चंद्रमा 96% प्रकाशित, शुक्ल पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: शुक्ल चतुर्दशी · कल सुबह 11:56 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी क्षण के लिए NASA JPL डेटा से गणना।
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राशिफल

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

शनिवार, 1 अगस्त 2026 का मकर राशिफल — Makar Rashifal

शनिवार, 1 अगस्त 2026

मकर राशि के तारे, 1 अगस्त के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

धनुमकरकुंभउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमश्रवण: Altairधनिष्ठा: Rotanev

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा कुंभ में है, इस मानचित्र से बाहर; 25 अगस्त, रात 3:06 बजे यह फिर मकर में आएगा और 27 अगस्त, दोपहर 1:36 बजे तक रहेगा।

मकर को पहला भाव मानकर: 1 अगस्त को नौ ग्रह कहाँ हैं

1011चं 15°रा 5°12श 20°व12मं 29°3बु 25°4सू 14°गु 12°5के 5°6शु 0°789

हर भाव मकर से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का मकर का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

मकर, 1 अगस्त को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे दूसरे भाव में है, जो शास्त्र में वाम वेध से सहायक गिना गया है, पर कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

नई दिल्ली, दिल्ली, भारत · IST (Asia/Kolkata) · · Columbus के समय देखें

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

मकर के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • पूर्वाषाढ़ा 253°20′ से 266°40′ योगतारा: Kaus Media (δ Sagittarii) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • उत्तराषाढ़ा 266°40′ से 280°00′ योगतारा: Nunki (σ Sagittarii) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कोलब्रुक 1807 में यह τ Sagittarii है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • श्रवण 280°00′ से 293°20′ योगतारा: Altair (α Aquilae)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।
  • धनिष्ठा 293°20′ से 306°40′ योगतारा: Rotanev (β Delphini)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860 और कैलेंडर सुधार समिति 1955। पिंग्री और मॉरिसी 1989 में यह α Delphini है। लाहिड़ी अयनांश से यह तारा अपने नक्षत्र के 13°20′ के भाग से बाहर पड़ता है।

अभिजित, पुरानी सूचियों का 28वाँ नक्षत्र, 276°40′ से 280°53′: जिन स्रोतों में इसका तारा दिया है, सब वेगा (α Lyrae) बताते हैं, जो इस मानचित्र से बहुत उत्तर में है।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि · शनिवार, 1 अगस्त 2026

1 अगस्त का मकर राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

मकर राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। मकर बारह राशियों में दसवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 270° से 300° तक, और इसके स्वामी शनि हैं; इसमें उत्तराषाढ़ा के चरण 2 से 4, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के चरण 1 और 2 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Capricorn कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, मकर से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

मिला-जुला?

शनिवार, 1 अगस्त: पूरे दिन (रविवार 2 अगस्त, दोपहर 3:27 बजे तक) चंद्रमा कुंभ में है, जो मकर से दूसरी राशि है। शास्त्र के अनुसार दूसरे भाव का चंद्रमा अपने आप में प्रतिकूल है (धन के मामले), लेकिन आपसे सातवें भाव में सूर्य और गुरु होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मिला-जुला। हमारी गिनती में 1 अगस्त को मकर के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 1, मिले-जुले 4 और धैर्य माँगने वाले 4; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

1 अगस्त को सुबह 9:28 बजे शुक्र कन्या राशि में जाते हैं, इसलिए दिन के दोनों हिस्से दिखाए गए हैं।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में तीसरे भाव के शनि को प्रतिष्ठा, सहयोगियों और लाभ के लिए अनुकूल माना गया है, जबकि दूसरे भाव का राहु धन पर ध्यान माँगता है: खर्च पर नज़र रखें। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

प्रेम और परिवार?

शास्त्र में सातवें भाव के गुरु को जीवनसाथी की प्रसन्नता के लिए अनुकूल माना गया है, लेकिन आपसे तीसरे भाव में शनि होने से वेध बनता है, और गुरु सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए 1 अगस्त को इसकी सहायता रुकी हुई है।

सेहत?

आपसे छठे भाव में बुध वेध से रुका है; सेहत के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

मकर के लिए 1 अगस्त को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (रविवार 2 अगस्त, दोपहर 3:27 बजे तक): चंद्रमा कुंभ में, आपसे दूसरे भाव में; धैर्य का समय।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

सुबह 9:28 बजे तक चंद्रमा कुंभ में राहु के साथ है।

मकर के लिए अगला चंद्राष्टम: 13 अगस्त, सुबह 6:07 बजे से 15 अगस्त, सुबह 9:35 बजे तक।

मकर राशि के नक्षत्रों का ताराबल

उत्तराषाढ़ा (चरण 2–4): रात 8:46 बजे तक क्षेम तारा, नए काम के लिए अच्छी।

उत्तराषाढ़ा (चरण 2–4): रात 8:46 बजे से प्रत्यरि तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

श्रवण (चरण 1–4): रात 8:46 बजे तक विपत तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

श्रवण (चरण 1–4): रात 8:46 बजे से क्षेम तारा, नए काम के लिए अच्छी।

धनिष्ठा (चरण 1–2): रात 8:46 बजे तक संपत तारा, नए काम के लिए अच्छी।

धनिष्ठा (चरण 1–2): रात 8:46 बजे से विपत तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

नई दिल्ली में आपके सहायक समय

नई शुरुआत के लिए कोई समय नहीं; कारण भीतर दिया गया है

1 अगस्त को पंचांग के समय और आपके चंद्रबल के घंटे आपस में नहीं मिलते, इसलिए कोई समय नहीं दिया गया; पंचांग के समय संदर्भ के लिए दिए गए हैं।

सहायक समय क्या हैं?

नई दिल्ली में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 12:28 बजे से रात 3:03 बजे तक · सुबह 4:44 बजे से सुबह 5:01 बजे तक · सुबह 7:30 बजे से सुबह 9:05 बजे तक · रात 11:08 बजे से रविवार 2 अगस्त, रात 12:00 बजे तक

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इस पेज का हर समय IST (Asia/Kolkata) में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय नई दिल्ली के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक मकर राशिफल · चंद्र राशि

मकर राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

साढ़ेसाती चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में शनि का गोचर है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया चंद्र राशि से चौथी या आठवीं राशि में शनि का गोचर है, लगभग ढाई वर्ष।

मकर के लिए अभी न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि 3 जून 2027 तक मीन में, यानी आपसे तीसरे भाव में है। अगली ढैया (चौथा भाव) 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक है।

मकर पर अगली ढैया (शनि चौथे भाव में) 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

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क्यों: मकर से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · सुबह 9:28 बजे से

  1. सूर्य? कर्क · सातवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (थकाने वाली यात्रा और प्रतिष्ठा में कमी): यात्राओं के बीच आराम का समय रखें और काम में स्थिर रहें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 17 अगस्त, सुबह 7:59 बजे

  2. चंद्र? कुंभ · दूसरा भाव मिला-जुला?

    शास्त्र के अनुसार दूसरे भाव का चंद्रमा अपने आप में प्रतिकूल है (धन के मामले), लेकिन आपसे सातवें भाव में सूर्य और गुरु होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: रविवार 2 अगस्त, दोपहर 3:27 बजे

  3. मंगल? वृषभ · पाँचवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पाँचवें भाव का मंगल धैर्य माँगता है (संतान की ज़रूरतें और सेहत): संतान को समय दें और दिनचर्या नियमित रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: रविवार 2 अगस्त, रात 10:51 बजे

  4. बुध? मिथुन · छठा भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में छठे भाव के बुध को सहायक माना गया है (सफलता और प्रतिष्ठा), लेकिन आपसे नौवें भाव में शुक्र होने से वेध बनता है, इसलिए 1 अगस्त को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: बुधवार 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे

  5. गुरु? कर्क · सातवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में सातवें भाव के गुरु को सहायक माना गया है (जीवनसाथी की प्रसन्नता, सुख और अच्छी यात्राएँ), लेकिन आपसे तीसरे भाव में शनि होने से वेध बनता है, और गुरु सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए 1 अगस्त को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे

  6. शुक्र? कन्या · नौवाँ भाव सहायता मंद?

    शास्त्र में नौवें भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (प्रसन्नता और धन), लेकिन शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 2 सितंबर, दोपहर 1:45 बजे

  7. शनि? मीन · तीसरा भाव सहायक?

    शास्त्र में तीसरे भाव के शनि को सहायक माना गया है (प्रतिष्ठा, सहयोगी और लाभ)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे

  8. राहु? कुंभ · दूसरा भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार दूसरे भाव का राहु धैर्य माँगता है (धन के मामले): खर्च पर नज़र रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

  9. केतु? सिंह · आठवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का केतु धैर्य माँगता है: हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

दिन का दूसरा हिस्सा: सुबह 9:28 बजे तक

  1. बुध? मिथुन · छठा भाव सहायक?

    शास्त्र में छठे भाव के बुध को सहायक माना गया है (सफलता और प्रतिष्ठा)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: बुधवार 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे

  2. शुक्र? सिंह · आठवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में आठवें भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (धन और सुख-सुविधाएँ), लेकिन आपसे पाँचवें भाव में मंगल होने से वेध बनता है, और शुक्र सिंह में है, जिसके स्वामी सूर्य से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए 1 अगस्त को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: सुबह 9:28 बजे

मकर के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 1, मिले-जुले 1, धैर्य माँगने वाले 2।

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अगले 30 दिनों में मकर राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

आज के बदलाव

1 अगस्त को सुबह 9:28 बजे: शुक्र कन्या राशि में, यानी आपसे नौवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में नौवें भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (प्रसन्नता और धन), लेकिन शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

रविवार 2 अगस्त, रात 10:51 बजे: मंगल मिथुन राशि में, यानी आपसे छठे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में छठे भाव के मंगल को सहायक माना गया है (विवादों का सुलझना, अच्छी सेहत और लाभ), लेकिन मंगल मिथुन में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

बुधवार 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे: बुध कर्क राशि में, यानी आपसे सातवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का बुध धैर्य माँगता है (आपसी खिंचाव): मधुरता से बोलें और पहले सुनें।

10 अगस्त, सुबह 7:53 बजे: गुरु कर्क में, आपसे सातवें भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

14 अगस्त, रात 1:28 बजे: बुध कर्क में, आपसे सातवें भाव में, सूर्य के निकट आकर अस्त होते हैं।

17 अगस्त, सुबह 7:59 बजे: सूर्य सिंह राशि में, यानी आपसे आठवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है, लेकिन सिंह इसकी स्वराशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता, इसलिए इसे नरम गिना गया है।

22 अगस्त, शाम 7:32 बजे: बुध सिंह राशि में, यानी आपसे आठवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में आठवें भाव के बुध को सहायक माना गया है (संतान और लाभ), लेकिन बुध सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मकर राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

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अगले दिन का मकर राशिफल, 2 अगस्त

कल (रविवार, 2 अगस्त): दोपहर 3:27 बजे तक चंद्रमा आपसे दूसरे भाव में है, जो शास्त्र में वाम वेध से सहायक गिना गया है, पर कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद है; रात 10:51 बजे मंगल मिथुन राशि में, यानी आपसे छठे भाव में प्रवेश करते हैं।

2 अगस्त का पूरा राशिफल देखें

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मकर राशि के बारे में: स्वामी शनि, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
शनिबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
हिरण के मुख वाला मकर (जल-जीव)बृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
चरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
दक्षिणबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
पृष्ठोदय: पीठ की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
रात में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
घुटनेबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
270° से 300°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
उत्तराषाढ़ा 2–4; श्रवण 1–4; धनिष्ठा 1–2बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
भो जा जी खी खू खे खो गा गीअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
मकर में मंगल उच्च और गुरु नीच होते हैं।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

मकर राशि से जुड़े सवाल

मकर राशि का स्वामी कौन है?

मकर के स्वामी शनि 1 अगस्त को मीन में है, मकर से तीसरे भाव में, 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में मकर के स्वामी शनि हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। शनि कुंभ के भी स्वामी हैं।

मकर राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

1 अगस्त को चंद्रमा कुंभ में है; 25 अगस्त, रात 3:06 बजे यह फिर मकर में आएगा और 27 अगस्त, दोपहर 1:36 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि मकर होती है। मकर के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: भो, जा, जी (उत्तराषाढ़ा 2–4); खी, खू, खे, खो (श्रवण 1–4); गा, गी (धनिष्ठा 1–2)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि मकर है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

मकर राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

1 अगस्त को चंद्रमा शतभिषा में है; 25 अगस्त, रात 3:06 बजे यह मकर के पहले चरण, उत्तराषाढ़ा चरण 2, में पहुँचेगा। मकर निरयण राशिचक्र में 270° से 300° तक है: उत्तराषाढ़ा के चरण 2 से 4, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के चरण 1 और 2, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि मकर है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

मकर राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें स्थिर और सात्त्विक स्वभाव वाला, लोगों का प्रिय, और कविता तथा शब्दों में प्रतिभाशाली बताया गया है; वे पैसे के मामले में सावधान, यात्रा-प्रेमी, अपनी गति से चलने वाले और ठंड कम पसंद करने वाले बताए गए हैं। ग्रंथ उन्हें सुंदर आँखों वाला भी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.10, सारावली 23.65 और होरासार 29.10 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, मकर और इसके स्वामी शनि, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

मकर राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

मकर पर 1 अगस्त को न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि मीन में है, मकर से तीसरे भाव में। मकर पर अगली ढैया (शनि चौथे भाव में) 3 जून 2027 से 17 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

मकर राशि का समय कब बदलेगा?

31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे गुरु सिंह में जाते हैं, मकर से आठवें भाव में; 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे राहु मकर में और केतु कर्क में जाते हैं, मकर से पहले और सातवें भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 5 दिसंबर को); 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे शनि मेष में जाते हैं, मकर से चौथे भाव में। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव मकर की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

मकर राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

1 अगस्त को शाम 4:44 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में सिंह 9°14′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में कर्क 15°00′ में। अंग्रेज़ी में मकर को Capricorn कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Capricorn है, उसकी राशि मकर हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

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सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायक
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र अनुकूल भाव में मानते हैं, और जिसे कोई रोक नहीं रहा।
वेध से रुका
अनुकूल गोचर, जिसे उसके वेध भाव में बैठा दूसरा ग्रह रोक रहा है।
सहायता मंद
अनुकूल गोचर, जिसका ग्रह नीच, अमित्र राशि में या सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए उसकी सहायता मंद मानी गई है।
मिला-जुला
संकेत दोनों ओर जाते हैं (स्वराशि या उच्च राशि, पर सूर्य के निकट), या सहायक चंद्रमा की राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हैं, इसलिए यह गोचर न सहायक गिना गया, न धैर्य का समय।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
मिला-जुला
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा वेध से रुका, मंद या नरम हो, या उसकी राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वेध
जब अनुकूल गोचर के जोड़ीदार भाव में दूसरा ग्रह हो, तो वह गोचर रुक जाता है (फलदीपिका 26.3–8)।
वाम वेध (विपरीत वेध)
धैर्य माँगने वाला गोचर तब सहायक गिना जाता है जब उसके जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह हो (मुहूर्त चिंतामणि 4.4; नारद संहिता 12.8)।
चंद्रमा का साथ
चंद्रमा की राशि में बैठे ग्रह; वहाँ सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों तो सहायक चंद्रमा की सहायता मंद मानी जाती है (मुहूर्त चिंतामणि 4.7; बृहत्संहिता 104.56)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
अस्त
सूर्य की चमक में छिपा ग्रह; अनुकूल भाव में इसकी सहायता मंद (फलदीपिका 26.32)। गुरु और शुक्र: जब तक भारत के संदर्भ अक्षांश 23°11′ उत्तर (भारतीय खगोलीय पंचांग) से न दिखें; मंगल, बुध और शनि ग्रंथों के अंशों से (सूर्य सिद्धांत 9.6–9.8)।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
नीच
उच्च राशि के सामने की राशि, जहाँ ग्रह सबसे निर्बल होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
स्वराशि
वह राशि जिसका स्वामी स्वयं वह ग्रह है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
अमित्र राशि
ऐसी राशि जिसके स्वामी से ग्रह का नैसर्गिक विरोध है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

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