए गए हैं।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में छठे भाव के केतु को लाभ के लिए अनुकूल माना गया है, जबकि बारहवें भाव का चंद्रमा खर्च पर ध्यान माँगता है: पहले से योजना बनाएँ। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

प्रेम और परिवार?

शास्त्र में सातवें भाव के गुरु को जीवनसाथी की प्रसन्नता के लिए अनुकूल माना गया है, जबकि सातवें भाव का मंगल जीवनसाथी से रिश्ते पर ध्यान माँगता है: जीवनसाथी से मधुरता से बात करें। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

सेहत?

आपसे छठे भाव में केतु को शास्त्र में सहायक माना गया है; सेहत के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

कुंभ के लिए 9 जनवरी को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे तक): चंद्रमा मकर में, आपसे बारहवें भाव में; धैर्य का समय।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

दोपहर 2:07 बजे तक चंद्रमा मकर में राहु के साथ है।

दोपहर 2:07 बजे से चंद्रमा मकर में बुध और राहु के साथ है।

कुंभ के लिए अगला चंद्राष्टम: 25 जनवरी, रात 8:15 बजे से 28 जनवरी, रात 1:39 बजे तक।

कुंभ राशि के नक्षत्रों का ताराबल

धनिष्ठा (चरण 3–4): रात 1:46 बजे तक मित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

धनिष्ठा (चरण 3–4): रात 1:46 बजे से अतिमित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

शतभिषा (चरण 1–4): रात 1:46 बजे तक वध तारा, मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार नए काम के लिए अच्छी (प्रचलित पंचांग सारणी: अच्छी नहीं)।

शतभिषा (चरण 1–4): रात 1:46 बजे से मित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

पूर्वा भाद्रपद (चरण 1–3): रात 1:46 बजे तक साधक तारा, नए काम के लिए अच्छी।

पूर्वा भाद्रपद (चरण 1–3): रात 1:46 बजे से वध तारा, मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार नए काम के लिए अच्छी (प्रचलित पंचांग सारणी: अच्छी नहीं)।

Columbus में आपके सहायक समय

नई शुरुआत के लिए कोई समय नहीं; कारण भीतर दिया गया है

9 जनवरी को पंचांग के समय और आपके चंद्रबल के घंटे आपस में नहीं मिलते, इसलिए कोई समय नहीं दिया गया; पंचांग के समय संदर्भ के लिए दिए गए हैं।

सहायक समय क्या हैं?

Columbus में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 12:39 बजे से सुबह 4:16 बजे तक · सुबह 5:58 बजे से सुबह 6:16 बजे तक · सुबह 9:10 बजे से सुबह 10:16 बजे तक · दोपहर 12:20 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक · दोपहर 3:02 बजे से शाम 4:13 बजे तक · शाम 5:02 बजे से शाम 6:50 बजे तक · रात 9:02 बजे से रविवार 10 जनवरी, रात 12:00 बजे तक

व्हाट्सऐप पर भेजें

इस पेज का हर समय America/New_York में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय Columbus के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि

कुंभ राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

साढ़ेसाती चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में शनि का गोचर है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया चंद्र राशि से चौथी या आठवीं राशि में शनि का गोचर है, लगभग ढाई वर्ष।

कुंभ के लिए साढ़ेसाती का तीसरा चरण: शनि मीन में, यानी आपसे दूसरे भाव में, 29 मार्च 2025 से 2 जून 2027 तक हैं। पूरी साढ़ेसाती 23 जनवरी 2020 से 23 फ़रवरी 2028 तक है, बीच में 2 जून 2027 से 19 अक्टूबर 2027 तक विराम के साथ। परंपरा में यह समय निरंतर प्रयास, अनुशासन और सेहत की देखभाल का फल देता है।

इस ठहराव में शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव मीन के अंतिम तिहाई भाग में सबसे अधिक माना गया है: 1 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक और 10 मार्च 2027 से 2 जून 2027 तक।

शनि नौ ग्रहों में से एक है: आपसे दूसरे भाव के शनि का फल और बाकी आठ ग्रह नीचे की तालिका में हैं।

कुंभ पर अगली ढैया (शनि चौथे भाव में) 8 अगस्त 2029 से 30 मई 2032 तक है, बीच में 5 अक्टूबर 2029 से 16 अप्रैल 2030 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: कुंभ से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · दोपहर 2:07 बजे तक

  1. सूर्य? धनु · ग्यारहवाँ भाव सहायक?

    शास्त्र में ग्यारहवें भाव के सूर्य को सहायक माना गया है (प्रतिष्ठा, सम्मान, लाभ और सेहत में सुधार)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: गुरुवार 14 जनवरी, सुबह 10:40 बजे

  2. चंद्र? मकर · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का चंद्रमा धैर्य माँगता है (खर्च और आराम): खर्च की योजना बनाएँ और भरपूर आराम करें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे

  3. मंगल? सिंह · सातवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का मंगल धैर्य माँगता है (जीवनसाथी से खिंचाव और सेहत): जीवनसाथी से मधुरता से बात करें और भोजन का समय नियमित रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 9 मार्च, दोपहर 1:43 बजे

  4. बुध? धनु · ग्यारहवाँ भाव सहायता मंद?

    शास्त्र में ग्यारहवें भाव के बुध को सहायक माना गया है (उन्नति, लाभ और मित्र), लेकिन बुध सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: दोपहर 2:07 बजे

  5. गुरु? सिंह · सातवाँ भाव सहायक?

    शास्त्र में सातवें भाव के गुरु को सहायक माना गया है (जीवनसाथी की प्रसन्नता, सुख और अच्छी यात्राएँ)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 24 जनवरी, दोपहर 3:01 बजे

  6. शुक्र? वृश्चिक · दसवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार दसवें भाव का शुक्र धैर्य माँगता है (कार्यक्षेत्र में खिंचाव और प्रतिष्ठा): कार्यस्थल पर मधुरता से बात करें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 29 जनवरी, सुबह 8:12 बजे

  7. शनि? मीन · दूसरा भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार दूसरे भाव का शनि धैर्य माँगता है (धन के मामले): नियमित बचत करें और खर्च पर नज़र रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 2 जून, शाम 7:58 बजे (EDT)

  8. राहु? मकर · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का राहु धैर्य माँगता है (खर्च): पहले से योजना बनाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 24 मई 2028, सुबह 5:38 बजे (EDT)

  9. केतु? कर्क · छठा भाव सहायक?

    शास्त्र में छठे भाव के केतु को सहायक माना गया है (लाभ)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 24 मई 2028, सुबह 5:38 बजे (EDT)

दिन का दूसरा हिस्सा: दोपहर 2:07 बजे से

  1. बुध? मकर · बारहवाँ भाव सहायता मंद?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का बुध अपने आप में प्रतिकूल है (रुकावटें और सेहत), लेकिन आपसे ग्यारहवें भाव में सूर्य होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और बुध सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 27 जनवरी, शाम 5:04 बजे

कुंभ के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 2, मिले-जुले 0, धैर्य माँगने वाले 2।

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि

अगले 30 दिनों में कुंभ राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

आज के बदलाव

9 जनवरी को दोपहर 2:07 बजे: बुध मकर राशि में, यानी आपसे बारहवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का बुध अपने आप में प्रतिकूल है (रुकावटें और सेहत), लेकिन आपसे ग्यारहवें भाव में सूर्य होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और बुध सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

10 जनवरी: मंगल सिंह में, आपसे सातवें भाव में, वक्री होते हैं।

गुरुवार 14 जनवरी, सुबह 10:40 बजे: सूर्य मकर राशि में, यानी आपसे बारहवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है: हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

23 जनवरी, सुबह 8:22 बजे: बुध मकर में, आपसे बारहवें भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

24 जनवरी, दोपहर 3:01 बजे: गुरु कर्क राशि में, यानी आपसे छठे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार छठे भाव का गुरु धैर्य माँगता है (बेचैनी), लेकिन कर्क इसकी उच्च राशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता, इसलिए इसे नरम गिना गया है।

27 जनवरी, शाम 5:04 बजे: बुध कुंभ राशि में, यानी आपसे पहले भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार पहले भाव का बुध धैर्य माँगता है (धन और सलाह): किसी सलाह पर अमल से पहले उसे परखें और खर्च पर नज़र रखें।

29 जनवरी, सुबह 8:12 बजे: शुक्र धनु राशि में, यानी आपसे ग्यारहवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में ग्यारहवें भाव के शुक्र को अनुकूल माना गया है।

कुंभ राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि

अगले दिन का कुंभ राशिफल, 10 जनवरी

कल (रविवार, 10 जनवरी): शाम 6:05 बजे तक चंद्रमा आपसे बारहवें भाव में है, जिसे शास्त्र में धैर्य का समय माना गया है।

10 जनवरी का पूरा राशिफल देखें

दैनिक कुंभ राशिफल · चंद्र राशि

कुंभ राशि के बारे में: स्वामी शनि, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
शनिबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
घड़ा लिए हुए पुरुषबृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
स्थिरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
विषम राशि; पुरुषबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
पश्चिमबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
शीर्षोदय: सिर की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
दिन में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
पिंडलियाँबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
300° से 330°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
धनिष्ठा 3–4; शतभिषा 1–4; पूर्वा भाद्रपद 1–3बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
गू गे गो सा सी सू से सो दाअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
कुंभ शनि की मूलत्रिकोण राशि है; इसमें कोई ग्रह उच्च या नीच नहीं होता।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7
  • स्वामी: हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में शनि हैं। कुछ आधुनिक लेखक राहु को कुंभ का सह-स्वामी कहते हैं; हमारे पढ़े किसी ग्रंथ में यह नहीं है, इसलिए यहाँ इसका उपयोग नहीं है।

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

कुंभ राशि से जुड़े सवाल

कुंभ राशि का स्वामी कौन है?

कुंभ के स्वामी शनि 9 जनवरी को मीन में है, कुंभ से दूसरे भाव में, 2 जून, शाम 7:58 बजे (EDT) तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में कुंभ के स्वामी शनि हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। शनि मकर के भी स्वामी हैं।

कुंभ राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

9 जनवरी को चंद्रमा मकर में है; रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे यह फिर कुंभ में आएगा और बुधवार 13 जनवरी, सुबह 5:10 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि कुंभ होती है। कुंभ के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: गू, गे (धनिष्ठा 3–4); गो, सा, सी, सू (शतभिषा 1–4); से, सो, दा (पूर्वा भाद्रपद 1–3)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि कुंभ है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

कुंभ राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

9 जनवरी को चंद्रमा श्रवण में है; रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे यह कुंभ के पहले चरण, धनिष्ठा चरण 3, में पहुँचेगा। कुंभ निरयण राशिचक्र में 300° से 330° तक है: धनिष्ठा के चरण 3 और 4, शतभिषा के चारों चरण और पूर्वा भाद्रपद के चरण 1 से 3, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि कुंभ है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

कुंभ राशि के लोग कैसे होते हैं?

ग्रंथ मुख्य रूप से शरीर पर सहमत हैं: लंबा, मज़बूत शरीर, चौड़े कूल्हे और मज़बूत पैर। इनमें से दो ग्रंथ यात्रा की रुचि और लंबी यात्राएँ करने का धीरज भी बताते हैं। स्वभाव पर वे अलग-अलग बातें कहते हैं, इसलिए यहाँ केवल यही साझा बातें दी गई हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.11, सारावली 23.72 और होरासार 29.11 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, कुंभ और इसके स्वामी शनि, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

कुंभ राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

कुंभ पर 9 जनवरी को साढ़ेसाती चल रही है, इसका तीसरा और अंतिम चरण: शनि मीन में है, कुंभ से दूसरे भाव में। यह 23 जनवरी 2020 को शुरू हुई और शनि के अंतिम निकास के साथ 23 फ़रवरी 2028 को पूरी होती है, बीच में 2 जून से 19 अक्टूबर तक शनि इससे बाहर रहते हैं। कुंभ पर अगली ढैया (शनि चौथे भाव में) 8 अगस्त 2029 से 30 मई 2032 तक है, बीच में 5 अक्टूबर 2029 से 16 अप्रैल 2030 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

कुंभ राशि का समय कब बदलेगा?

24 जनवरी, दोपहर 3:01 बजे गुरु कर्क में जाते हैं, कुंभ से छठे भाव में; 2 जून, शाम 7:58 बजे (EDT) शनि मेष में जाते हैं, कुंभ से तीसरे भाव में; 24 मई 2028, सुबह 5:38 बजे (EDT) राहु धनु में और केतु मिथुन में जाते हैं, कुंभ से ग्यारहवें और पाँचवें भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 23 जून 2028 को)। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव कुंभ की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

कुंभ राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

9 जनवरी को सुबह 7:04 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में मकर 18°59′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में धनु 24°45′ में। अंग्रेज़ी में कुंभ को Aquarius कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Aquarius है, उसकी राशि कुंभ हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

28
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायक
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र अनुकूल भाव में मानते हैं, और जिसे कोई रोक नहीं रहा।
सहायता मंद
अनुकूल गोचर, जिसका ग्रह नीच, अमित्र राशि में या सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए उसकी सहायता मंद मानी गई है।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
धैर्य का समय
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा धैर्य माँगने वाले भाव में या चंद्राष्टम में हो।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वाम वेध (विपरीत वेध)
धैर्य माँगने वाला गोचर तब सहायक गिना जाता है जब उसके जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह हो (मुहूर्त चिंतामणि 4.4; नारद संहिता 12.8)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
साढ़ेसाती
आपकी चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि का लगभग साढ़े सात वर्ष का भ्रमण; नाम बाद की परंपरा का है, भाव फलदीपिका 26.22–23 में हैं।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
अस्त
सूर्य की चमक में छिपा ग्रह; अनुकूल भाव में इसकी सहायता मंद (फलदीपिका 26.32)। गुरु और शुक्र: जब तक भारत के संदर्भ अक्षांश 23°11′ उत्तर (भारतीय खगोलीय पंचांग) से न दिखें; मंगल, बुध और शनि ग्रंथों के अंशों से (सूर्य सिद्धांत 9.6–9.8)।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
उच्च
वह राशि जहाँ ग्रह सबसे बली होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

OfficialAstrology™

राशि शुरुआत है, पूरी बात आपकी जन्मपत्रिका बताती है।

राशिफल एक चंद्र राशि वाले सभी लोगों का दिन बताता है। आपकी जन्मपत्रिका दिन को केवल आपके लिए पढ़ती है: आपका लग्न, आपकी दशा और हर ग्रह का भाव।

मेरी जन्मपत्रिका पाएँ