चंद्रमा 25% प्रकाशित, कृष्ण पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: कृष्ण एकादशी · कल सुबह 10:36 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी क्षण के लिए NASA JPL डेटा से गणना।

वह शहर चुनें जहाँ आप अभी रहते हैं।

राशिफल

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

सोमवार, 24 जनवरी 2028 का मीन राशिफल — Meen Rashifal

सोमवार, 24 जनवरी 2028

मीन राशि के तारे, 24 जनवरी के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

कुंभमीनमेषपूर्वा भाद्रपदउत्तरा भाद्रपदरेवतीअश्विनीक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमपूर्वा भाद्रपद: Markabउत्तरा भाद्रपद: Algenibरेवती: ζ Pisciumशनि

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा धनु में है, इस मानचित्र से बाहर; रविवार 30 जनवरी, रात 10:18 बजे यह फिर मीन राशि में आएगा और 2 फ़रवरी, सुबह 9:58 बजे तक रहेगा। इस मानचित्र पर ये भी हैं: शनि मीन में।

मीन राशि को पहला भाव मानकर: 24 जनवरी को नौ ग्रह कहाँ हैं

12श 27°1234के 8°56गु 3°व789चं 13°10सू 9°मं 21°बु 25°रा 8°11शु 18°

हर भाव मीन राशि से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का मीन राशि का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

मीन राशि, 24 जनवरी को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में है (साथ); 9 ग्रहों में से 3 ग्रह साथ, 6 ध्यान माँगते हैं।

लाल किला, दिल्ली, भारत · IST (Asia/Kolkata) ·

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

मीन राशि के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • पूर्वा भाद्रपद 320°00′ से 333°20′ योगतारा: Markab (α Pegasi)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • उत्तरा भाद्रपद 333°20′ से 346°40′ योगतारा: Algenib (γ Pegasi)। स्रोत: कैलेंडर सुधार समिति 1955 और बर्जेस और ह्विटनी 1860। पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807 में यह α Andromedae है। यहाँ स्रोत अलग हैं। 1955 की कैलेंडर सुधार समिति, जिसका लाहिड़ी अयनांश यह साइट उपयोग करती है, का दिया तारा चिह्नित है; दूसरा पाठ साथ में दिया गया है।
  • रेवती 346°40′ से 360°00′ योगतारा: रेवती (ζ Piscium)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • अश्विनी 0°00′ से 13°20′ योगतारा: Sheratan (β Arietis) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कोलब्रुक 1807 में यह α Arietis है।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, पाँचवाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि · सोमवार, 24 जनवरी 2028

24 जनवरी का मीन राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

मीन राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। मीन बारह राशियों में बारहवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 330° से 360° तक, और इसके स्वामी गुरु हैं; इसमें पूर्वा भाद्रपद का चरण 4, उत्तरा भाद्रपद के चारों चरण और रेवती के चारों चरण आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Pisces कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, मीन राशि से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

9 ग्रहों में से 3 साथ · 6 ध्यान

दिन का मुख्य ग्रह: चंद्रमा (साथ सूची में)।

चंद्रमा धनु में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में, मंगलवार 25 जनवरी, रात 8:41 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सफलता और सहजता।

शुक्र कुंभ में, आपसे बारहवें भाव (व्यय, विदेश और मोक्ष) में, 2 फ़रवरी, शाम 6:25 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव।

राहु मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 24 मई, दोपहर 3:08 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सौभाग्य और लाभ।

सूर्य मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, 13 फ़रवरी, शाम 4:23 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन सूर्य मकर में है, जिसके स्वामी शनि से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: प्रतिष्ठा, सम्मान, लाभ और सेहत में सुधार।

मंगल मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, 3 फ़रवरी, दोपहर 3:44 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन मंगल अपनी उच्च राशि मकर में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी; शास्त्रीय फल: लाभ, प्रतिष्ठा और अच्छी सेहत।

बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, 9 मार्च, सुबह 10:07 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन आपसे बारहवें भाव में शुक्र होने से वेध बनता है, इसलिए इसकी सहायता रुकी हुई है; शास्त्रीय फल: उन्नति, लाभ और मित्र।

गुरु कन्या में, आपसे सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, 28 फ़रवरी, शाम 7:17 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन गुरु कन्या में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: जीवनसाथी की प्रसन्नता, सुख और अच्छी यात्राएँ।

शनि मीन में, आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में, 23 फ़रवरी, शाम 7:24 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: सेहत और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ।

केतु कर्क में, आपसे पाँचवें भाव (संतान, विद्या और बुद्धि) में, 24 मई, दोपहर 3:08 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: मन की उदासी।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

काम और धन: चंद्रमा, राहु और शुक्र साथ देते हैं; सूर्य, मंगल और बुध ध्यान माँगते हैं।

चंद्रमा धनु में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में, मंगलवार 25 जनवरी, रात 8:41 बजे तक: शास्त्र में काम में सफलता के लिए अनुकूल।

राहु मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 24 मई, दोपहर 3:08 बजे तक: शास्त्र में लाभ के लिए अनुकूल।

शुक्र कुंभ में, आपसे बारहवें भाव (व्यय, विदेश और मोक्ष) में, 2 फ़रवरी, शाम 6:25 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; काम और धन के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

सूर्य मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 13 फ़रवरी, शाम 4:23 बजे तक: शास्त्र में प्रतिष्ठा, सम्मान और लाभ के लिए अनुकूल, लेकिन सूर्य मकर में है, जिसके स्वामी शनि से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मंगल मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 3 फ़रवरी, दोपहर 3:44 बजे तक: शास्त्र में लाभ और प्रतिष्ठा के लिए अनुकूल, लेकिन मंगल अपनी उच्च राशि मकर में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी।

बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 9 मार्च, सुबह 10:07 बजे तक: शास्त्र में उन्नति और लाभ के लिए अनुकूल, लेकिन आपसे बारहवें भाव में शुक्र होने से वेध बनता है, इसलिए इसकी सहायता रुकी हुई है।

प्रेम और परिवार?

प्रेम और परिवार: गुरु ध्यान माँगता है।

गुरु कन्या में, आपसे सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, 28 फ़रवरी, शाम 7:17 बजे तक: शास्त्र में जीवनसाथी की प्रसन्नता के लिए अनुकूल, लेकिन गुरु कन्या में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

सेहत?

सेहत: शनि ध्यान माँगता है।

शनि मीन में, आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में, 23 फ़रवरी, शाम 7:24 बजे तक: शास्त्र में सेहत के लिए अनुकूल नहीं।

मीन के लिए 24 जनवरी को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (मंगलवार 25 जनवरी, रात 8:41 बजे तक): चंद्रमा धनु में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में; चंद्रबल है।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

मीन राशि के लिए अगला चंद्राष्टम: 15 फ़रवरी, रात 1:45 बजे से 17 फ़रवरी, सुबह 6:27 बजे तक।

मीन राशि के नक्षत्रों का ताराबल

पूर्वा भाद्रपद (चरण 4): सुबह 11:28 बजे तक क्षेम तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

पूर्वा भाद्रपद (चरण 4): सुबह 11:28 बजे से प्रत्यरि तारा: नौ की तीसरी आवृत्ति में, नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.13); प्रचलित पंचांग सारणी में यह नए काम के लिए नहीं ली जाती।

उत्तरा भाद्रपद (चरण 1–4): सुबह 11:28 बजे तक विपत तारा: नौ की तीसरी आवृत्ति में, नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.13); प्रचलित पंचांग सारणी में यह नए काम के लिए नहीं ली जाती।

उत्तरा भाद्रपद (चरण 1–4): सुबह 11:28 बजे से क्षेम तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

रेवती (चरण 1–4): सुबह 11:28 बजे तक संपत तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

रेवती (चरण 1–4): सुबह 11:28 बजे से विपत तारा: नौ की तीसरी आवृत्ति में, नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.13); प्रचलित पंचांग सारणी में यह नए काम के लिए नहीं ली जाती।

दिल्ली में आपके सहायक समय

पंचांग के 4 समय, इस राशि के अच्छे चंद्रबल के भीतर

सुबह 4:29 बजे से सुबह 8:33 बजे तक: अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

दोपहर 12:33 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक: अभिजित मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

दोपहर 2:20 बजे से दोपहर 3:02 बजे तक: विजय मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

शाम 4:33 बजे से शाम 5:53 बजे तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सहायक समय क्या हैं?

दिल्ली में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

सुबह 4:29 बजे से सुबह 8:33 बजे तक · दोपहर 12:33 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक · दोपहर 2:20 बजे से दोपहर 3:02 बजे तक · शाम 4:33 बजे से शाम 5:53 बजे तक

व्हाट्सऐप पर भेजें

इस पेज का हर समय IST (Asia/Kolkata) में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय दिल्ली के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

मीन राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

साढ़ेसाती चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में शनि का गोचर है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया चंद्र राशि से चौथी या आठवीं राशि में शनि का गोचर है, लगभग ढाई वर्ष।

मीन के लिए साढ़ेसाती का दूसरा चरण: शनि मीन में, यानी आपसे पहले भाव में, 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक हैं। पूरी साढ़ेसाती 29 अप्रैल 2022 से 17 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 12 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2023 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक विराम के साथ। परंपरा में यह समय निरंतर प्रयास, अनुशासन और सेहत की देखभाल का फल देता है।

इस ठहराव में शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव मीन के अंतिम तिहाई भाग में सबसे अधिक माना गया है: 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक।

शनि नौ ग्रहों में से एक है: आपसे पहले भाव के शनि का फल और बाकी आठ ग्रह नीचे की तालिका में हैं।

मीन राशि पर अगली ढैया (चौथा भाव) 31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक है।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: मीन राशि से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · पूरे दिन

  1. सूर्य? मकर · ग्यारहवाँ भाव ध्यान: मकर, अमित्र राशि?

    सूर्य मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 13 फ़रवरी, शाम 4:23 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन सूर्य मकर में है, जिसके स्वामी शनि से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: प्रतिष्ठा, सम्मान, लाभ और सेहत में सुधार।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 13 फ़रवरी, शाम 4:23 बजे

  2. चंद्र? धनु · दसवाँ भाव साथ?

    चंद्रमा धनु में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में, मंगलवार 25 जनवरी, रात 8:41 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सफलता और सहजता।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: मंगलवार 25 जनवरी, रात 8:41 बजे

  3. मंगल? मकर · ग्यारहवाँ भाव ध्यान: अस्त; मकर, उच्च राशि?

    मंगल मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 3 फ़रवरी, दोपहर 3:44 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन मंगल अपनी उच्च राशि मकर में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी; शास्त्रीय फल: लाभ, प्रतिष्ठा और अच्छी सेहत।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 3 फ़रवरी, दोपहर 3:44 बजे

  4. बुध? मकर · ग्यारहवाँ भाव ध्यान: वेध: आपसे बारहवें भाव में शुक्र?

    बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, 9 मार्च, सुबह 10:07 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन आपसे बारहवें भाव में शुक्र होने से वेध बनता है, इसलिए इसकी सहायता रुकी हुई है; शास्त्रीय फल: उन्नति, लाभ और मित्र।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 9 मार्च, सुबह 10:07 बजे

  5. गुरु? कन्या · सातवाँ भाव ध्यान: कन्या, अमित्र राशि?

    गुरु कन्या में, आपसे सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, 28 फ़रवरी, शाम 7:17 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन गुरु कन्या में है, जिसके स्वामी बुध से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: जीवनसाथी की प्रसन्नता, सुख और अच्छी यात्राएँ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 28 फ़रवरी, शाम 7:17 बजे

  6. शुक्र? कुंभ · बारहवाँ भाव साथ?

    शुक्र कुंभ में, आपसे बारहवें भाव (व्यय, विदेश और मोक्ष) में, 2 फ़रवरी, शाम 6:25 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 2 फ़रवरी, शाम 6:25 बजे

  7. शनि? मीन · पहला भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    शनि मीन में, आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में, 23 फ़रवरी, शाम 7:24 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: सेहत और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 23 फ़रवरी, शाम 7:24 बजे

  8. राहु? मकर · ग्यारहवाँ भाव साथ?

    राहु मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 24 मई, दोपहर 3:08 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सौभाग्य और लाभ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 24 मई, दोपहर 3:08 बजे

  9. केतु? कर्क · पाँचवाँ भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    केतु कर्क में, आपसे पाँचवें भाव (संतान, विद्या और बुद्धि) में, 24 मई, दोपहर 3:08 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: मन की उदासी।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 24 मई, दोपहर 3:08 बजे

मीन राशि के लिए 4 धीमे ग्रहों (गुरु, शनि, राहु और केतु) में से 1 साथ, 3 ध्यान माँगते हैं।

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

अगले 30 दिनों में मीन राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

आज के बदलाव

24 जनवरी को शाम 4:32 बजे: बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, वक्री होते हैं।

गुरुवार 27 जनवरी, दोपहर 1:43 बजे: बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, सूर्य के निकट आकर अस्त होते हैं।

2 फ़रवरी, शाम 6:25 बजे: शुक्र मीन राशि में, यानी आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सुख-सुविधाएँ और आनंद।

3 फ़रवरी, दोपहर 3:44 बजे: मंगल कुंभ राशि में, यानी आपसे बारहवें भाव (व्यय, विदेश और मोक्ष) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: खर्च और सेहत।

8 फ़रवरी, सुबह 5:44 बजे: बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

13 फ़रवरी, शाम 4:23 बजे: सूर्य कुंभ राशि में, यानी आपसे बारहवें भाव (व्यय, विदेश और मोक्ष) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं।

14 फ़रवरी, शाम 6:08 बजे: बुध मकर में, आपसे ग्यारहवें भाव में, मार्गी होते हैं।

मीन राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

अगले दिन का मीन राशिफल, 25 जनवरी

कल (मंगलवार, 25 जनवरी): रात 8:41 बजे तक चंद्रमा धनु में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में है: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: सफलता और सहजता।

25 जनवरी का पूरा राशिफल देखें

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

मीन राशि के बारे में: स्वामी गुरु, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
गुरुबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
दो मछलियाँ, एक का मुख दूसरी की पूँछ की ओरबृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
द्विस्वभावबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
उत्तरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
उभयोदय: दोनों ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
दिन में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
पैरबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
330° से 360°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
पूर्वा भाद्रपद 4; उत्तरा भाद्रपद 1–4; रेवती 1–4बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
दी दू थ झ ञ दे दो चा चीअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
मीन राशि में शुक्र उच्च और बुध नीच होते हैं।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

मीन राशि से जुड़े सवाल

मीन राशि का स्वामी कौन है?

मीन राशि के स्वामी गुरु 24 जनवरी को कन्या में है, मीन राशि से सातवें भाव में, 28 फ़रवरी, शाम 7:17 बजे तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में मीन राशि के स्वामी गुरु हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। गुरु धनु राशि के भी स्वामी हैं।

मीन राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

24 जनवरी को चंद्रमा धनु में है; रविवार 30 जनवरी, रात 10:18 बजे यह फिर मीन राशि में आएगा और 2 फ़रवरी, सुबह 9:58 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि मीन होती है। मीन राशि के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: दी (पूर्वा भाद्रपद 4); दू, थ, झ, ञ (उत्तरा भाद्रपद 1–4); दे, दो, चा, ची (रेवती 1–4)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि मीन है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

मीन राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

24 जनवरी को चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा में है; रविवार 30 जनवरी, रात 10:18 बजे यह मीन राशि के पहले चरण, पूर्वा भाद्रपद चरण 4, में पहुँचेगा। मीन निरयण राशिचक्र में 330° से 360° तक है: पूर्वा भाद्रपद का चरण 4, उत्तरा भाद्रपद के चारों चरण और रेवती के चारों चरण, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि मीन है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

मीन राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें विद्वान, सुंदर और सुडौल, विरोध करने वालों के साथ भी बात बना लेने वाला, और जल तथा समुद्र की ओर आकर्षित बताया गया है; ग्रंथ उन्हें बड़े सिर वाला भी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.12, सारावली 23.79 और होरासार 29.12 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, मीन और इसके स्वामी गुरु, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

मीन राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

मीन राशि पर 24 जनवरी को साढ़ेसाती चल रही है, इसका दूसरा चरण: शनि मीन में है, यानी मीन राशि से पहले भाव में। यह 29 अप्रैल 2022 को शुरू हुई और शनि के अंतिम निकास के साथ 17 अप्रैल 2030 को पूरी होती है, बीच में 12 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2023 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। मीन राशि पर अगली ढैया (चौथा भाव) 31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक है। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

मीन राशि का समय कब बदलेगा?

23 फ़रवरी, शाम 7:24 बजे शनि मेष में जाते हैं, मीन राशि से दूसरे भाव में; 28 फ़रवरी, शाम 7:17 बजे गुरु सिंह में जाते हैं, मीन राशि से छठे भाव में; 24 मई, दोपहर 3:08 बजे राहु धनु में और केतु मिथुन में जाते हैं, मीन राशि से दसवें और चौथे भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 24 जून को)। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव मीन राशि की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

मीन राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

24 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में कुंभ 3°47′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में मकर 9°32′ में। अंग्रेज़ी में मीन को Pisces कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Pisces है, उसकी राशि मीन हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

27
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
ध्यान: दोनों तथ्य
स्वराशि या उच्च राशि के साथ सूर्य के निकट (अस्त): कोई ग्रंथ एक को दूसरे से ऊपर नहीं रखता, इसलिए दोनों तथ्य दिखाए गए हैं; या अनुकूल चंद्रमा की राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु (मुहूर्त चिंतामणि 4.7)।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वेध
जब अनुकूल गोचर के जोड़ीदार भाव में दूसरा ग्रह हो, तो वह गोचर रुक जाता है (फलदीपिका 26.3–8)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में यह अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
साढ़ेसाती
आपकी चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि का लगभग साढ़े सात वर्ष का भ्रमण; नाम आज कई पंचांग देते हैं, भाव फलदीपिका ग्रंथ 26.22–23 में हैं।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
चंद्रबल के भीतर पंचांग के समय
अभिजित, अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त, विजय या लाभ, शुभ या अमृत चौघड़िया, जो राहु काल, यमगंड, दुर्मुहूर्त, वर्ज्य और भद्रा से बाहर हों, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें या ग्यारहवें भाव में हो।
अमित्र राशि
ऐसी राशि जिसके स्वामी से ग्रह का नैसर्गिक विरोध है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
साथ देने वाली बातें
ऐसे ग्रह जिनका भाव शास्त्र में अनुकूल है और जिन्हें कोई रोक नहीं रहा, या जिन्हें वाम वेध से सहायक गिना गया (मुहूर्त चिंतामणि 4.4)।
धैर्य रखने वाली बातें
बाकी हर ग्रह, उस तथ्य के साथ जो उसे यहाँ रखता है: शास्त्र में अनुकूल न गिना गया भाव, वेध, नीच या अमित्र राशि, अस्त, प्रतिकूल भाव में स्वराशि या उच्च राशि, चंद्रमा का साथ, या चंद्राष्टम।
भाव का अर्थ
हर भाव किस विषय का है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11): पहला देह और स्वयं, दूसरा परिवार, धन और वाणी, तीसरा पराक्रम और भाई-बहन, चौथा माता, घर और सुख, पाँचवाँ संतान, विद्या और बुद्धि, छठा स्वास्थ्य, नौकरी और प्रतियोगिता, सातवाँ विवाह और साझेदारी, आठवाँ शोध और गुप्त विषय, नौवाँ भाग्य, धर्म और पिता, दसवाँ करियर और कर्म, ग्यारहवाँ लाभ और मित्र, बारहवाँ व्यय, विदेश और मोक्ष।

OfficialAstrology™

राशि शुरुआत है, पूरी बात आपकी जन्मपत्रिका बताती है।

राशिफल एक चंद्र राशि वाले सभी लोगों का दिन बताता है। आपकी जन्मपत्रिका दिन को केवल आपके लिए पढ़ती है: आपका लग्न, आपकी दशा और हर ग्रह का भाव।

मेरी जन्मपत्रिका पाएँ