चंद्रमा 96% प्रकाशित, शुक्ल पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: शुक्ल चतुर्दशी · कल सुबह 11:56 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी क्षण के लिए NASA JPL डेटा से गणना।
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राशिफल

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

गुरुवार, 7 जनवरी 2027 का मकर राशिफल — Makar Rashifal

गुरुवार, 7 जनवरी 2027

मकर राशि के तारे, 7 जनवरी के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

धनुमकरकुंभउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमश्रवण: Altairधनिष्ठा: Rotanevराहुबुध

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा धनु में है, इस मानचित्र से बाहर; शुक्रवार 8 जनवरी, सुबह 5:29 बजे यह फिर मकर में आएगा और रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे तक रहेगा। इस मानचित्र पर ये भी हैं: बुध धनु में और राहु मकर में।

मकर को पहला भाव मानकर: 7 जनवरी को नौ ग्रह कहाँ हैं

10रा 26°1112श 14°1234के 26°5मं 16°गु 1°व678शु 6°9सू 22°चं 21°बु 26°

हर भाव मकर से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का मकर का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

मकर, 7 जनवरी को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे बारहवें भाव में है, जिसे शास्त्र में धैर्य का समय माना गया है।

Columbus · America/New_York · ·

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

मकर के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • पूर्वाषाढ़ा 253°20′ से 266°40′ योगतारा: Kaus Media (δ Sagittarii) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • उत्तराषाढ़ा 266°40′ से 280°00′ योगतारा: Nunki (σ Sagittarii) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कोलब्रुक 1807 में यह τ Sagittarii है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • श्रवण 280°00′ से 293°20′ योगतारा: Altair (α Aquilae)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • धनिष्ठा 293°20′ से 306°40′ योगतारा: Rotanev (β Delphini)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860 और कैलेंडर सुधार समिति 1955। पिंग्री और मॉरिसी 1989 में यह α Delphini है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।

अभिजित, पुरानी सूचियों का 28वाँ नक्षत्र, 276°40′ से 280°53′: जिन स्रोतों में इसका तारा दिया है, सब वेगा (α Lyrae) बताते हैं, जो इस मानचित्र से बहुत उत्तर में है।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि · गुरुवार, 7 जनवरी 2027

7 जनवरी का मकर राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

मकर राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। मकर बारह राशियों में दसवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 270° से 300° तक, और इसके स्वामी शनि हैं; इसमें उत्तराषाढ़ा के चरण 2 से 4, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के चरण 1 और 2 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Capricorn कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, मकर से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

धैर्य का समय?

गुरुवार, 7 जनवरी: पूरे दिन (शुक्रवार 8 जनवरी, सुबह 5:29 बजे तक) चंद्रमा धनु में है, जो मकर से बारहवीं राशि है। शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का चंद्रमा धैर्य माँगता है (खर्च और आराम): खर्च की योजना बनाएँ और भरपूर आराम करें।

धैर्य का समय। हमारी गिनती में 7 जनवरी को मकर के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 1, मिले-जुले 3 और धैर्य माँगने वाले 5; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

कल से कोई बदलाव नहीं: चंद्रमा मंगलवार 5 जनवरी, शाम 4:37 बजे से धनु में, यानी आपसे बारहवें भाव में है, और कल या 7 जनवरी को किसी ग्रह की राशि, चाल या अस्त-उदय की स्थिति नहीं बदली।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में तीसरे भाव के शनि को प्रतिष्ठा, सहयोगियों और लाभ के लिए अनुकूल माना गया है, लेकिन आपसे बारहवें भाव में चंद्रमा और बुध होने से वेध बनता है, इसलिए 7 जनवरी को इसकी सहायता रुकी हुई है, जबकि बारहवें भाव का चंद्रमा खर्च पर ध्यान माँगता है: पहले से योजना बनाएँ। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

प्रेम और परिवार?

आपसे सातवें भाव में केतु धैर्य माँगता है; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

सेहत?

शास्त्र के अनुसार पहले भाव का राहु ऊर्जा पर ध्यान माँगता है: अपनी गति संतुलित रखें।

मकर के लिए 7 जनवरी को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (शुक्रवार 8 जनवरी, सुबह 5:29 बजे तक): चंद्रमा धनु में, आपसे बारहवें भाव में; धैर्य का समय।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

पूरे दिन चंद्रमा धनु में सूर्य और बुध के साथ है।

मकर के लिए अगला चंद्राष्टम: 23 जनवरी, शाम 6:24 बजे से 25 जनवरी, रात 8:15 बजे तक।

मकर राशि के नक्षत्रों का ताराबल

उत्तराषाढ़ा (चरण 2–4): रात 10:43 बजे तक अतिमित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

उत्तराषाढ़ा (चरण 2–4): रात 10:43 बजे से जन्म तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

श्रवण (चरण 1–4): रात 10:43 बजे तक मित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

श्रवण (चरण 1–4): रात 10:43 बजे से अतिमित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

धनिष्ठा (चरण 1–2): रात 10:43 बजे तक वध तारा, मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार नए काम के लिए अच्छी (प्रचलित पंचांग सारणी: अच्छी नहीं)।

धनिष्ठा (चरण 1–2): रात 10:43 बजे से मित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

Columbus में आपके सहायक समय

नई शुरुआत के लिए कोई समय नहीं; कारण भीतर दिया गया है

7 जनवरी को पंचांग के समय और आपके चंद्रबल के घंटे आपस में नहीं मिलते, इसलिए कोई समय नहीं दिया गया; पंचांग के समय संदर्भ के लिए दिए गए हैं।

सहायक समय क्या हैं?

Columbus में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

सुबह 5:58 बजे से सुबह 6:28 बजे तक · दोपहर 12:19 बजे से दोपहर 1:49 बजे तक · शाम 5:18 बजे से शाम 7:12 बजे तक

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इस पेज का हर समय America/New_York में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय Columbus के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

मकर राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

साढ़ेसाती चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में शनि का गोचर है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया चंद्र राशि से चौथी या आठवीं राशि में शनि का गोचर है, लगभग ढाई वर्ष।

मकर के लिए अभी न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि 2 जून 2027 तक मीन में, यानी आपसे तीसरे भाव में है। अगली ढैया (चौथा भाव) 2 जून 2027 से 16 अप्रैल 2030 तक है।

मकर पर अगली ढैया (शनि चौथे भाव में) 2 जून से 16 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 19 अक्टूबर से 23 फ़रवरी 2028 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: मकर से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · पूरे दिन

  1. सूर्य? धनु · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है: हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 14 जनवरी, सुबह 10:40 बजे

  2. चंद्र? धनु · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का चंद्रमा धैर्य माँगता है (खर्च और आराम): खर्च की योजना बनाएँ और भरपूर आराम करें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: शुक्रवार 8 जनवरी, सुबह 5:29 बजे

  3. मंगल? सिंह · आठवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का मंगल धैर्य माँगता है (अनावश्यक जोखिम, धन और प्रतिष्ठा): अनावश्यक जोखिम से बचें और खर्च पर नज़र रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 9 मार्च, दोपहर 1:43 बजे

  4. बुध? धनु · बारहवाँ भाव सहायता मंद?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का बुध अपने आप में प्रतिकूल है (रुकावटें और सेहत), लेकिन आपसे ग्यारहवें भाव में शुक्र होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और बुध सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: शनिवार 9 जनवरी, दोपहर 2:07 बजे

  5. गुरु? सिंह · आठवाँ भाव सहायक (वाम वेध)?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का गुरु अपने आप में प्रतिकूल है (थकाने वाली यात्रा और सेहत), लेकिन आपसे ग्यारहवें भाव में शुक्र होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, इसलिए इसे सहायक गिना गया है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 24 जनवरी, दोपहर 3:01 बजे

  6. शुक्र? वृश्चिक · ग्यारहवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में ग्यारहवें भाव के शुक्र को अनुकूल माना गया है, लेकिन आपसे तीसरे भाव में शनि होने से वेध बनता है, इसलिए 7 जनवरी को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 29 जनवरी, सुबह 8:12 बजे

  7. शनि? मीन · तीसरा भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में तीसरे भाव के शनि को सहायक माना गया है (प्रतिष्ठा, सहयोगी और लाभ), लेकिन आपसे बारहवें भाव में चंद्रमा और बुध होने से वेध बनता है, इसलिए 7 जनवरी को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 2 जून, शाम 7:58 बजे (EDT)

  8. राहु? मकर · पहला भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पहले भाव का राहु धैर्य माँगता है (तनाव): अपनी गति संतुलित रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 24 मई 2028, सुबह 5:38 बजे (EDT)

  9. केतु? कर्क · सातवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का केतु धैर्य माँगता है: हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 24 मई 2028, सुबह 5:38 बजे (EDT)

मकर के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 1, मिले-जुले 1, धैर्य माँगने वाले 2।

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अगले 30 दिनों में मकर राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

शनिवार 9 जनवरी, दोपहर 2:07 बजे: बुध मकर राशि में, यानी आपसे पहले भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार पहले भाव का बुध धैर्य माँगता है (धन और सलाह): किसी सलाह पर अमल से पहले उसे परखें और खर्च पर नज़र रखें।

10 जनवरी: मंगल सिंह में, आपसे आठवें भाव में, वक्री होते हैं।

14 जनवरी, सुबह 10:40 बजे: सूर्य मकर राशि में, यानी आपसे पहले भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार पहले भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (थकान, अतिरिक्त खर्च और यात्रा): अपनी गति संतुलित रखें और खर्च की योजना पहले से बनाएँ।

23 जनवरी, सुबह 8:22 बजे: बुध मकर में, आपसे पहले भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

24 जनवरी, दोपहर 3:01 बजे: गुरु कर्क राशि में, यानी आपसे सातवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में सातवें भाव के गुरु को सहायक माना गया है (जीवनसाथी की प्रसन्नता, सुख और अच्छी यात्राएँ)।

27 जनवरी, शाम 5:04 बजे: बुध कुंभ राशि में, यानी आपसे दूसरे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में दूसरे भाव के बुध को सहायक माना गया है (धन)।

29 जनवरी, सुबह 8:12 बजे: शुक्र धनु राशि में, यानी आपसे बारहवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में बारहवें भाव के शुक्र को अनुकूल माना गया है।

मकर राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

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अगले दिन का मकर राशिफल, 8 जनवरी

कल (शुक्रवार, 8 जनवरी): सुबह 5:29 बजे से चंद्रमा आपसे पहले भाव में है, जो शास्त्र में सहायक माना गया है, पर मकर में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

8 जनवरी का पूरा राशिफल देखें

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मकर राशि के बारे में: स्वामी शनि, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
शनिबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
हिरण के मुख वाला मकर (जल-जीव)बृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
चरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
दक्षिणबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
पृष्ठोदय: पीठ की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
रात में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
घुटनेबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
270° से 300°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
उत्तराषाढ़ा 2–4; श्रवण 1–4; धनिष्ठा 1–2बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
भो जा जी खी खू खे खो गा गीअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
मकर में मंगल उच्च और गुरु नीच होते हैं।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

मकर राशि से जुड़े सवाल

मकर राशि का स्वामी कौन है?

मकर के स्वामी शनि 7 जनवरी को मीन में है, मकर से तीसरे भाव में, 2 जून, शाम 7:58 बजे (EDT) तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में मकर के स्वामी शनि हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। शनि कुंभ के भी स्वामी हैं।

मकर राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

7 जनवरी को चंद्रमा धनु में है; शुक्रवार 8 जनवरी, सुबह 5:29 बजे यह फिर मकर में आएगा और रविवार 10 जनवरी, शाम 6:05 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि मकर होती है। मकर के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: भो, जा, जी (उत्तराषाढ़ा 2–4); खी, खू, खे, खो (श्रवण 1–4); गा, गी (धनिष्ठा 1–2)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि मकर है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

मकर राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

7 जनवरी को चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा में है; शुक्रवार 8 जनवरी, सुबह 5:29 बजे यह मकर के पहले चरण, उत्तराषाढ़ा चरण 2, में पहुँचेगा। मकर निरयण राशिचक्र में 270° से 300° तक है: उत्तराषाढ़ा के चरण 2 से 4, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के चरण 1 और 2, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि मकर है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

मकर राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें स्थिर और सात्त्विक स्वभाव वाला, लोगों का प्रिय, और कविता तथा शब्दों में प्रतिभाशाली बताया गया है; वे पैसे के मामले में सावधान, यात्रा-प्रेमी, अपनी गति से चलने वाले और ठंड कम पसंद करने वाले बताए गए हैं। ग्रंथ उन्हें सुंदर आँखों वाला भी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.10, सारावली 23.65 और होरासार 29.10 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, मकर और इसके स्वामी शनि, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

मकर राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

मकर पर 7 जनवरी को न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि मीन में है, मकर से तीसरे भाव में। मकर पर अगली ढैया (शनि चौथे भाव में) 2 जून से 16 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 19 अक्टूबर से 23 फ़रवरी 2028 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

मकर राशि का समय कब बदलेगा?

24 जनवरी, दोपहर 3:01 बजे गुरु कर्क में जाते हैं, मकर से सातवें भाव में; 2 जून, शाम 7:58 बजे (EDT) शनि मेष में जाते हैं, मकर से चौथे भाव में; 24 मई 2028, सुबह 5:38 बजे (EDT) राहु धनु में और केतु मिथुन में जाते हैं, मकर से बारहवें और छठे भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 23 जून 2028 को)। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव मकर की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

मकर राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

7 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में मकर 17°09′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में धनु 22°55′ में। अंग्रेज़ी में मकर को Capricorn कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Capricorn है, उसकी राशि मकर हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

28
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायक (वाम वेध)
धैर्य माँगने वाले भाव का गोचर, जिसे जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह होने से (वाम वेध) सहायक गिना गया है।
वेध से रुका
अनुकूल गोचर, जिसे उसके वेध भाव में बैठा दूसरा ग्रह रोक रहा है।
सहायता मंद
अनुकूल गोचर, जिसका ग्रह नीच, अमित्र राशि में या सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए उसकी सहायता मंद मानी गई है।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
धैर्य का समय
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा धैर्य माँगने वाले भाव में या चंद्राष्टम में हो।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वेध
जब अनुकूल गोचर के जोड़ीदार भाव में दूसरा ग्रह हो, तो वह गोचर रुक जाता है (फलदीपिका 26.3–8)।
वाम वेध (विपरीत वेध)
धैर्य माँगने वाला गोचर तब सहायक गिना जाता है जब उसके जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह हो (मुहूर्त चिंतामणि 4.4; नारद संहिता 12.8)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
अस्त
सूर्य की चमक में छिपा ग्रह; अनुकूल भाव में इसकी सहायता मंद (फलदीपिका 26.32)। गुरु और शुक्र: जब तक भारत के संदर्भ अक्षांश 23°11′ उत्तर (भारतीय खगोलीय पंचांग) से न दिखें; मंगल, बुध और शनि ग्रंथों के अंशों से (सूर्य सिद्धांत 9.6–9.8)।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

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