चंद्रमा 86% प्रकाशित, शुक्ल पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: शुक्ल द्वादशी · कल दोपहर 2:36 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी क्षण के लिए NASA JPL डेटा से गणना।
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राशिफल

दैनिक मेष राशिफल · चंद्र राशि

गुरुवार, 19 नवंबर 2026 का मेष राशिफल — Mesh Rashifal

गुरुवार, 19 नवंबर 2026

मेष राशि के तारे, 19 नवंबर के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

मीनमेषवृषभरेवतीअश्विनीभरणीकृत्तिकाक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमरेवती: ζ Pisciumअश्विनी: Sheratanभरणी: 35 ArietisHamalAlgolMenkar

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा कुंभ में है, इस मानचित्र से बाहर; रविवार 22 नवंबर, सुबह 5:55 बजे यह फिर मेष में आएगा और मंगलवार 24 नवंबर, सुबह 7:25 बजे तक रहेगा।

मेष को पहला भाव मानकर: 19 नवंबर को नौ ग्रह कहाँ हैं

12345मं 2°गु 1°के 0°6शु 29°7बु 13°8सू 2°91011चं 23°रा 0°12श 14°व

हर भाव मेष से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का मेष का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

मेष, 19 नवंबर को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे ग्यारहवें भाव में है, जो शास्त्र में सहायक है, पर सूर्य के वेध से रुका हुआ है।

नई दिल्ली, दिल्ली, भारत · IST (Asia/Kolkata) · · Columbus के समय देखें

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

मेष के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • रेवती 346°40′ से 360°00′ योगतारा: रेवती (ζ Piscium)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • अश्विनी 0°00′ से 13°20′ योगतारा: Sheratan (β Arietis)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कोलब्रुक 1807 में यह α Arietis है।
  • भरणी 13°20′ से 26°40′ योगतारा: 35 Arietis। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कैलेंडर सुधार समिति 1955 में यह 41 Arietis है।
  • कृत्तिका 26°40′ से 40°00′ योगतारा: Alcyone (η Tauri) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक मेष राशिफल · चंद्र राशि · गुरुवार, 19 नवंबर 2026

19 नवंबर का मेष राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

मेष राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। मेष बारह राशियों में पहली राशि है, निरयण राशिचक्र में 0° से 30° तक, और इसके स्वामी मंगल हैं; इसमें अश्विनी के चारों चरण, भरणी के चारों चरण और कृत्तिका का चरण 1 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Aries कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, मेष से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

मिला-जुला?

गुरुवार, 19 नवंबर: पूरे दिन (शुक्रवार 20 नवंबर, रात 12:50 बजे तक) चंद्रमा कुंभ में है, जो मेष से ग्यारहवीं राशि है। शास्त्र में ग्यारहवें भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (लाभ और मित्र), लेकिन आपसे आठवें भाव में सूर्य होने से वेध बनता है, इसलिए 19 नवंबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

मिला-जुला। हमारी गिनती में 19 नवंबर को मेष के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 2, मिले-जुले 3 और धैर्य माँगने वाले 4; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

कल से कोई बदलाव नहीं: चंद्रमा मंगलवार 17 नवंबर, दोपहर 3:31 बजे से कुंभ में, यानी आपसे ग्यारहवें भाव में है, और कल या 19 नवंबर को किसी ग्रह की राशि, चाल या अस्त-उदय की स्थिति नहीं बदली।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में ग्यारहवें भाव के चंद्रमा को लाभ के लिए अनुकूल माना गया है, लेकिन आपसे आठवें भाव में सूर्य होने से वेध बनता है, इसलिए 19 नवंबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

प्रेम और परिवार?

शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का बुध रिश्तों पर ध्यान माँगता है: मधुरता से बोलें और पहले सुनें।

सेहत?

शास्त्र के अनुसार छठे भाव का शुक्र अपने आप में सेहत के लिए प्रतिकूल है, लेकिन आपसे बारहवें भाव में शनि होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मेष के लिए 19 नवंबर को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (शुक्रवार 20 नवंबर, रात 12:50 बजे तक): चंद्रमा कुंभ में, आपसे ग्यारहवें भाव में; सहायक।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

पूरे दिन चंद्रमा कुंभ में राहु के साथ है।

मेष के लिए अगला चंद्राष्टम: 7 दिसंबर, सुबह 9:14 बजे से 9 दिसंबर, रात 9:01 बजे तक।

मेष राशि के नक्षत्रों का ताराबल

अश्विनी (चरण 1–4): सुबह 6:11 बजे तक साधक तारा, नए काम के लिए अच्छी।

अश्विनी (चरण 1–4): सुबह 6:11 बजे से वध तारा, मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार नए काम के लिए अच्छी (प्रचलित पंचांग सारणी: अच्छी नहीं)।

भरणी (चरण 1–4): सुबह 6:11 बजे तक प्रत्यरि तारा, मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार नए काम के लिए अच्छी (प्रचलित पंचांग सारणी: अच्छी नहीं)।

भरणी (चरण 1–4): सुबह 6:11 बजे से साधक तारा, नए काम के लिए अच्छी।

कृत्तिका (चरण 1): सुबह 6:11 बजे तक क्षेम तारा, नए काम के लिए अच्छी।

कृत्तिका (चरण 1): सुबह 6:11 बजे से प्रत्यरि तारा, मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार नए काम के लिए अच्छी (प्रचलित पंचांग सारणी: अच्छी नहीं)।

नई दिल्ली में आपके सहायक समय

पंचांग के 5 समय, इस राशि के अच्छे चंद्रबल के भीतर

रात 12:00 बजे से रात 12:12 बजे तक: अमृत काल, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 5:00 बजे से सुबह 5:53 बजे तक: ब्रह्म मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक: अभिजित मुहूर्त और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

शाम 5:26 बजे से शाम 7:06 बजे तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

रात 10:41 बजे से शुक्रवार 20 नवंबर, रात 12:00 बजे तक: अमृत काल, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सहायक समय क्या हैं?

नई दिल्ली में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 12:00 बजे से रात 12:12 बजे तक · सुबह 5:00 बजे से सुबह 5:53 बजे तक · सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक · शाम 5:26 बजे से शाम 7:06 बजे तक · रात 10:41 बजे से शुक्रवार 20 नवंबर, रात 12:00 बजे तक

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इस पेज का हर समय IST (Asia/Kolkata) में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय नई दिल्ली के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक मेष राशिफल · चंद्र राशि

मेष राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

मेष के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण: शनि मीन में, यानी आपसे बारहवें भाव में, 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक हैं। पूरी साढ़ेसाती 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक है। परंपरा में यह समय निरंतर प्रयास, अनुशासन और सेहत की देखभाल का फल देता है।

इस ठहराव में शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव मीन के अंतिम तिहाई भाग में सबसे अधिक माना गया है: 2 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक और 11 मार्च 2027 से 3 जून 2027 तक।

शनि नौ ग्रहों में से एक है: आपसे बारहवें भाव के शनि का फल और बाकी आठ ग्रह नीचे की तालिका में हैं।

मेष पर अगली ढैया (कंटक, शनि चौथे भाव में) 13 जुलाई 2034 से 27 अगस्त 2036 तक है।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक मेष राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: मेष से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · पूरे दिन

  1. सूर्य? वृश्चिक · आठवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है: बड़े निर्णय धीरे-धीरे लें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 16 दिसंबर, सुबह 10:25 बजे

  2. चंद्र? कुंभ · ग्यारहवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में ग्यारहवें भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (लाभ और मित्र), लेकिन आपसे आठवें भाव में सूर्य होने से वेध बनता है, इसलिए 19 नवंबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: शुक्रवार 20 नवंबर, रात 12:50 बजे

  3. मंगल? सिंह · पाँचवाँ भाव सहायक (वाम वेध)?

    शास्त्र के अनुसार पाँचवें भाव का मंगल अपने आप में प्रतिकूल है (संतान की ज़रूरतें और सेहत), लेकिन आपसे ग्यारहवें भाव में चंद्रमा होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, इसलिए इसे सहायक गिना गया है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 10 मार्च 2027, रात 12:13 बजे

  4. बुध? तुला · सातवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का बुध धैर्य माँगता है (आपसी खिंचाव): मधुरता से बोलें और पहले सुनें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 2 दिसंबर, शाम 5:28 बजे

  5. गुरु? सिंह · पाँचवाँ भाव सहायक?

    शास्त्र में पाँचवें भाव के गुरु को सहायक माना गया है (संतान, समृद्धि और सद्भाव)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 25 जनवरी 2027, रात 1:31 बजे

  6. शुक्र? कन्या · छठा भाव सहायता मंद?

    शास्त्र के अनुसार छठे भाव का शुक्र अपने आप में प्रतिकूल है (रुकावटें और सेहत), लेकिन आपसे बारहवें भाव में शनि होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: रविवार 22 नवंबर, शाम 5:21 बजे

  7. शनि? मीन · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का शनि धैर्य माँगता है (मन की उदासी): खुद को आराम दें और दिनचर्या सरल रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे

  8. राहु? कुंभ · ग्यारहवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में ग्यारहवें भाव के राहु को सहायक माना गया है (सौभाग्य और लाभ), लेकिन आपसे पाँचवें भाव में मंगल और गुरु होने से वेध बनता है, इसलिए 19 नवंबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: बुधवार 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

  9. केतु? सिंह · पाँचवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पाँचवें भाव का केतु धैर्य माँगता है (मन की उदासी): मन को आराम दें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: बुधवार 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

मेष के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 1, मिले-जुले 1, धैर्य माँगने वाले 2।

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अगले 30 दिनों में मेष राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

रविवार 22 नवंबर, शाम 5:21 बजे: शुक्र तुला राशि में, यानी आपसे सातवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का शुक्र धैर्य माँगता है (रिश्तों में खिंचाव), लेकिन तुला इसकी स्वराशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता, इसलिए इसे नरम गिना गया है।

बुधवार 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे: राहु मकर राशि में, यानी आपसे दसवें भाव में प्रवेश करते हैं (मध्यम राहु-केतु की गणना से: 5 दिसंबर)। शास्त्र के अनुसार दसवें भाव में राहु होने से यह धैर्य का समय है: हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

बुधवार 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे: केतु कर्क राशि में, यानी आपसे चौथे भाव में प्रवेश करते हैं (मध्यम राहु-केतु की गणना से: 5 दिसंबर)। शास्त्र के अनुसार चौथे भाव का केतु धैर्य माँगता है (बेचैनी): घर की दिनचर्या शांत रखें।

2 दिसंबर, शाम 5:28 बजे: बुध वृश्चिक राशि में, यानी आपसे आठवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में आठवें भाव के बुध को सहायक माना गया है (संतान और लाभ)।

7 दिसंबर, रात 12:55 बजे: बुध वृश्चिक में, आपसे आठवें भाव में, सूर्य के निकट आकर अस्त होते हैं।

11 दिसंबर: शनि मीन में, आपसे बारहवें भाव में, मार्गी होते हैं।

13 दिसंबर: गुरु सिंह में, आपसे पाँचवें भाव में, वक्री होते हैं।

16 दिसंबर, सुबह 10:25 बजे: सूर्य धनु राशि में, यानी आपसे नौवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार नौवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (रुकावटें और मन की थकान): योजनाओं को अतिरिक्त समय दें और मन को आराम दें।

मेष राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

दैनिक मेष राशिफल · चंद्र राशि

अगले दिन का मेष राशिफल, 20 नवंबर

कल (शुक्रवार, 20 नवंबर): रात 12:50 बजे से चंद्रमा आपसे बारहवें भाव में है, जो शास्त्र में वाम वेध से सहायक गिना गया है, पर मीन में उसके साथ शनि है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

20 नवंबर का पूरा राशिफल देखें

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मेष राशि के बारे में: स्वामी मंगल, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
मंगलबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
मेढ़ाबृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
चरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
विषम राशि; पुरुषबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
पूर्वबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
पृष्ठोदय: पीठ की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
रात में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
सिरबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
0° से 30°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
अश्विनी 1–4; भरणी 1–4; कृत्तिका 1बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
चू चे चो ला ली लू ले लो अअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
मेष में सूर्य उच्च और शनि नीच होते हैं; मेष मंगल की मूलत्रिकोण राशि भी है।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

मेष राशि से जुड़े सवाल

मेष राशि का स्वामी कौन है?

मेष के स्वामी मंगल 19 नवंबर को सिंह में है, मेष से पाँचवें भाव में, 10 मार्च 2027, रात 12:13 बजे तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में मेष के स्वामी मंगल हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। मंगल वृश्चिक के भी स्वामी हैं।

मेष राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

19 नवंबर को चंद्रमा कुंभ में है; रविवार 22 नवंबर, सुबह 5:55 बजे यह फिर मेष में आएगा और मंगलवार 24 नवंबर, सुबह 7:25 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि मेष होती है। मेष के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: चू, चे, चो, ला (अश्विनी 1–4); ली, लू, ले, लो (भरणी 1–4); अ (कृत्तिका 1)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि मेष है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

मेष राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

19 नवंबर को चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद में है; रविवार 22 नवंबर, सुबह 5:55 बजे यह मेष के पहले चरण, अश्विनी चरण 1, में पहुँचेगा। मेष निरयण राशिचक्र में 0° से 30° तक है: अश्विनी के चारों चरण, भरणी के चारों चरण और कृत्तिका का चरण 1, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि मेष है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

मेष राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें साहसी और स्वाभिमानी बताया गया है, जिनकी ऊर्जा तेज़ और चंचल है और जो चलते रहना पसंद करते हैं; वे मिलनसार और लोकप्रिय, कम खाने वाले और गोल आँखों वाले बताए गए हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.1, सारावली 23.1 और होरासार 29.1 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, मेष और इसके स्वामी मंगल, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

मेष राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

मेष पर 19 नवंबर को साढ़ेसाती चल रही है, इसका पहला चरण: शनि मीन में है, मेष से बारहवें भाव में। यह 29 मार्च 2025 को शुरू हुई और शनि के अंतिम निकास के साथ 31 मई 2032 को पूरी होती है। मेष पर अगली ढैया (कंटक, शनि चौथे भाव में) 13 जुलाई 2034 से 27 अगस्त 2036 तक है। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

मेष राशि का समय कब बदलेगा?

बुधवार 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे राहु मकर में और केतु कर्क में जाते हैं, मेष से दसवें और चौथे भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 5 दिसंबर को); 25 जनवरी 2027, रात 1:31 बजे गुरु कर्क में जाते हैं, मेष से चौथे भाव में; 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे शनि स्वयं मेष में आते हैं। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव मेष की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

मेष राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

19 नवंबर को दोपहर 12:00 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में वृश्चिक 26°56′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में वृश्चिक 2°42′ में। अंग्रेज़ी में मेष को Aries कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Aries है, उसकी राशि मेष हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

33
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायक
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र अनुकूल भाव में मानते हैं, और जिसे कोई रोक नहीं रहा।
सहायक (वाम वेध)
धैर्य माँगने वाले भाव का गोचर, जिसे जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह होने से (वाम वेध) सहायक गिना गया है।
वेध से रुका
अनुकूल गोचर, जिसे उसके वेध भाव में बैठा दूसरा ग्रह रोक रहा है।
सहायता मंद
अनुकूल गोचर, जिसका ग्रह नीच, अमित्र राशि में या सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए उसकी सहायता मंद मानी गई है।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
मिला-जुला
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा वेध से रुका, मंद या नरम हो, या उसकी राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वेध
जब अनुकूल गोचर के जोड़ीदार भाव में दूसरा ग्रह हो, तो वह गोचर रुक जाता है (फलदीपिका 26.3–8)।
वाम वेध (विपरीत वेध)
धैर्य माँगने वाला गोचर तब सहायक गिना जाता है जब उसके जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह हो (मुहूर्त चिंतामणि 4.4; नारद संहिता 12.8)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
साढ़ेसाती
आपकी चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि का लगभग साढ़े सात वर्ष का भ्रमण; नाम बाद की परंपरा का है, भाव फलदीपिका 26.22–23 में हैं।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
मार्गी
वक्री अवधि के बाद ग्रह फिर आगे चलने लगता है।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
ग्रंथों में मतभेद
शास्त्रीय ग्रंथ इस स्थिति को अलग-अलग पढ़ते हैं; हम अधिकतर ग्रंथों का मत लेते हैं और अलग मत वाले ग्रंथ का नाम बताते हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
नीच
उच्च राशि के सामने की राशि, जहाँ ग्रह सबसे निर्बल होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
स्वराशि
वह राशि जिसका स्वामी स्वयं वह ग्रह है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

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