चंद्रमा 98% प्रकाशित, शुक्ल पक्ष। पंचांग शैली का आकार; आपके आकाश में इसका झुकाव अलग होता है। अभी: शुक्ल चतुर्दशी · सुबह 11:56 IST तक अभी की तिथि (दृक् पद्धति): सूर्य से चंद्रमा का कोण, 12° के खंडों में, पृथ्वी के केंद्र से; इसी क्षण के लिए NASA JPL डेटा से गणना।
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राशिफल

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि

मंगलवार, 14 जुलाई 2026 का वृषभ राशिफल — Vrishabh Rashifal

मंगलवार, 14 जुलाई 2026

वृषभ राशि के तारे, 14 जुलाई के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

मेषवृषभमिथुनकृत्तिकारोहिणीमृगशिराक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमकृत्तिका: Alcyoneरोहिणी: Aldebaranमृगशिरा: MeissaBetelgeuseBellatrixElnathमंगल

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा मिथुन में है, इस मानचित्र से बाहर; 7 अगस्त, रात 1:54 बजे यह फिर वृषभ राशि में आएगा और 9 अगस्त, रात 3:49 बजे तक रहेगा। इस मानचित्र पर ये भी हैं: मंगल वृषभ में।

वृषभ राशि को पहला भाव मानकर: 14 जुलाई को नौ ग्रह कहाँ हैं

2मं 16°3सू 27°चं 25°बु 25°व4गु 8°5शु 10°के 6°67891011रा 6°12श 20°1

हर भाव वृषभ राशि से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का वृषभ राशि का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

वृषभ राशि, 14 जुलाई को: शाम 6:49 बजे तक चंद्रमा आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में है (ध्यान: भाव अनुकूल नहीं); 9 ग्रहों में से 1 ग्रह साथ, 8 ध्यान माँगते हैं।

नई दिल्ली, दिल्ली, भारत · IST (Asia/Kolkata) · · Columbus के समय देखें

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

वृषभ राशि के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • भरणी 13°20′ से 26°40′ योगतारा: 35 Arietis · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कैलेंडर सुधार समिति 1955 में यह 41 Arietis है।
  • कृत्तिका 26°40′ से 40°00′ योगतारा: Alcyone (η Tauri)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • रोहिणी 40°00′ से 53°20′ योगतारा: Aldebaran (α Tauri)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • मृगशिरा 53°20′ से 66°40′ योगतारा: Meissa (λ Orionis)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि · मंगलवार, 14 जुलाई 2026

14 जुलाई का वृषभ राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

वृषभ राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। वृषभ बारह राशियों में दूसरी राशि है, निरयण राशिचक्र में 30° से 60° तक, और इसके स्वामी शुक्र हैं; इसमें कृत्तिका के चरण 2 से 4, रोहिणी के चारों चरण और मृगशिरा के चरण 1 और 2 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Taurus कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, वृषभ राशि से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

9 ग्रहों में से 1 साथ · 8 ध्यान

14 जुलाई को वृषभ राशि के लिए 9 ग्रहों में से 1 ग्रह साथ, 8 ध्यान माँगते हैं। चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, शाम 6:49 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं।

शनि मीन में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: लाभ।

चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, शाम 6:49 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: धन के मामले।

सूर्य मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, गुरुवार 16 जुलाई, रात 11:39 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: धन और रोज़मर्रा की सुविधाएँ।

मंगल वृषभ में, आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में, 2 अगस्त, रात 10:51 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: ऊर्जा पर दबाव।

बुध मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन बुध अपनी स्वराशि मिथुन में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी; शास्त्रीय फल: धन।

गुरु कर्क में, आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में, 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं, लेकिन कर्क इसकी उच्च राशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता; शास्त्रीय फल: काम में देरी।

शुक्र सिंह में, आपसे चौथे भाव (माता, घर और सुख) में, 1 अगस्त, सुबह 9:28 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन शुक्र सिंह में है, जिसके स्वामी सूर्य से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: मित्र और प्रसन्नता।

राहु कुंभ में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में, 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे तक: अधिकतर ग्रंथों में अनुकूल भाव नहीं (फलदीपिका 26.2 में अनुकूल)।

केतु सिंह में, आपसे चौथे भाव (माता, घर और सुख) में, 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: बेचैनी।

14 जुलाई को शाम 6:49 बजे चंद्रमा कर्क राशि में जाते हैं, इसलिए दिन के दोनों हिस्से दिखाए गए हैं।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

काम और धन: साथ: शनि; ध्यान: चंद्रमा, राहु, गुरु, सूर्य और बुध।

शनि मीन में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे तक: शास्त्र में लाभ के लिए अनुकूल।

चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, शाम 6:49 बजे तक: शास्त्र में धन के लिए अनुकूल नहीं।

राहु कुंभ में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में, 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे तक: अधिकतर ग्रंथों में अनुकूल भाव नहीं (फलदीपिका 26.2 में अनुकूल); काम और धन के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

गुरु कर्क में, आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में, 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे तक: शास्त्र में काम के लिए अनुकूल नहीं, लेकिन कर्क इसकी उच्च राशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता।

सूर्य मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, गुरुवार 16 जुलाई, रात 11:39 बजे तक: शास्त्र में धन के लिए अनुकूल नहीं।

बुध मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे तक: शास्त्र में धन के लिए अनुकूल, लेकिन बुध अपनी स्वराशि मिथुन में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी।

प्रेम और परिवार?

प्रेम और परिवार: ध्यान: चंद्रमा, शुक्र, केतु, सूर्य और बुध।

चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, शाम 6:49 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

शुक्र सिंह में, आपसे चौथे भाव (माता, घर और सुख) में, 1 अगस्त, सुबह 9:28 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन शुक्र सिंह में है, जिसके स्वामी सूर्य से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

केतु सिंह में, आपसे चौथे भाव (माता, घर और सुख) में, 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

सूर्य मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, गुरुवार 16 जुलाई, रात 11:39 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

बुध मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन बुध अपनी स्वराशि मिथुन में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी; प्रेम और परिवार के लिए ग्रंथ इसका कोई अलग फल नहीं बताते।

सेहत?

सेहत: ध्यान: मंगल।

मंगल वृषभ में, आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में, 2 अगस्त, रात 10:51 बजे तक: शास्त्र में ऊर्जा के लिए अनुकूल नहीं।

वृषभ के लिए 14 जुलाई को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

रविवार 12 जुलाई, शाम 7:07 बजे से शाम 6:49 बजे तक: चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में; इस भाव से चंद्रबल नहीं।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

शाम 6:49 बजे से गुरुवार 16 जुलाई, शाम 7:52 बजे तक: चंद्रमा कर्क में, आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में; चंद्रबल है।

दोपहर 3:14 बजे से शाम 6:49 बजे तक: चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव में, शुक्ल पक्ष में; शास्त्र में शुक्ल पक्ष का यह चंद्रमा सहायक है, लेकिन मिथुन में उसके साथ सूर्य है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

शाम 6:49 बजे तक चंद्रमा मिथुन में सूर्य और बुध के साथ है।

शाम 6:49 बजे से चंद्रमा कर्क में गुरु के साथ है।

वृषभ राशि के लिए अगला चंद्राष्टम: 26 जुलाई, सुबह 7:35 बजे से 28 जुलाई, शाम 7:50 बजे तक।

वृषभ राशि के नक्षत्रों का ताराबल

कृत्तिका (चरण 2–4): रात 2:52 बजे तक क्षेम तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

कृत्तिका (चरण 2–4): रात 2:52 बजे से प्रत्यरि तारा: नए काम के लिए नहीं ली जाती (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–13)।

रोहिणी (चरण 1–4): रात 2:52 बजे तक विपत तारा: नए काम के लिए नहीं ली जाती (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–13)।

रोहिणी (चरण 1–4): रात 2:52 बजे से क्षेम तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

मृगशिरा (चरण 1–2): रात 2:52 बजे तक संपत तारा: नए काम के लिए अनुकूल गिनी गई (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–12)।

मृगशिरा (चरण 1–2): रात 2:52 बजे से विपत तारा: नए काम के लिए नहीं ली जाती (मुहूर्त चिंतामणि 4.11–13)।

नई दिल्ली में आपके सहायक समय

पंचांग के 2 समय, इस राशि के अच्छे चंद्रबल के भीतर

दोपहर 3:14 बजे से दोपहर 3:40 बजे तक: विजय मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

रात 10:02 बजे से रात 11:26 बजे तक: अमृत काल और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सहायक समय क्या हैं?

नई दिल्ली में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 1:43 बजे से सुबह 4:52 बजे तक · सुबह 10:43 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक · दोपहर 2:56 बजे से दोपहर 3:40 बजे तक · रात 10:02 बजे से रात 11:26 बजे तक

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इस पेज का हर समय IST (Asia/Kolkata) में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय नई दिल्ली के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि

वृषभ राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

साढ़ेसाती चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में शनि का गोचर है, लगभग साढ़े सात वर्ष। ढैया चंद्र राशि से चौथी या आठवीं राशि में शनि का गोचर है, लगभग ढाई वर्ष।

वृषभ के लिए अभी न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि 3 जून 2027 तक मीन में, यानी आपसे ग्यारहवें भाव में है। अगली साढ़ेसाती 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक है।

वृषभ राशि की अगली साढ़ेसाती 3 जून 2027 को शुरू होती है और शनि के अंतिम निकास के साथ 13 जुलाई 2034 को पूरी होती है, बीच में 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: वृषभ राशि से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · शाम 6:49 बजे तक

  1. सूर्य? मिथुन · दूसरा भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    सूर्य मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, गुरुवार 16 जुलाई, रात 11:39 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: धन और रोज़मर्रा की सुविधाएँ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: गुरुवार 16 जुलाई, रात 11:39 बजे

  2. चंद्र? मिथुन · दूसरा भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    चंद्रमा मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, शाम 6:49 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: धन के मामले।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: शाम 6:49 बजे

  3. मंगल? वृषभ · पहला भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    मंगल वृषभ में, आपसे पहले भाव (देह और स्वयं) में, 2 अगस्त, रात 10:51 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: ऊर्जा पर दबाव।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 2 अगस्त, रात 10:51 बजे

  4. बुध? मिथुन · दूसरा भाव ध्यान: अस्त; मिथुन, स्वराशि?

    बुध मिथुन में, आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में, 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन बुध अपनी स्वराशि मिथुन में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी; शास्त्रीय फल: धन।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 5 अगस्त, शाम 7:54 बजे

  5. गुरु? कर्क · तीसरा भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं; कर्क, उच्च राशि?

    गुरु कर्क में, आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में, 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं, लेकिन कर्क इसकी उच्च राशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता; शास्त्रीय फल: काम में देरी।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे

  6. शुक्र? सिंह · चौथा भाव ध्यान: सिंह, अमित्र राशि?

    शुक्र सिंह में, आपसे चौथे भाव (माता, घर और सुख) में, 1 अगस्त, सुबह 9:28 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन शुक्र सिंह में है, जिसके स्वामी सूर्य से इसकी नैसर्गिक मित्रता नहीं है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: मित्र और प्रसन्नता।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 1 अगस्त, सुबह 9:28 बजे

  7. शनि? मीन · ग्यारहवाँ भाव साथ?

    शनि मीन में, आपसे ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र) में, 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: लाभ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे

  8. राहु? कुंभ · दसवाँ भाव ध्यान: ग्रंथों में मतभेद?

    राहु कुंभ में, आपसे दसवें भाव (करियर और कर्म) में, 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे तक: अधिकतर ग्रंथों में अनुकूल भाव नहीं (फलदीपिका 26.2 में अनुकूल)।

    शास्त्रीय फल: अधिकतर ग्रंथों में अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

  9. केतु? सिंह · चौथा भाव ध्यान: भाव अनुकूल नहीं?

    केतु सिंह में, आपसे चौथे भाव (माता, घर और सुख) में, 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: बेचैनी।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल नहीं · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

दिन का दूसरा हिस्सा: शाम 6:49 बजे से

  1. चंद्र? कर्क · तीसरा भाव साथ?

    चंद्रमा कर्क में, आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में, गुरुवार 16 जुलाई, शाम 7:52 बजे तक: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: लाभ।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: गुरुवार 16 जुलाई, शाम 7:52 बजे

वृषभ राशि के लिए 4 धीमे ग्रहों (गुरु, शनि, राहु और केतु) में से 1 साथ, 3 ध्यान माँगते हैं।

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि

अगले 30 दिनों में वृषभ राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

बुधवार 15 जुलाई, सुबह 11:09 बजे: गुरु कर्क में, आपसे तीसरे भाव में, सूर्य के निकट आकर अस्त होते हैं।

गुरुवार 16 जुलाई, रात 11:39 बजे: सूर्य कर्क राशि में, यानी आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: प्रतिष्ठा, धन और अच्छी सेहत, और प्रतिस्पर्धा में बढ़त।

21 जुलाई, दोपहर 2:08 बजे: बुध मिथुन में, आपसे दूसरे भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

24 जुलाई, सुबह 4:29 बजे: बुध मिथुन में, आपसे दूसरे भाव में, मार्गी होते हैं।

27 जुलाई: शनि मीन में, आपसे ग्यारहवें भाव में, वक्री होते हैं।

1 अगस्त, सुबह 9:28 बजे: शुक्र कन्या राशि में, यानी आपसे पाँचवें भाव (संतान, विद्या और बुद्धि) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव, लेकिन शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है; शास्त्रीय फल: संतान और प्रसन्नता।

2 अगस्त, रात 10:51 बजे: मंगल मिथुन राशि में, यानी आपसे दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: वाणी और धन।

5 अगस्त, शाम 7:54 बजे: बुध कर्क राशि में, यानी आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में अनुकूल भाव नहीं; शास्त्रीय फल: प्रतिस्पर्धा।

10 अगस्त, सुबह 7:53 बजे: गुरु कर्क में, आपसे तीसरे भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

वृषभ राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि

अगले दिन का वृषभ राशिफल, 15 जुलाई

कल (बुधवार, 15 जुलाई): पूरे दिन चंद्रमा कर्क में, आपसे तीसरे भाव (पराक्रम और भाई-बहन) में है: शास्त्र में अनुकूल भाव; शास्त्रीय फल: लाभ।

15 जुलाई का पूरा राशिफल देखें

दैनिक वृषभ राशिफल · चंद्र राशि

वृषभ राशि के बारे में: स्वामी शुक्र, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
शुक्रबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
बैलबृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
स्थिरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
दक्षिणबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
पृष्ठोदय: पीठ की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
रात में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
मुखबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
30° से 60°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
कृत्तिका 2–4; रोहिणी 1–4; मृगशिरा 1–2बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
इ उ ए ओ वा वी वू वे वोअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
वृषभ राशि में चंद्रमा उच्च होता है, और वृषभ चंद्रमा की मूलत्रिकोण राशि भी है।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

वृषभ राशि से जुड़े सवाल

वृषभ राशि का स्वामी कौन है?

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र 14 जुलाई को सिंह में है, वृषभ राशि से चौथे भाव में, 1 अगस्त, सुबह 9:28 बजे तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। शुक्र तुला राशि के भी स्वामी हैं।

वृषभ राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

14 जुलाई को चंद्रमा मिथुन में है; 7 अगस्त, रात 1:54 बजे यह फिर वृषभ राशि में आएगा और 9 अगस्त, रात 3:49 बजे तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि वृषभ होती है। वृषभ राशि के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: इ, उ, ए (कृत्तिका 2–4); ओ, वा, वी, वू (रोहिणी 1–4); वे, वो (मृगशिरा 1–2)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि वृषभ है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

वृषभ राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

14 जुलाई को चंद्रमा पुनर्वसु में है; 7 अगस्त, रात 1:54 बजे यह वृषभ राशि के पहले चरण, कृत्तिका चरण 2, में पहुँचेगा। वृषभ निरयण राशिचक्र में 30° से 60° तक है: कृत्तिका के चरण 2 से 4, रोहिणी के चारों चरण और मृगशिरा के चरण 1 और 2, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि वृषभ है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

वृषभ राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें उदार, क्षमाशील और धैर्यवान, चाल-ढाल में सुंदर, और भले-बुरे की पहचान रखने वाला समझदार बताया गया है। तीनों ग्रंथ जीवन के मध्य और बाद के वर्षों को अधिक सुखी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.2, सारावली 23.8 और होरासार 29.2 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, वृषभ और इसके स्वामी शुक्र, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

वृषभ राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

वृषभ राशि पर 14 जुलाई को न साढ़ेसाती है, न ढैया: शनि मीन में है, वृषभ राशि से ग्यारहवें भाव में। वृषभ राशि की अगली साढ़ेसाती 3 जून 2027 को शुरू होती है और शनि के अंतिम निकास के साथ 13 जुलाई 2034 को पूरी होती है, बीच में 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

वृषभ राशि का समय कब बदलेगा?

31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे गुरु सिंह में जाते हैं, वृषभ राशि से चौथे भाव में; 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे राहु मकर में और केतु कर्क में जाते हैं, वृषभ राशि से नौवें और तीसरे भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 5 दिसंबर को); 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे शनि मेष में जाते हैं, वृषभ राशि से बारहवें भाव में। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव वृषभ राशि की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

वृषभ राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

14 जुलाई को सुबह 9:25 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में कर्क 21°45′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में मिथुन 27°31′ में। अंग्रेज़ी में वृषभ को Taurus कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Taurus है, उसकी राशि वृषभ हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

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सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
ध्यान: दोनों तथ्य
स्वराशि या उच्च राशि के साथ सूर्य के निकट (अस्त): कोई ग्रंथ एक को दूसरे से ऊपर नहीं रखता, इसलिए दोनों तथ्य दिखाए गए हैं; या अनुकूल चंद्रमा की राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु (मुहूर्त चिंतामणि 4.7)।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
चंद्रमा का साथ
चंद्रमा की राशि में बैठे ग्रह; वहाँ सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों तो सहायक चंद्रमा की सहायता मंद मानी जाती है (मुहूर्त चिंतामणि 4.7; बृहत्संहिता 104.56)।
शुक्ल पक्ष
अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक का पखवाड़ा; इसमें चंद्रमा दूसरे, पाँचवें और नौवें भाव में भी सहायक माना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि 4.4; नारद संहिता 13.2)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
मार्गी
वक्री अवधि के बाद ग्रह फिर आगे चलने लगता है।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
ग्रंथों में मतभेद
शास्त्रीय ग्रंथ इस स्थिति को अलग-अलग पढ़ते हैं; हम अधिकतर ग्रंथों का मत लेते हैं और अलग मत वाले ग्रंथ का नाम बताते हैं।
चंद्रबल के भीतर पंचांग के समय
अभिजित, अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त, विजय या लाभ, शुभ या अमृत चौघड़िया, जो राहु काल, यमगंड, दुर्मुहूर्त, वर्ज्य और भद्रा से बाहर हों, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें या ग्यारहवें भाव में हो।
उच्च
वह राशि जहाँ ग्रह सबसे बली होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
नीच
उच्च राशि के सामने की राशि, जहाँ ग्रह सबसे निर्बल होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
स्वराशि
वह राशि जिसका स्वामी स्वयं वह ग्रह है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
अमित्र राशि
ऐसी राशि जिसके स्वामी से ग्रह का नैसर्गिक विरोध है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
साथ देने वाली बातें
ऐसे ग्रह जिनका भाव शास्त्र में अनुकूल है और जिन्हें कोई रोक नहीं रहा, या जिन्हें वाम वेध से सहायक गिना गया (मुहूर्त चिंतामणि 4.4)।
ध्यान माँगने वाली बातें
बाकी हर ग्रह, उस तथ्य के साथ जो उसे यहाँ रखता है: शास्त्र में अनुकूल न गिना गया भाव, वेध, नीच या अमित्र राशि, अस्त, प्रतिकूल भाव में स्वराशि या उच्च राशि, चंद्रमा का साथ, या चंद्राष्टम।
भाव का अर्थ
हर भाव किस विषय का है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11): पहला देह और स्वयं, दूसरा परिवार, धन और वाणी, तीसरा पराक्रम और भाई-बहन, चौथा माता, घर और सुख, पाँचवाँ संतान, विद्या और बुद्धि, छठा स्वास्थ्य, नौकरी और प्रतियोगिता, सातवाँ विवाह और साझेदारी, आठवाँ शोध और गुप्त विषय, नौवाँ भाग्य, धर्म और पिता, दसवाँ करियर और कर्म, ग्यारहवाँ लाभ और मित्र, बारहवाँ व्यय, विदेश और मोक्ष।

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