जन्म कुंडली · NASA JPL डेटा · लगभग 48 पन्ने
आपकी जन्म कुंडली, आर्कसेकंड तक सटीक गणना।
अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान दें। लगभग 20 सेकंड में हिंदी या अंग्रेज़ी में लगभग 48 पन्नों की आपकी जन्मपत्रिका डाउनलोड के लिए तैयार होती है। इसके बाद हमारे ज्योतिषी उसकी समीक्षा करते हैं; समीक्षा बाकी है या पूरी हो गई, यह आपके डैशबोर्ड पर दिखता है।
इस समय का आकाश
निरयण स्थिति (लाहिड़ी), हमारे अपने इंजन से। हर कुछ मिनट में ताज़ा।
जन्म कुंडली
तीन जानकारियों से शुरुआत
जन्म तिथि, जन्म का सही समय और जन्म स्थान। हम आपकी जानकारी नहीं बेचते; आप इसे कभी भी डाउनलोड या हटा सकते हैं।
संपूर्ण जन्मपत्रिका (PDF): हम जन्म विवरण से शुरू करते हैं।
जन्मपत्रिका कैसे बनती है
01 / 04 · आपके जन्म का क्षण
सब कुछ एक क्षण से शुरू होता है: आपकी पहली साँस की तिथि, समय और स्थान।
02 / 04 · आकाश की गणना
हमारा इंजन NASA JPL डेटा से आर्कसेकंड तक सटीक बताता है कि हर ग्रह कहाँ था।
03 / 04 · कुंडली का चित्र
उदित राशि पहला भाव बनती है; बारह भाव और नौ ग्रह अपनी जगह लेते हैं।
04 / 04 · जन्मपत्रिका, आपके पास
हिंदी या अंग्रेज़ी में लगभग 48 पन्ने, फिर हमारे ज्योतिषियों की समीक्षा।
अंदर की एक झलक
जन्मपत्रिका के असली पन्ने
ये पन्ने एक नमूना कुंडली के हैं। आपकी कुंडली आपके अपने जन्म के लिए, पन्ना-दर-पन्ना बनती है।
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लगभग 48 पन्ने
आपकी जन्मपत्रिका में क्या है
जन्मपत्रिका में शामिल चार्ट, गणनाएँ और व्याख्याएँ नीचे दी गई हैं। व्यक्तिगत दोष-विश्लेषण और उपाय-मार्गदर्शन इसका हिस्सा नहीं हैं।
01 · कुंडलियाँ
- लग्न, चन्द्र और नवांश कुंडली
- सभी 16 वर्ग कुंडलियाँ, D1 से D60 तक
- भाव चलित और सुदर्शन चक्र
- नक्षत्र और चरण के साथ ग्रह स्पष्ट
- अवकहड़ा चक्र और तारा चक्र
- जन्म के समय का पंचांग
02 · बल
- षड्बल: हर ग्रह के छह बल
- भाव बल और इष्ट-कष्ट फल
- आठों चार्ट के साथ अष्टकवर्ग
- पंचधा ग्रह मैत्री
- ग्रहों और भावों पर दृष्टि
- योगकारक, मारक और अवस्थाएँ
03 · समय
- विंशोत्तरी दशा: महादशा और अंतर्दशा
- प्रत्यंतर और सूक्ष्म दशा तालिकाएँ
- पूरे जीवन की साढ़ेसाती और ढैया
- आने वाला वर्ष: महीने-दर-महीने गोचर
- आने वाली मुख्य तिथियाँ
04 · अर्थ
- आपका लग्न, चन्द्र राशि और नक्षत्र, शब्दों में
- हर ग्रह, राशि और भाव के अनुसार
- आपकी कुंडली के योग
- मांगलिक और कालसर्प, गणना से जाँच
- आपके चुने हुए तीन सवालों के उत्तर
- अंक ज्योतिष
ज़्यादातर हिस्सों के अंत में सरल शब्दों में “इसका अर्थ” दिया गया है।
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सटीक गणना, ईमानदार मार्गदर्शन।
यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा ।
तद्वद्वेदाङ्गशास्त्राणां गणितं मूर्धनि स्थितम् ॥
जैसे मोर की शिखा और नाग की मणि सबसे ऊपर होती है, वैसे ही वेदांग शास्त्रों में गणित सबसे ऊपर स्थित है। (लगध का वेदांग ज्योतिष)
- लगभग 48 पन्ने
- 16 वर्ग कुंडलियाँ
- 500 परीक्षण कुंडलियों में लगभग 2″
- हमारे ज्योतिषियों की समीक्षा
- हमारा अपना इंजन
- हर अंक हमारे अपने बनाए और परखे सॉफ़्टवेयर से निकलता है, किसी से ख़रीदा नहीं।
- लोगों द्वारा जाँच
- एक ज्योतिषी आपकी कुंडली पढ़ते हैं, और दूसरे ज्योतिषी की मंज़ूरी के बाद ही उसे जाँचा हुआ माना जाता है।
- न डर, न दबाव
- व्यक्तिगत मार्गदर्शन वैकल्पिक है। किसी उपाय, वस्तु या सेवा को खरीदना अनिवार्य नहीं है। समझाने के लिए हम कभी डर का सहारा नहीं लेते।
- जाँच-योग्य
- हर जन्मपत्रिका हस्ताक्षरित होती है, और उसकी कुंडली ID कोई भी जाँच सकता है।
सटीकता, जिसे आप जाँच सकते हैं
हमारे अपने इंजन से गणना। फिर परीक्षण।
हम गणना किसी से ख़रीदते नहीं। ग्रहों की स्थिति NASA JPL के DE440 एफ़ेमेरिस से आती है, और हमने अपने परिणामों को स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा है, जो खगोलीय गणना का एक अंतरराष्ट्रीय मानक है।
- 2″
- 500 परीक्षण कुंडलियों में ग्रह स्थिति का अधिकतम अंतर (1° = 3,600″)।
- 6″
- लग्न, यानी जन्म के समय उदित अंश, में अधिकतम अंतर।
- लाहिड़ी
- चित्रपक्ष अयनांश, भारत के राष्ट्रीय पंचांग का मानक।
- 1850+
- 1850 से अब तक के जन्म, आपके स्थान के पुराने समय-क्षेत्र और युद्धकालीन घड़ी के साथ।
आर्कसेकंड एक अंश (डिग्री) का 3,600वाँ भाग है। सबसे तेज़ ग्रह चन्द्रमा 2 आर्कसेकंड लगभग 4 सेकंड में चलता है, और लग्न 6 आर्कसेकंड आधे सेकंड से भी कम में: यानी यह अंतर किसी भी जन्म समय की सटीकता से कहीं बारीक है।
हर जन्मपत्रिका की एक कुंडली ID होती है। किसी भी कुंडली को हमारे जाँच पेज पर परखें। कुंडली जाँचें
लोगों द्वारा जाँच
समीक्षा कैसे होती है
- 1.
गणना
लगभग 20 सेकंड में आपकी कुंडली तैयार। आप उसे तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।
- 2.
टिप्पणी
हमारे एक ज्योतिषी आपका जन्म विवरण जाँचते हैं और एक समग्र टिप्पणी लिखते हैं, साथ में आपके तीनों सवालों पर टिप्पणी।
- 3.
जाँच
दूसरे ज्योतिषी उसे पढ़कर मंज़ूर करते हैं। तभी उसे जाँचा हुआ माना जाता है: जाँची हुई जन्मपत्रिका, मंज़ूरी की तारीख़ के साथ, आपके डैशबोर्ड पर पहली की जगह ले लेती है।
कोई उलटी गिनती नहीं: आपका डैशबोर्ड असली स्थिति दिखाता है, समीक्षा बाकी या पूरी, और हर चरण पर आप अपनी जन्मपत्रिका डाउनलोड कर सकते हैं।
मेरी जन्मपत्रिका बनाएँजन्म कुंडली, जिसे जन्मपत्रिका या वैदिक जन्म चार्ट भी कहते हैं, आपके जन्म के क्षण और स्थान पर आकाश का नक्शा है। ये वे हिस्से हैं जिनसे आपकी पहली पहचान होगी, उसी क्रम में जिसमें ज्योतिषी इन्हें पढ़ते हैं।
संक्षेप में: जन्म कुंडली आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से बना वैदिक जन्म चार्ट है। इसे लग्न (पहले भाव) से पढ़ें, फिर चन्द्र राशि और नक्षत्र, बारह भावों में ग्रह, और चल रही विंशोत्तरी दशा।
01जन्म कुंडली क्या है
वैदिक ज्योतिष आकाश को बारह राशियों और सत्ताईस नक्षत्रों में बाँटता है। आपकी कुंडली दर्ज करती है कि आपके जन्म के समय सूर्य, चन्द्र, पाँच दृश्य ग्रह और चन्द्रमा के दो पात राहु और केतु इन राशियों में कहाँ थे, और पूर्व दिशा में कौन-सी राशि उदित हो रही थी।
इसीलिए तीन जानकारियाँ ज़रूरी हैं: तिथि धीमे ग्रहों को तय करती है, समय चन्द्रमा और उदित राशि को, और स्थान आपके स्थानीय आकाश को। समय में कुछ मिनट का अंतर लग्न और भाव बदल सकता है, इसलिए जन्म प्रमाणपत्र का सही समय ढूँढना सार्थक है।
02लग्न: उदित राशि
लग्न वह राशि है जो आपके जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही थी। यही आपकी कुंडली का पहला भाव बनती है, और बाकी सभी भाव इसी से गिने जाते हैं। यह आपके शरीर, स्वभाव और जीवन से मिलने के ढंग को बताती है, और लगभग हर दो घंटे में बदलती है।
03राशि: आपकी चन्द्र राशि
भारतीय ज्योतिष में “आपकी राशि” का अर्थ है जन्म के समय चन्द्रमा की राशि, न कि पश्चिमी राशिफल वाली सूर्य राशि। चन्द्रमा मन का कारक है, इसलिए राशि बताती है कि आप कैसा महसूस करते हैं और कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। गोचर, साढ़ेसाती और दैनिक राशिफल इसी से देखे जाते हैं।
04नक्षत्र और नाम अक्षर
27 नक्षत्रों में से हर एक आकाश के 13°20′ में फैला है और उसके चार चरण होते हैं। आपका जन्म नक्षत्र वह है जिसमें चन्द्रमा था। यही आपकी विंशोत्तरी दशा का आरंभ तय करता है, नाम का पारंपरिक पहला अक्षर देता है, और विवाह मिलान में गुण मिलान का आधार बनता है।
05बारह भाव
हर भाव जीवन के एक हिस्से को दर्शाता है। किसी भाव को उसकी राशि, उसके स्वामी, और उसमें बैठे या उस पर दृष्टि डालने वाले ग्रहों से पढ़ा जाता है।
- पहला
- स्वयं, शरीर, स्वभाव
- दूसरा
- परिवार, धन, वाणी
- तीसरा
- पराक्रम, भाई-बहन, प्रयास
- चौथा
- माता, घर, सुख
- पाँचवाँ
- संतान, विद्या, बुद्धि
- छठा
- नौकरी, स्वास्थ्य, प्रतियोगिता
- सातवाँ
- विवाह, साझेदारी
- आठवाँ
- आयु, शोध, गुप्त विषय
- नौवाँ
- भाग्य, पिता, धर्म
- दसवाँ
- करियर, प्रतिष्ठा, कर्म
- ग्यारहवाँ
- लाभ, मित्र, इच्छापूर्ति
- बारहवाँ
- व्यय, विदेश, मोक्ष
06नवग्रह
सूर्य (आत्मा, अधिकार), चन्द्र (मन), मंगल (ऊर्जा), बुध (बुद्धि, वाणी), गुरु (ज्ञान, मार्गदर्शन), शुक्र (प्रेम, सुख), शनि (अनुशासन, समय), राहु (महत्वाकांक्षा, नयापन) और केतु (वैराग्य, अंतर्मन)। किसी ग्रह की राशि, भाव, बल और गरिमा मिलकर बताते हैं कि वह आपके जीवन में कैसे काम करता है; इसीलिए आपकी जन्मपत्रिका हर ग्रह का षड्बल देती है।
07वर्ग कुंडलियाँ: नवांश और अन्य
जीवन के किसी एक क्षेत्र को बारीकी से देखने के लिए हर राशि को छोटे भागों में बाँटा जाता है। नवांश (D9) सबसे महत्वपूर्ण है: इसे विवाह और आंतरिक बल के लिए देखा जाता है। दशमांश (D10) करियर के लिए और सप्तमांश (D7) संतान के लिए देखा जाता है। आपकी जन्मपत्रिका D1 से D60 तक सभी सोलह शास्त्रीय वर्ग कुंडलियाँ बनाती है।
08दशा: जीवन का समय
विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष के जीवन को ग्रहों की अवधियों में बाँटती है। अभी चल रही अवधि आपके वर्तमान वर्षों को रंग देती है: महादशा विषय तय करती है, अंतर्दशा अध्याय, और प्रत्यंतर सप्ताह। कोई अवधि क्या लाती है, यह देखने के लिए अपनी कुंडली में दशा स्वामी का भाव और बल पढ़ें।
09योग और दोष, शांति से समझें
योग ग्रहों का ऐसा संयोग है जिसका शास्त्रीय अर्थ होता है, जैसे गजकेसरी या राजयोग। मांगलिक या कालसर्प जैसा दोष एक स्थिति है जिसे संदर्भ में पढ़ा जाता है, अपने आप में फ़ैसला नहीं: उसका बल, उसके परिहार और उसका समय, सब मायने रखते हैं। आपकी जन्मपत्रिका मिलने वाले योगों की सूची देती है और मांगलिक व कालसर्प की गणना से जाँच करती है; बाकी को हमारे ज्योतिषी आपके साथ व्यक्तिगत रूप से देख सकते हैं।
10पढ़ने का सरल क्रम
“एक नज़र में आपकी कुंडली” से शुरू करें। फिर अपना लग्न, चन्द्र राशि और नक्षत्र शब्दों में पढ़ें, भावों के अनुसार ग्रह, और चल रही दशा। बल की तालिकाओं (षड्बल, अष्टकवर्ग) को तब देखें जब किसी सवाल को गहराई चाहिए, और आने वाले महीनों की योजना के लिए आने वाले वर्ष वाले पन्ने देखें।
प्रश्न
लोग हमसे क्या पूछते हैं
क्या मैं जन्म तिथि और समय से ऑनलाइन कुंडली बना सकता हूँ?
हाँ। ऊपर दिए फ़ॉर्म में अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान भरें। आपकी जन्मपत्रिका लगभग 20 सेकंड में बनती है और आप उसे PDF के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या मुझे जन्म कुंडली हिंदी में मिल सकती है?
हाँ। पूरी जन्मपत्रिका हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में उपलब्ध है, दोनों भाषाओं में वही हिस्से।
अगर मुझे जन्म का सही समय नहीं पता तो?
“अनुमानित” चुनें और अपना सबसे अच्छा अनुमान दें; कुंडली जाँचते समय हमारे ज्योतिषी इसे ध्यान में रखते हैं। लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए अनिश्चित समय के लिए हमारी जन्म समय शोधन सेवा आपके जीवन की घटनाओं से संभावित समय का अनुमान लगा सकती है।
क्या केवल नाम से कुंडली बन सकती है?
नहीं। असली जन्म कुंडली के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए, क्योंकि कुंडली उसी क्षण और स्थान का आकाश है। केवल नाम से नाम राशि मिलती है, जो आपकी जन्म कुंडली नहीं है।
आप कौन-सा अयनांश और कुंडली शैली उपयोग करते हैं?
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारत के राष्ट्रीय पंचांग का मानक है, और राहु-केतु के लिए सत्य पात। कुंडलियाँ उत्तर भारतीय शैली में बनती हैं।
गणना कितनी सटीक है?
ग्रहों की स्थिति NASA JPL के DE440 एफ़ेमेरिस से आती है। 500 कुंडलियों पर स्विस एफ़ेमेरिस से जाँच में ग्रहों का अधिकतम अंतर 2 आर्कसेकंड और लग्न का 6 आर्कसेकंड था। आर्कसेकंड एक अंश का 3,600वाँ भाग है: चन्द्रमा 2 आर्कसेकंड लगभग 4 सेकंड में चलता है, और लग्न 6 आर्कसेकंड आधे सेकंड से भी कम में।
जन्म कुंडली और जन्मपत्रिका में क्या अंतर है?
कुंडली स्वयं चार्ट है। जन्मपत्रिका उससे बना पूरा दस्तावेज़ है: सभी कुंडलियाँ, बल, दशाएँ और फल। हमारी साइट पर आपको पूरी जन्मपत्रिका मिलती है।
क्या मेरी चन्द्र राशि ही मेरी राशि है?
हाँ। वैदिक ज्योतिष में आपकी राशि आपकी चन्द्र राशि है। यह आपकी जन्मपत्रिका के पहले पन्नों पर आपके नक्षत्र और चरण के साथ दी गई है।
क्या इसमें मांगलिक दोष और कालसर्प दिखता है?
हाँ। दोनों की गणना से जाँच होती है: मांगलिक वाले पन्ने पर जाँचा गया हर शास्त्रीय परिहार दिया है, और कालसर्प बनता है या नहीं, यह दिखाया गया है। किसी दोष का नाम अपने आप में समस्या नहीं है। दूसरे दोषों का व्यक्तिगत विश्लेषण और उपाय-मार्गदर्शन जन्मपत्रिका का हिस्सा नहीं हैं।
कौन-सी दशाएँ शामिल हैं?
विंशोत्तरी दशा: हर महादशा अपनी अंतर्दशाओं के साथ, और वर्तमान के आसपास की अवधियों के लिए प्रत्यंतर और सूक्ष्म दशा तालिकाएँ।
मेरी जन्मपत्रिका कौन जाँचता है?
हमारे योग्य ज्योतिषी। पहले ज्योतिषी समग्र टिप्पणी और आपके सवालों पर टिप्पणी लिखते हैं; जन्मपत्रिका को जाँचा हुआ मानने से पहले दूसरे ज्योतिषी की मंज़ूरी ज़रूरी है। समीक्षा बाकी है या पूरी, यह आपके डैशबोर्ड पर दिखता है, और जाँची हुई जन्मपत्रिका पर मंज़ूरी की तारीख़ होती है।
कैसे पता चले कि कुंडली प्रामाणिक है?
हर जन्मपत्रिका पर कुंडली ID और QR कोड होता है। उसे स्कैन करें, या हमारे जाँच पेज पर ID डालें, ताकि पुष्टि हो कि यह हमारी जारी की हुई है और इसमें बदलाव नहीं हुआ।
क्या मैं परिवार के लिए कुंडली बना सकता हूँ?
हाँ। अपने खाते में परिवार के हर सदस्य का जन्म विवरण जोड़ें, वयस्क हों तो उनकी अनुमति से। हर व्यक्ति की अपनी जन्मपत्रिका एक ही डैशबोर्ड पर मिलती है।
क्या मेरा जन्म विवरण निजी है?
हाँ। हम आपका जन्म विवरण नहीं बेचते। हमारे ज्योतिषी केवल उतना ही देखते हैं जितना आपकी कुंडली के लिए ज़रूरी है, और हम जिन कुछ सेवा-प्रदाताओं (जैसे होस्टिंग) का उपयोग करते हैं, वे हमारी गोपनीयता नीति में दिए हैं। अपने खाते से आप अपना डेटा डाउनलोड कर सकते हैं या खाता हटा सकते हैं।
कुंडली का कौन-सा भाव विवाह, करियर और धन बताता है?
सातवाँ भाव विवाह और साझेदारी, दसवाँ भाव करियर और प्रतिष्ठा, और दूसरा व ग्यारहवाँ भाव धन और लाभ बताते हैं। हर भाव को उसके स्वामी, उसमें बैठे ग्रहों और चल रही दशा के साथ पढ़ा जाता है।
कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण भाव कौन-सा है?
पहला भाव, यानी लग्न। यही तय करता है कि बाकी हर भाव कहाँ से शुरू होगा और यह स्वयं आपका वर्णन करता है, इसलिए हर फलादेश इसी से शुरू होता है।
क्या कुंडली बता सकती है कि विवाह या नौकरी कब होगी?
कुंडली जीवन के किसी क्षेत्र के लिए अनुकूल अवधियाँ दिखाती है: सातवें या दसवें भाव के स्वामी की दशा, और गुरु व शनि का गोचर। यह तय तारीख़ नहीं, अनुकूल समय बताती है। आपकी जन्मपत्रिका ऐसे तीन सवालों का उत्तर आपकी अपनी कुंडली से देती है।
मेरी कुंडली में कौन-सा ग्रह बलवान है?
बल षड्बल, यानी छह शास्त्रीय बलों, से रूप में मापा जाता है। आपकी जन्मपत्रिका हर ग्रह का षड्बल उसकी आवश्यक न्यूनतम सीमा के साथ देती है और ग्रहों को सबसे बलवान से सबसे कमज़ोर तक क्रम में रखती है।
उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय कुंडली में क्या अंतर है?
केवल बनावट का। उत्तर भारतीय कुंडली में भाव स्थिर रहते हैं और राशियाँ बदलती हैं; दक्षिण भारतीय कुंडली में राशियाँ स्थिर रहती हैं और लग्न चिह्नित होता है। ग्रह और उनके अर्थ वही रहते हैं।
क्या मैं अपनी कुंडली के बारे में ज्योतिषी से पूछ सकता हूँ?
हाँ। अपने डैशबोर्ड से आप हमारे ज्योतिषियों को सवाल भेज सकते हैं, जो उसे आपकी सहेजी हुई कुंडली के साथ पढ़ते हैं, या व्यक्तिगत परामर्श माँग सकते हैं।
हमारी सेवाएँ
अपनी कुंडली को और जानें।
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