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दैनिक कर्क राशिफल · चंद्र राशि

रविवार, 1 नवंबर 2026 का कर्क राशिफल — Kark Rashifal

रविवार, 1 नवंबर 2026

कर्क राशि के तारे, 1 नवंबर के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

मिथुनकर्कसिंहपुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघाक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमपुनर्वसु: Polluxपुष्य: Asellus Australisआश्लेषा: AcubensCastorमंगलगुरुकेतु

सुबह 11:30 बजे (EST) चंद्रमा कर्क के 12°53′ पर, पुष्य नक्षत्र के चरण 3 में है, तारे Asellus Australis (δ Cancri) से 2.6° दूर। इस मानचित्र पर ये भी हैं: मंगल कर्क में, गुरु सिंह में और केतु सिंह में।

कर्क को पहला भाव मानकर: 1 नवंबर को नौ ग्रह कहाँ हैं

4चं 12°मं 24°5गु 0°के 2°67सू 15°बु 21°वशु 1°व891011रा 2°12श 15°व123

हर भाव कर्क से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का कर्क का गोचर है। सुबह 11:30 बजे (EST) की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

कर्क, 1 नवंबर को: पूरे दिन चंद्रमा आपसे पहले भाव में है, जो शास्त्र में सहायक माना गया है, पर कर्क में उसके साथ मंगल है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

Columbus · America/New_York · ·

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

कर्क के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • पुनर्वसु 80°00′ से 93°20′ योगतारा: Pollux (β Geminorum)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • पुष्य 93°20′ से 106°40′ योगतारा: Asellus Australis (δ Cancri)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • आश्लेषा 106°40′ से 120°00′ योगतारा: Acubens (α Cancri)। स्रोत: कैलेंडर सुधार समिति 1955 और कोलब्रुक 1807। बर्जेस और ह्विटनी 1860 और पिंग्री और मॉरिसी 1989 में यह ε Hydrae है। स्रोत दो-दो में बँटे हैं; सूर्य सिद्धांत की बताई स्थिति के निकट का तारा लिया गया है।
  • मघा 120°00′ से 133°20′ योगतारा: Regulus (α Leonis) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक कर्क राशिफल · चंद्र राशि · रविवार, 1 नवंबर 2026

1 नवंबर का कर्क राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

कर्क राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। कर्क बारह राशियों में चौथी राशि है, निरयण राशिचक्र में 90° से 120° तक, और इसके स्वामी चंद्रमा हैं; इसमें पुनर्वसु का चरण 4, पुष्य के चारों चरण और आश्लेषा के चारों चरण आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Cancer कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, कर्क से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

मिला-जुला?

रविवार, 1 नवंबर: पूरे दिन (सोमवार 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) तक) चंद्रमा कर्क में है, जो कर्क से पहली राशि है। शास्त्र में पहले भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (सुख-सुविधा और अच्छा भोजन), लेकिन कर्क में उसके साथ मंगल है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मिला-जुला। हमारी गिनती में 1 नवंबर को कर्क के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 2, मिले-जुले 2 और धैर्य माँगने वाले 5; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में दूसरे भाव के गुरु को धन के लिए अनुकूल माना गया है।

प्रेम और परिवार?

शास्त्र में दूसरे भाव के गुरु को परिवार में प्रसन्नता के लिए अनुकूल माना गया है, जबकि चौथे भाव का सूर्य घर की सुविधाओं पर ध्यान माँगता है: घर की योजनाएँ सरल रखें। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

सेहत?

शास्त्र में पहले भाव के चंद्रमा को सुख-सुविधा और अच्छे भोजन के लिए अनुकूल माना गया है, लेकिन कर्क में उसके साथ मंगल है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है, जबकि पहले भाव का मंगल ऊर्जा पर ध्यान माँगता है: अपनी गति संतुलित रखें और दिनचर्या नियमित रखें। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

कर्क के लिए 1 नवंबर को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (सोमवार 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) तक): चंद्रमा कर्क में, आपसे पहले भाव में; सहायक।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

पूरे दिन चंद्रमा कर्क में मंगल के साथ है।

कर्क के लिए अगला चंद्राष्टम: 17 नवंबर, सुबह 5:01 बजे (EST) से 19 नवंबर, दोपहर 2:20 बजे (EST) तक।

कर्क राशि के नक्षत्रों का ताराबल

पुनर्वसु (चरण 4): शाम 6:01 बजे (EST) तक संपत तारा, नए काम के लिए अच्छी।

पुनर्वसु (चरण 4): शाम 6:01 बजे (EST) से विपत तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

पुष्य (चरण 1–4): शाम 6:01 बजे (EST) तक जन्म तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

पुष्य (चरण 1–4): शाम 6:01 बजे (EST) से संपत तारा, नए काम के लिए अच्छी।

आश्लेषा (चरण 1–4): शाम 6:01 बजे (EST) तक अतिमित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

आश्लेषा (चरण 1–4): शाम 6:01 बजे (EST) से जन्म तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

Columbus में आपके सहायक समय

पंचांग के 6 समय, इस राशि के अच्छे चंद्रबल के भीतर

रात 12:00 बजे से रात 1:16 बजे तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 5:13 बजे (EST) से सुबह 6:07 बजे (EST) तक: ब्रह्म मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 9:38 बजे (EST) से सुबह 10:57 बजे (EST) तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 11:54 बजे (EST) से दोपहर 12:15 बजे (EST) तक: अभिजित मुहूर्त और अमृत काल, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

दोपहर 1:34 बजे (EST) से दोपहर 2:52 बजे (EST) तक: विजय मुहूर्त और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

शाम 5:29 बजे (EST) से रात 8:53 बजे (EST) तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सहायक समय क्या हैं?

Columbus में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 12:00 बजे से रात 1:16 बजे तक · सुबह 5:13 बजे (EST) से सुबह 6:07 बजे (EST) तक · सुबह 9:38 बजे (EST) से सुबह 10:57 बजे (EST) तक · सुबह 11:54 बजे (EST) से दोपहर 12:15 बजे (EST) तक · दोपहर 1:34 बजे (EST) से दोपहर 2:52 बजे (EST) तक · शाम 5:29 बजे (EST) से रात 8:53 बजे (EST) तक

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इस पेज का हर समय America/New_York में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय Columbus के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक कर्क राशिफल · चंद्र राशि

कर्क राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

कर्क के लिए अभी न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि 2 जून 2027 तक मीन में, यानी आपसे नौवें भाव में है। अगली साढ़ेसाती 30 मई 2032 से 12 जुलाई 2039 तक है।

कर्क की अगली साढ़ेसाती 30 मई 2032 को शुरू होती है और शनि के अंतिम निकास के साथ 12 जुलाई 2039 को पूरी होती है, बीच में 22 अक्टूबर 2038 से 5 अप्रैल 2039 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक कर्क राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: कर्क से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · पूरे दिन

  1. सूर्य? तुला · चौथा भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार चौथे भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (सेहत और घर की सुविधाएँ): दिनचर्या नियमित रखें और घर की योजनाएँ सरल रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 16 नवंबर, सुबह 9:13 बजे (EST)

  2. चंद्र? कर्क · पहला भाव मिला-जुला?

    शास्त्र में पहले भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (सुख-सुविधा और अच्छा भोजन), लेकिन कर्क में उसके साथ मंगल है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: सोमवार 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST)

  3. मंगल? कर्क · पहला भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पहले भाव का मंगल धैर्य माँगता है (ऊर्जा पर दबाव): अपनी गति संतुलित रखें और दिनचर्या नियमित रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 12 नवंबर, सुबह 9:49 बजे (EST)

  4. बुध? तुला · चौथा भाव सहायता मंद?

    शास्त्र में चौथे भाव के बुध को सहायक माना गया है (लाभ और परिवार में बढ़ोतरी), लेकिन बुध सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: अधिकतर ग्रंथों में अनुकूल · इस राशि में कब तक: 2 दिसंबर, सुबह 6:58 बजे (EST)

  5. गुरु? सिंह · दूसरा भाव सहायक?

    शास्त्र में दूसरे भाव के गुरु को सहायक माना गया है (धन और परिवार में प्रसन्नता)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 24 जनवरी 2027, दोपहर 3:01 बजे (EST)

  6. शुक्र? तुला · चौथा भाव सहायक?

    शास्त्र में चौथे भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (मित्र और प्रसन्नता)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: गुरुवार 5 नवंबर, दोपहर 2:34 बजे (EST)

  7. शनि? मीन · नौवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार नौवें भाव का शनि धैर्य माँगता है (अधिक मेहनत और कर्तव्यों में देरी): निरंतर प्रयास करते रहें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 2 जून 2027, शाम 7:58 बजे

  8. राहु? कुंभ · आठवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का राहु धैर्य माँगता है (अनावश्यक जोखिम): सहज रहें और अनावश्यक जोखिम से बचें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST)

  9. केतु? सिंह · दूसरा भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार दूसरे भाव का केतु धैर्य माँगता है: हर कदम सोच-समझकर उठाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST)

कर्क के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 1, मिले-जुले 0, धैर्य माँगने वाले 3।

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अगले 30 दिनों में कर्क राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

गुरुवार 5 नवंबर, दोपहर 2:34 बजे (EST): शुक्र कन्या राशि में, यानी आपसे तीसरे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में तीसरे भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (समृद्धि और प्रतिष्ठा), लेकिन शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

10 नवंबर, सुबह 5:24 बजे (EST): बुध तुला में, आपसे चौथे भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

12 नवंबर, सुबह 9:49 बजे (EST): मंगल सिंह राशि में, यानी आपसे दूसरे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार दूसरे भाव का मंगल धैर्य माँगता है (वाणी और धन): वाणी मधुर रखें और खर्च पर नज़र रखें।

13 नवंबर, सुबह 10:54 बजे (EST): बुध तुला में, आपसे चौथे भाव में, मार्गी होते हैं।

13 नवंबर, शाम 7:30 बजे (EST): शुक्र कन्या में, आपसे तीसरे भाव में, मार्गी होते हैं।

16 नवंबर, सुबह 9:13 बजे (EST): सूर्य वृश्चिक राशि में, यानी आपसे पाँचवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार पाँचवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (सेहत और आराम): खुद को आराम का समय दें।

22 नवंबर, सुबह 6:51 बजे (EST): शुक्र तुला राशि में, यानी आपसे चौथे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में चौथे भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (मित्र और प्रसन्नता)।

25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST): राहु मकर राशि में, यानी आपसे सातवें भाव में प्रवेश करते हैं (मध्यम राहु-केतु की गणना से: 5 दिसंबर)। शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का राहु धैर्य माँगता है (आपसी खिंचाव): मधुरता से बोलें।

25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST): केतु कर्क राशि में, यानी आपसे पहले भाव में प्रवेश करते हैं (मध्यम राहु-केतु की गणना से: 5 दिसंबर)। शास्त्र के अनुसार पहले भाव का केतु धैर्य माँगता है (सेहत): दिनचर्या नियमित रखें और भरपूर आराम करें।

कर्क राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

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अगले दिन का कर्क राशिफल, 2 नवंबर

कल (सोमवार, 2 नवंबर): शाम 5:17 बजे तक चंद्रमा आपसे पहले भाव में है, जो शास्त्र में सहायक माना गया है, पर कर्क में उसके साथ मंगल है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

2 नवंबर का पूरा राशिफल देखें

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कर्क राशि के बारे में: स्वामी चंद्रमा, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
चंद्रमाबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
केकड़ाबृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
चरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
उत्तरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
पृष्ठोदय: पीठ की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
रात में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
हृदयबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
90° से 120°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
पुनर्वसु 4; पुष्य 1–4; आश्लेषा 1–4बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
ही हू हे हो डा डी डू डे डोअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
कर्क में गुरु उच्च और मंगल नीच होते हैं।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

कर्क राशि से जुड़े सवाल

कर्क राशि का स्वामी कौन है?

कर्क के स्वामी चंद्रमा 1 नवंबर को कर्क में है, यानी कर्क से पहले भाव में, सोमवार 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में कर्क के स्वामी चंद्रमा हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। चंद्रमा किसी और राशि के स्वामी नहीं हैं।

कर्क राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

1 नवंबर को चंद्रमा कर्क में है, शनिवार 31 अक्टूबर, दोपहर 2:31 बजे से सोमवार 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) तक: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि कर्क होती है। कर्क के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: ही (पुनर्वसु 4); हू, हे, हो, डा (पुष्य 1–4); डी, डू, डे, डो (आश्लेषा 1–4)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि कर्क है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

कर्क राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

1 नवंबर को चंद्रमा कर्क के नक्षत्र आश्लेषा में है, और रात 11:47 बजे (EST) तक इसके चरण 1 में। कर्क निरयण राशिचक्र में 90° से 120° तक है: पुनर्वसु का चरण 4, पुष्य के चारों चरण और आश्लेषा के चारों चरण, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि कर्क है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

कर्क राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें अच्छा मित्र और मित्रों से घिरा, घर और उसके निर्माण का प्रेमी, जल और बाग़-बगीचों का शौक़ीन, चलने में तेज़, और ज्योतिष में स्वाभाविक रुचि रखने वाला बताया गया है। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.4, सारावली 23.23 और होरासार 29.4 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा और उसकी अपनी राशि कर्क, दोनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

कर्क राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

कर्क पर 1 नवंबर को न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि मीन में है, कर्क से नौवें भाव में। कर्क की अगली साढ़ेसाती 30 मई 2032 को शुरू होती है और शनि के अंतिम निकास के साथ 12 जुलाई 2039 को पूरी होती है, बीच में 22 अक्टूबर 2038 से 5 अप्रैल 2039 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

कर्क राशि का समय कब बदलेगा?

25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST) राहु मकर में और केतु कर्क में जाते हैं, कर्क से सातवें और पहले भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 5 दिसंबर को); 24 जनवरी 2027, दोपहर 3:01 बजे (EST) गुरु स्वयं कर्क में आते हैं; 2 जून 2027, शाम 7:58 बजे शनि मेष में जाते हैं, कर्क से दसवें भाव में। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव कर्क की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

कर्क राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

1 नवंबर को सुबह 11:30 बजे (EST) सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में वृश्चिक 9°16′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में तुला 15°02′ में। अंग्रेज़ी में कर्क को Cancer कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Cancer है, उसकी राशि कर्क हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

31
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायक
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र अनुकूल भाव में मानते हैं, और जिसे कोई रोक नहीं रहा।
सहायता मंद
अनुकूल गोचर, जिसका ग्रह नीच, अमित्र राशि में या सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए उसकी सहायता मंद मानी गई है।
मिला-जुला
संकेत दोनों ओर जाते हैं (स्वराशि या उच्च राशि, पर सूर्य के निकट), या सहायक चंद्रमा की राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हैं, इसलिए यह गोचर न सहायक गिना गया, न धैर्य का समय।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
मिला-जुला
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा वेध से रुका, मंद या नरम हो, या उसकी राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
चंद्रमा का साथ
चंद्रमा की राशि में बैठे ग्रह; वहाँ सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों तो सहायक चंद्रमा की सहायता मंद मानी जाती है (मुहूर्त चिंतामणि 4.7; बृहत्संहिता 104.56)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
मार्गी
वक्री अवधि के बाद ग्रह फिर आगे चलने लगता है।
अस्त
ग्रह सूर्य के इतना निकट है कि उसकी चमक में छिप जाता है; अनुकूल भाव में इसकी सहायता मंद मानी जाती है (फलदीपिका 26.32; नारद संहिता 12.11)।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
ग्रंथों में मतभेद
शास्त्रीय ग्रंथ इस स्थिति को अलग-अलग पढ़ते हैं; हम अधिकतर ग्रंथों का मत लेते हैं और अलग मत वाले ग्रंथ का नाम बताते हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
नीच
उच्च राशि के सामने की राशि, जहाँ ग्रह सबसे निर्बल होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
स्वराशि
वह राशि जिसका स्वामी स्वयं वह ग्रह है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

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