चंद्रमा 4% प्रकाशित, कृष्ण पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: कृष्ण चतुर्दशी · कल सुबह 11:28 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी पल के लिए NASA JPL के आंकड़ों से निकाली गई।

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राशिफल

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

मंगलवार, 21 जनवरी 2025 का मकर राशिफल — Makar Rashifal

मंगलवार, 21 जनवरी 2025

मकर राशि के तारे, 21 जनवरी के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

धनुमकरकुंभउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमश्रवण: Altairधनिष्ठा: Rotanevसूर्यबुध

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा तुला में है, इस मानचित्र से बाहर; 28 जनवरी, सुबह 4:22 बजे यह फिर मकर राशि में आएगा और 30 जनवरी, सुबह 8:05 बजे तक रहेगा। इस मानचित्र पर ये भी हैं: सूर्य मकर में और बुध धनु में।

मकर राशि को पहला भाव मानकर: 21 जनवरी को नौ ग्रह कहाँ हैं

10सू 7°11शु 24°श 22°12रा 4°12गु 17°व3मं 29°व456के 4°7चं 6°89बु 25°

हर भाव मकर राशि से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का मकर राशि का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

मकर राशि, 21 जनवरी को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे दसवें भाव (करियर और काम) में है (साथ); 9 ग्रहों में से 2 ग्रह साथ, 7 ध्यान माँगते हैं।

Columbus · America/New_York

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

मकर राशि के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • पूर्वाषाढ़ा 253°20′ से 266°40′ योगतारा: Kaus Media (δ Sagittarii) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • उत्तराषाढ़ा 266°40′ से 280°00′ योगतारा: Nunki (σ Sagittarii) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कोलब्रुक 1807 में यह τ Sagittarii है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • श्रवण 280°00′ से 293°20′ योगतारा: Altair (α Aquilae)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • धनिष्ठा 293°20′ से 306°40′ योगतारा: Rotanev (β Delphini)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860 और कैलेंडर सुधार समिति 1955। पिंग्री और मॉरिसी 1989 में यह α Delphini है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।

अभिजित, पुरानी सूचियों का अट्ठाईसवाँ नक्षत्र, 276°40′ से 280°53′: जिन स्रोतों में इसका तारा दिया है, सब वेगा (α Lyrae) बताते हैं, जो इस मानचित्र से बहुत उत्तर में है।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, पाँचवाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि · मंगलवार, 21 जनवरी 2025

21 जनवरी का मकर राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

मकर राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। मकर बारह राशियों में दसवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 270° से 300° तक, और इसके स्वामी शनि हैं; इसमें उत्तराषाढ़ा के चरण 2 से 4, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के चरण 1 और 2 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Capricorn कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, मकर राशि से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

9 ग्रहों में से 2 साथ · 7 ध्यान

दिन का मुख्य ग्रह: चंद्रमा (साथ सूची में)।

चंद्रमा तुला में, आपसे दसवें भाव (करियर और काम) में, गुरुवार 23 जनवरी, दोपहर 12:03 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सफलता और सहजता।

शुक्र कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, सोमवार 27 जनवरी, रात 8:33 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: धन और परिवार।

सूर्य मकर में, आपसे पहले भाव (शरीर और खुद) में, 12 फ़रवरी, सुबह 11:26 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: थकान, अतिरिक्त खर्च और यात्रा।

मंगल मिथुन में, आपसे छठे भाव (सेहत, नौकरी और मुकाबला) में, 2 अप्रैल, दोपहर 3:59 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन मंगल मिथुन में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: विवादों का सुलझना, अच्छी सेहत और लाभ।

बुध धनु में, आपसे बारहवें भाव (खर्च, विदेश और मोक्ष) में, शुक्रवार 24 जनवरी, सुबह 7:10 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: रुकावटें और सेहत।

गुरु वृषभ में, आपसे पाँचवें भाव (बच्चे, पढ़ाई और समझ) में, 14 मई, दोपहर 1:07 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन गुरु वृषभ में है, जिसके स्वामी शुक्र से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: संतान, खुशहाली और मेल-जोल।

शनि कुंभ में, आपसे दूसरे भाव में, 29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं, लेकिन कुंभ इसकी स्वराशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता; शास्त्रीय फल: धन के मामले।

राहु मीन में, आपसे तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और भाई-बहन) में, 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन आपसे बारहवें भाव में बुध होने से वेध बनता है, इसलिए इसकी सहायता रुकी हुई है; शास्त्रीय फल: खुशी और लाभ।

केतु कन्या में, आपसे नौवें भाव (किस्मत, धर्म और पिता) में, 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: मन का भारीपन।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

काम और धन: चंद्रमा और शुक्र साथ देते हैं; मंगल, राहु, शनि और बुध ध्यान माँगते हैं।

चंद्रमा तुला में, आपसे दसवें भाव (करियर और काम) में, गुरुवार 23 जनवरी, दोपहर 12:03 बजे तक: शास्त्र में काम में सफलता के लिए अनुकूल।

शुक्र कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, सोमवार 27 जनवरी, रात 8:33 बजे तक: शास्त्र में धन के लिए अनुकूल।

मंगल मिथुन में, आपसे छठे भाव (सेहत, नौकरी और मुकाबला) में, 2 अप्रैल, दोपहर 3:59 बजे (EDT) तक: शास्त्र में लाभ और विवादों के सुलझने के लिए अनुकूल, लेकिन मंगल मिथुन में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

राहु मीन में, आपसे तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और भाई-बहन) में, 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT) तक: शास्त्र में लाभ के लिए अनुकूल, लेकिन आपसे बारहवें भाव में बुध होने से वेध बनता है, इसलिए इसकी सहायता रुकी हुई है।

शनि कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, 29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT) तक: शास्त्र में धन के लिए अनुकूल नहीं, लेकिन कुंभ इसकी स्वराशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता।

बुध धनु में, आपसे बारहवें भाव (खर्च, विदेश और मोक्ष) में, शुक्रवार 24 जनवरी, सुबह 7:10 बजे तक: शास्त्र में योजनाओं के लिए अनुकूल नहीं।

प्रेम और परिवार?

प्रेम और परिवार: शुक्र साथ देता है; शनि ध्यान माँगता है।

शुक्र कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, सोमवार 27 जनवरी, रात 8:33 बजे तक: शास्त्र में परिवार के लिए अनुकूल।

शनि कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, 29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं, लेकिन कुंभ इसकी स्वराशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

सेहत?

सेहत: सूर्य और मंगल ध्यान माँगते हैं।

सूर्य मकर में, आपसे पहले भाव (शरीर और खुद) में, 12 फ़रवरी, सुबह 11:26 बजे तक: शास्त्र में ऊर्जा के लिए अनुकूल नहीं।

मंगल मिथुन में, आपसे छठे भाव (सेहत, नौकरी और मुकाबला) में, 2 अप्रैल, दोपहर 3:59 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अच्छी सेहत के लिए अनुकूल, लेकिन मंगल मिथुन में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मकर के लिए 21 जनवरी को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (गुरुवार 23 जनवरी, दोपहर 12:03 बजे तक): चंद्रमा तुला में, आपसे दसवें भाव (करियर और काम) में; चंद्रबल है।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

मकर राशि के लिए अगला चंद्राष्टम: 12 फ़रवरी, सुबह 9:06 बजे से 14 फ़रवरी, शाम 7:15 बजे तक।

मकर राशि के नक्षत्रों का ताराबल

उत्तराषाढ़ा (चरण 2–4): दोपहर 1:07 बजे तक विपत तारा: नौ की तीसरी आवृत्ति में, नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.13); प्रचलित पंचांग सारणी में यह नए काम के लिए नहीं ली जाती।

उत्तराषाढ़ा (चरण 2–4): दोपहर 1:07 बजे से क्षेम तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

श्रवण (चरण 1–4): दोपहर 1:07 बजे तक संपत तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

श्रवण (चरण 1–4): दोपहर 1:07 बजे से विपत तारा: नौ की तीसरी आवृत्ति में, नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.13); प्रचलित पंचांग सारणी में यह नए काम के लिए नहीं ली जाती।

धनिष्ठा (चरण 1–2): दोपहर 1:07 बजे तक जन्म तारा: जन्म नक्षत्र की तारा, नौ की तीसरी आवृत्ति में: ली जाती है, पर अनुकूल श्रेणी में नहीं (मुहूर्त चिंतामणि 4.13); प्रचलित पंचांग सारणी में यह नए काम के लिए नहीं ली जाती।

धनिष्ठा (चरण 1–2): दोपहर 1:07 बजे से संपत तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

Columbus में आपके सहायक समय

पंचांग के 4 समय, इस राशि के अच्छे चंद्रबल के भीतर

रात 2:29 बजे से सुबह 7:41 बजे तक: अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:57 बजे तक: अभिजित मुहूर्त और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

दोपहर 2:22 बजे से दोपहर 3:01 बजे तक: विजय मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

रात 10:57 बजे से रात 11:18 बजे तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सहायक समय क्या हैं?

Columbus में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 2:29 बजे से सुबह 7:41 बजे तक · सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:57 बजे तक · दोपहर 2:22 बजे से दोपहर 3:01 बजे तक · रात 10:57 बजे से रात 11:18 बजे तक

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इस पेज का हर समय America/New_York में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय Columbus के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

मकर राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

साढ़ेसाती चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में शनि का गोचर है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया चंद्र राशि से चौथी या आठवीं राशि में शनि का गोचर है, लगभग ढाई वर्ष।

मकर के लिए साढ़ेसाती का तीसरा चरण: शनि कुंभ में, यानी आपसे दूसरे भाव में, 17 जनवरी 2023 से 29 मार्च 2025 तक हैं। पूरी साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 से 29 मार्च 2025 तक है, बीच में 20 जून 2017 से 26 अक्टूबर 2017 तक विराम के साथ। ज्योतिष परंपरा में यह समय लगातार प्रयास, अनुशासन और सेहत की देखभाल का है।

इस ठहराव में शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव कुंभ के अंतिम तिहाई भाग में सबसे अधिक माना गया है: 6 अप्रैल 2024 से 3 अक्टूबर 2024 तक और 27 दिसंबर 2024 से 29 मार्च 2025 तक।

शनि नौ ग्रहों में से एक है: आपसे दूसरे भाव के शनि का फल और बाकी आठ ग्रह नीचे की तालिका में हैं।

मकर राशि पर अगली ढैया (चौथा भाव) 2 जून 2027 से 16 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 19 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: मकर राशि से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · पूरे दिन

  1. सूर्य? मकर · पहला भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    सूर्य मकर में, आपसे पहले भाव (शरीर और खुद) में, 12 फ़रवरी, सुबह 11:26 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: थकान, अतिरिक्त खर्च और यात्रा।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 12 फ़रवरी, सुबह 11:26 बजे

  2. चंद्र? तुला · दसवाँ भाव साथ?

    चंद्रमा तुला में, आपसे दसवें भाव (करियर और काम) में, गुरुवार 23 जनवरी, दोपहर 12:03 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सफलता और सहजता।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: गुरुवार 23 जनवरी, दोपहर 12:03 बजे

  3. मंगल? मिथुन · छठा भाव ध्यान: मिथुन, अमित्र राशि?

    मंगल मिथुन में, आपसे छठे भाव (सेहत, नौकरी और मुकाबला) में, 2 अप्रैल, दोपहर 3:59 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन मंगल मिथुन में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: विवादों का सुलझना, अच्छी सेहत और लाभ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 2 अप्रैल, दोपहर 3:59 बजे (EDT)

  4. बुध? धनु · बारहवाँ भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    बुध धनु में, आपसे बारहवें भाव (खर्च, विदेश और मोक्ष) में, शुक्रवार 24 जनवरी, सुबह 7:10 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: रुकावटें और सेहत।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: शुक्रवार 24 जनवरी, सुबह 7:10 बजे

  5. गुरु? वृषभ · पाँचवाँ भाव ध्यान: वृषभ, अमित्र राशि?

    गुरु वृषभ में, आपसे पाँचवें भाव (बच्चे, पढ़ाई और समझ) में, 14 मई, दोपहर 1:07 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन गुरु वृषभ में है, जिसके स्वामी शुक्र से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: संतान, खुशहाली और मेल-जोल।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 14 मई, दोपहर 1:07 बजे (EDT)

  6. शुक्र? कुंभ · दूसरा भाव साथ?

    शुक्र कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, सोमवार 27 जनवरी, रात 8:33 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: धन और परिवार।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: सोमवार 27 जनवरी, रात 8:33 बजे

  7. शनि? कुंभ · दूसरा भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं; कुंभ, स्वराशि?

    शनि कुंभ में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में, 29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं, लेकिन कुंभ इसकी स्वराशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता; शास्त्रीय फल: धन के मामले।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT)

  8. राहु? मीन · तीसरा भाव ध्यान: वेध: आपसे बारहवें भाव में बुध?

    राहु मीन में, आपसे तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और भाई-बहन) में, 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन आपसे बारहवें भाव में बुध होने से वेध बनता है, इसलिए इसकी सहायता रुकी हुई है; शास्त्रीय फल: खुशी और लाभ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT)

  9. केतु? कन्या · नौवाँ भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    केतु कन्या में, आपसे नौवें भाव (किस्मत, धर्म और पिता) में, 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT) तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: मन का भारीपन।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT)

मकर राशि के लिए 4 धीमे ग्रहों (गुरु, शनि, राहु और केतु) में से 0 साथ, 4 ध्यान माँगते हैं।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

अगले 30 दिनों में मकर राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

शुक्रवार 24 जनवरी, सुबह 7:10 बजे: बुध मकर राशि में, यानी आपसे पहले भाव (शरीर और खुद) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: धन और सलाह।

सोमवार 27 जनवरी, रात 8:33 बजे: शुक्र मीन राशि में, यानी आपसे तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और भाई-बहन) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: समृद्धि और प्रतिष्ठा।

4 फ़रवरी: गुरु वृषभ में, आपसे पाँचवें भाव में, मार्गी होते हैं।

11 फ़रवरी, रात 2:25 बजे: बुध कुंभ राशि में, यानी आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन बुध सूर्य के पास (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: धन।

12 फ़रवरी, सुबह 11:26 बजे: सूर्य कुंभ राशि में, यानी आपसे दूसरे भाव (परिवार, पैसा और बोलचाल) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: धन और रोज़मर्रा की सुविधाएँ।

मकर राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

अगले दिन का मकर राशिफल, 22 जनवरी

कल (बुधवार, 22 जनवरी): पूरे दिन चंद्रमा तुला में, आपसे दसवें भाव (करियर और काम) में है: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सफलता और सहजता।

22 जनवरी का पूरा राशिफल देखें

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

मकर राशि के बारे में: स्वामी शनि, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
शनिबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
हिरण के मुख वाला मकर (जल-जीव)बृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
चरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
दक्षिणबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
पृष्ठोदय: पीठ की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
रात में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
घुटनेबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
270° से 300°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
उत्तराषाढ़ा 2–4; श्रवण 1–4; धनिष्ठा 1–2बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
भो जा जी खी खू खे खो गा गीअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
मकर राशि में मंगल उच्च और गुरु नीच होते हैं।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • ग्रह-स्थिति NASA JPL के आंकड़ों से; लाहिड़ी अयनांश: आधिकारिक परिभाषा (राष्ट्रीय पंचांग प्रस्तावना पृष्ठ सात; भारतीय खगोलीय पंचांग पृष्ठ 378), माध्य अयनांश; स्पष्ट राहु-केतु: हमारी गिनती (राष्ट्रीय पंचांग में स्पष्ट और माध्य पात दोनों दिए हैं)।
  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

मकर राशि से जुड़े सवाल

मकर राशि का स्वामी कौन है?

मकर राशि के स्वामी शनि 21 जनवरी को कुंभ में है, मकर राशि से दूसरे भाव में, 29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT) तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में मकर राशि के स्वामी शनि हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। शनि कुंभ राशि के भी स्वामी हैं।

मकर राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

21 जनवरी को चंद्रमा तुला में है; 28 जनवरी, सुबह 4:22 बजे यह फिर मकर राशि में आएगा और 30 जनवरी, सुबह 8:05 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि मकर होती है। मकर राशि के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: भो, जा, जी (उत्तराषाढ़ा 2–4); खी, खू, खे, खो (श्रवण 1–4); गा, गी (धनिष्ठा 1–2)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि मकर है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

मकर राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

21 जनवरी को चंद्रमा चित्रा में है; 28 जनवरी, सुबह 4:22 बजे यह मकर राशि के पहले चरण, उत्तराषाढ़ा चरण 2, में पहुँचेगा। मकर निरयण राशिचक्र में 270° से 300° तक है: उत्तराषाढ़ा के चरण 2 से 4, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के चरण 1 और 2, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि मकर है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

मकर राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें स्थिर और सात्त्विक स्वभाव वाला, लोगों का प्रिय, और कविता तथा शब्दों में प्रतिभाशाली बताया गया है; वे पैसे के मामले में सावधान, यात्रा-प्रेमी, अपनी गति से चलने वाले और ठंड कम पसंद करने वाले बताए गए हैं। ग्रंथ उन्हें सुंदर आँखों वाला भी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.10, सारावली 23.65 और होरासार 29.10 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, मकर और इसके स्वामी शनि, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

मकर राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

मकर राशि पर 21 जनवरी को साढ़ेसाती चल रही है, इसका तीसरा और अंतिम चरण: शनि कुंभ में है, मकर राशि से दूसरे भाव में। यह 26 जनवरी 2017 को शुरू हुई और शनि के अंतिम निकास के साथ 29 मार्च को पूरी होती है, बीच में 20 जून 2017 से 26 अक्टूबर 2017 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। मकर राशि पर अगली ढैया (चौथा भाव) 2 जून 2027 से 16 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 19 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

मकर राशि का समय कब बदलेगा?

29 मार्च, दोपहर 12:15 बजे (EDT) शनि मीन में जाते हैं, मकर राशि से तीसरे भाव में; 14 मई, दोपहर 1:07 बजे (EDT) गुरु मिथुन में जाते हैं, मकर राशि से छठे भाव में; 29 मई, दोपहर 2:48 बजे (EDT) राहु कुंभ में और केतु सिंह में जाते हैं, मकर राशि से दूसरे और आठवें भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 18 मई को)। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव मकर राशि की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

मकर राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

21 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में कुंभ 1°54′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में मकर 7°42′ में। अंग्रेज़ी में मकर को Capricorn कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Capricorn है, उसकी राशि मकर हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

29
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वेध
जब अनुकूल गोचर के जोड़ीदार भाव में दूसरा ग्रह हो, तो वह गोचर रुक जाता है (फलदीपिका 26.3–8)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में यह अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
साढ़ेसाती
आपकी चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि का लगभग साढ़े सात वर्ष का भ्रमण; नाम आज कई पंचांग देते हैं, भाव फलदीपिका ग्रंथ 26.22–23 में हैं।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
मार्गी
वक्री अवधि के बाद ग्रह फिर आगे चलने लगता है।
अस्त
सूर्य की चमक में छिपा ग्रह; अनुकूल भाव में इसकी सहायता मंद (फलदीपिका 26.32)। गुरु और शुक्र: जब तक भारत के संदर्भ अक्षांश 23°11′ उत्तर (भारतीय खगोलीय पंचांग) से न दिखें; मंगल, बुध और शनि ग्रंथों के अंशों से (सूर्य सिद्धांत 9.6–9.8)।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
चंद्रबल के भीतर पंचांग के समय
अभिजित, अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त, विजय या लाभ, शुभ या अमृत चौघड़िया, जो राहु काल, यमगंड, दुर्मुहूर्त, वर्ज्य और भद्रा से बाहर हों, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें या ग्यारहवें भाव में हो।
स्वराशि
वह राशि जिसका स्वामी स्वयं वह ग्रह है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
अमित्र राशि
ऐसी राशि जिसके स्वामी से ग्रह का नैसर्गिक विरोध है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
साथ देने वाली बातें
ऐसे ग्रह जिनका भाव शास्त्र में अनुकूल है और जिन्हें कोई रोक नहीं रहा, या जिन्हें वाम वेध से सहायक गिना गया (मुहूर्त चिंतामणि 4.4)।
धैर्य रखने वाली बातें
बाकी हर ग्रह, उस तथ्य के साथ जो उसे यहाँ रखता है: शास्त्र में अनुकूल न गिना गया भाव, वेध, नीच या अमित्र राशि, अस्त, प्रतिकूल भाव में स्वराशि या उच्च राशि, चंद्रमा का साथ, या चंद्राष्टम।
भाव का अर्थ
हर भाव किस विषय का है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11): पहला शरीर और खुद, दूसरा परिवार, पैसा और बोलचाल, तीसरा हिम्मत, मेहनत और भाई-बहन, चौथा माँ, घर और सुकून, पाँचवाँ बच्चे, पढ़ाई और समझ, छठा सेहत, नौकरी और मुकाबला, सातवाँ शादी और साझेदारी, आठवाँ खोजबीन और छिपी बातें, नौवाँ किस्मत, धर्म और पिता, दसवाँ करियर और काम, ग्यारहवाँ कमाई और दोस्त, बारहवाँ खर्च, विदेश और मोक्ष।

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