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राशिफल

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि

आज का सिंह राशिफल — Singh Rashifal Today

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

सिंह राशि के तारे, अभी के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

कर्कसिंहकन्याआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिममघा: Regulusपूर्वा फाल्गुनी: Zosmaउत्तरा फाल्गुनी: Denebolaगुरुकेतु

शाम 7:50 बजे चंद्रमा कुंभ में है, इस मानचित्र से बाहर; 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) यह फिर सिंह में आएगा और 4 नवंबर, रात 11:05 बजे (EST) तक रहेगा। इस मानचित्र पर ये भी हैं: गुरु कर्क में और केतु सिंह में।

सिंह को पहला भाव मानकर: अभी नौ ग्रह कहाँ हैं

5के 3°67सू 4°बु 26°शु 7°व891011चं 11°रा 3°12श 15°व1234मं 19°गु 28°

हर भाव सिंह से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट अभी का सिंह का गोचर है। शाम 7:50 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

सिंह, आज: पूरे दिन चंद्रमा आपसे सातवें भाव में है, जो शास्त्र में सहायक माना गया है, पर कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

Columbus · America/New_York · ·

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

सिंह के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है। मानचित्र पर चंद्रमा की जगह हर मिनट नई होती है; तारे अपनी जगह पर रहते हैं।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • आश्लेषा 106°40′ से 120°00′ योगतारा: Acubens (α Cancri) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: कैलेंडर सुधार समिति 1955 और कोलब्रुक 1807। बर्जेस और ह्विटनी 1860 और पिंग्री और मॉरिसी 1989 में यह ε Hydrae है। स्रोत दो-दो में बँटे हैं; सूर्य सिद्धांत की बताई स्थिति के निकट का तारा लिया गया है।
  • मघा 120°00′ से 133°20′ योगतारा: Regulus (α Leonis)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • पूर्वा फाल्गुनी 133°20′ से 146°40′ योगतारा: Zosma (δ Leonis)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • उत्तरा फाल्गुनी 146°40′ से 160°00′ योगतारा: Denebola (β Leonis)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि · बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

आज का सिंह राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

सिंह राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। सिंह बारह राशियों में पाँचवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 120° से 150° तक, और इसके स्वामी सूर्य हैं; इसमें मघा के चारों चरण, पूर्वा फाल्गुनी के चारों चरण और उत्तरा फाल्गुनी का चरण 1 आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Leo कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, सिंह से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

मिला-जुला?

बुधवार, 21 अक्टूबर: पूरे दिन (शुक्रवार 23 अक्टूबर, सुबह 5:34 बजे तक) चंद्रमा कुंभ में है, जो सिंह से सातवीं राशि है। शास्त्र में सातवें भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (सुख, धन और सम्मान), लेकिन कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

मिला-जुला। हमारी गिनती में आज सिंह के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 0, मिले-जुले 5 और धैर्य माँगने वाले 4; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में तीसरे भाव के सूर्य को प्रतिष्ठा, धन और प्रतिस्पर्धा में बढ़त के लिए अनुकूल माना गया है, लेकिन सूर्य अपनी नीच राशि तुला में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है, जबकि तीसरे भाव का बुध प्रतिस्पर्धा पर ध्यान माँगता है: निष्पक्ष और स्थिर रहें। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

प्रेम और परिवार?

शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का राहु रिश्तों पर ध्यान माँगता है: मधुरता से बोलें।

सेहत?

शास्त्र के अनुसार पहले भाव का केतु सेहत पर ध्यान माँगता है: दिनचर्या नियमित रखें और भरपूर आराम करें।

सिंह के लिए आज चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

पूरे दिन (शुक्रवार 23 अक्टूबर, सुबह 5:34 बजे तक): चंद्रमा कुंभ में, आपसे सातवें भाव में; सहायक।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

पूरे दिन चंद्रमा कुंभ में राहु के साथ है।

सिंह के लिए अगला चंद्राष्टम: शुक्रवार 23 अक्टूबर, सुबह 5:34 बजे से रविवार 25 अक्टूबर, सुबह 9:52 बजे तक।

सिंह राशि के नक्षत्रों का ताराबल

मघा (चरण 1–4): सुबह 10:18 बजे तक प्रत्यरि तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

मघा (चरण 1–4): सुबह 10:18 बजे से साधक तारा, नए काम के लिए अच्छी।

पूर्वा फाल्गुनी (चरण 1–4): सुबह 10:18 बजे तक क्षेम तारा, नए काम के लिए अच्छी।

पूर्वा फाल्गुनी (चरण 1–4): सुबह 10:18 बजे से प्रत्यरि तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

उत्तरा फाल्गुनी (चरण 1): सुबह 10:18 बजे तक विपत तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

उत्तरा फाल्गुनी (चरण 1): सुबह 10:18 बजे से क्षेम तारा, नए काम के लिए अच्छी।

Columbus में आपके सहायक समय

पंचांग के 5 समय, इस राशि के अच्छे चंद्रबल के भीतर

रात 12:51 बजे से रात 2:55 बजे तक: अमृत काल और शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 6:04 बजे से सुबह 6:57 बजे तक: ब्रह्म मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 7:49 बजे से सुबह 9:11 बजे तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक: शुभ चौघड़िया, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

दोपहर 3:05 बजे से दोपहर 3:49 बजे तक: विजय मुहूर्त, आपके अच्छे चंद्रबल के भीतर।

सहायक समय क्या हैं?

Columbus में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 12:51 बजे से रात 2:55 बजे तक · सुबह 6:04 बजे से सुबह 6:57 बजे तक · सुबह 7:49 बजे से सुबह 9:11 बजे तक · सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक · दोपहर 3:05 बजे से दोपहर 3:49 बजे तक

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इस पेज का हर समय America/New_York में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय Columbus के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि

सिंह राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

सिंह के लिए शनि की ढैया (आठवाँ भाव): शनि मीन में, यानी आपसे आठवें भाव में, 29 मार्च 2025 से 2 जून 2027 तक हैं। पूरी ढैया 29 मार्च 2025 से 23 फ़रवरी 2028 तक है, बीच में 2 जून 2027 से 19 अक्टूबर 2027 तक विराम के साथ। परंपरा में यह समय निरंतर प्रयास, अनुशासन और सेहत की देखभाल का फल देता है।

  • ढैया फलदीपिका 26.22–23 · बृहत्संहिता 104.39–45

इस ठहराव में शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव मीन के अंतिम तिहाई भाग में सबसे अधिक माना गया है: 1 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक और 10 मार्च 2027 से 2 जून 2027 तक।

शनि नौ ग्रहों में से एक है: आपसे आठवें भाव के शनि का फल और बाकी आठ ग्रह नीचे की तालिका में हैं।

सिंह की अगली साढ़ेसाती 12 जुलाई 2034 को शुरू होती है और शनि के अंतिम निकास के साथ 25 सितंबर 2041 को पूरी होती है, बीच में 27 जनवरी 2041 से 6 फ़रवरी 2041 तक शनि इससे बाहर रहते हैं।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि

क्यों: सिंह से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · पूरे दिन

  1. सूर्य? तुला · तीसरा भाव सहायता मंद?

    शास्त्र में तीसरे भाव के सूर्य को सहायक माना गया है (प्रतिष्ठा, धन और अच्छी सेहत, और प्रतिस्पर्धा में बढ़त), लेकिन सूर्य अपनी नीच राशि तुला में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 16 नवंबर, सुबह 9:13 बजे (EST)

  2. चंद्र? कुंभ · सातवाँ भाव मिला-जुला?

    शास्त्र में सातवें भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (सुख, धन और सम्मान), लेकिन कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: शुक्रवार 23 अक्टूबर, सुबह 5:34 बजे

  3. मंगल? कर्क · बारहवाँ भाव सहायता मंद?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का मंगल अपने आप में प्रतिकूल है (खर्च और सेहत), लेकिन आपसे तीसरे भाव में सूर्य, बुध और शुक्र होने से विपरीत (वाम) वेध बनता है, और मंगल अपनी नीच राशि कर्क में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 12 नवंबर, सुबह 9:49 बजे (EST)

  4. बुध? तुला · तीसरा भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार तीसरे भाव का बुध धैर्य माँगता है (प्रतिस्पर्धा): निष्पक्ष और स्थिर रहें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 2 दिसंबर, सुबह 6:58 बजे (EST)

  5. गुरु? कर्क · बारहवाँ भाव नरम?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का गुरु धैर्य माँगता है (मन की उदासी), लेकिन कर्क इसकी उच्च राशि है, जहाँ ग्रंथों के अनुसार यह प्रतिकूल फल नहीं देता, इसलिए इसे नरम गिना गया है।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 31 अक्टूबर, रात 2:33 बजे

  6. शुक्र? तुला · तीसरा भाव मिला-जुला?

    शास्त्र में तीसरे भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (समृद्धि और प्रतिष्ठा), लेकिन शुक्र अपनी स्वराशि तुला में है और सूर्य के निकट (अस्त) भी; इस पर ग्रंथों के संकेत दोनों ओर जाते हैं, इसलिए इसे मिला-जुला गिना गया है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 5 नवंबर, दोपहर 2:34 बजे (EST)

  7. शनि? मीन · आठवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का शनि धैर्य माँगता है (थकान): सहज रहें और अनावश्यक जोखिम से बचें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 2 जून 2027, शाम 7:58 बजे

  8. राहु? कुंभ · सातवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का राहु धैर्य माँगता है (आपसी खिंचाव): मधुरता से बोलें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST)

  9. केतु? सिंह · पहला भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पहले भाव का केतु धैर्य माँगता है (सेहत): दिनचर्या नियमित रखें और भरपूर आराम करें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST)

सिंह के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 0, मिले-जुले 1, धैर्य माँगने वाले 3।

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि

अगले 30 दिनों में सिंह राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

शनिवार 24 अक्टूबर, रात 3:13 बजे: बुध तुला में, आपसे तीसरे भाव में, वक्री होते हैं।

29 अक्टूबर, रात 12:10 बजे: शुक्र तुला में, आपसे तीसरे भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

29 अक्टूबर, रात 8:34 बजे: बुध तुला में, आपसे तीसरे भाव में, सूर्य के निकट आकर अस्त होते हैं।

31 अक्टूबर, रात 2:33 बजे: गुरु सिंह राशि में, यानी आपसे पहले भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार पहले भाव का गुरु धैर्य माँगता है (स्थान-परिवर्तन, धन और आपसी खिंचाव): खर्च पर नज़र रखें और वाणी मधुर रखें।

5 नवंबर, दोपहर 2:34 बजे (EST): शुक्र कन्या राशि में, यानी आपसे दूसरे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में दूसरे भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (धन और परिवार), लेकिन शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में है, इसलिए इसकी सहायता मंद मानी गई है।

10 नवंबर, सुबह 5:24 बजे (EST): बुध तुला में, आपसे तीसरे भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

12 नवंबर, सुबह 9:49 बजे (EST): मंगल सिंह राशि में, यानी आपसे पहले भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार पहले भाव का मंगल धैर्य माँगता है (ऊर्जा पर दबाव): अपनी गति संतुलित रखें और दिनचर्या नियमित रखें।

13 नवंबर, सुबह 10:54 बजे (EST): बुध तुला में, आपसे तीसरे भाव में, मार्गी होते हैं।

13 नवंबर, शाम 7:30 बजे (EST): शुक्र कन्या में, आपसे दूसरे भाव में, मार्गी होते हैं।

16 नवंबर, सुबह 9:13 बजे (EST): सूर्य वृश्चिक राशि में, यानी आपसे चौथे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार चौथे भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (सेहत और घर की सुविधाएँ): दिनचर्या नियमित रखें और घर की योजनाएँ सरल रखें।

सिंह राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि

कल का सिंह राशिफल

कल (गुरुवार, 22 अक्टूबर): पूरे दिन चंद्रमा आपसे सातवें भाव में है, जो शास्त्र में सहायक माना गया है, पर कुंभ में उसके साथ राहु है, इसलिए इसकी सहायता मंद है।

कल का पूरा राशिफल देखें

दैनिक सिंह राशिफल · चंद्र राशि

सिंह राशि के बारे में: स्वामी सूर्य, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
सूर्यबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
सिंह (शेर)बृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
स्थिरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
विषम राशि; पुरुषबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
पूर्वबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
शीर्षोदय: सिर की ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
दिन में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
पेटबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
120° से 150°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
मघा 1–4; पूर्वा फाल्गुनी 1–4; उत्तरा फाल्गुनी 1बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
मा मी मू मे मो टा टी टू टेअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
सिंह सूर्य की मूलत्रिकोण राशि है; इसमें कोई ग्रह उच्च या नीच नहीं होता।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

सिंह राशि से जुड़े सवाल

सिंह राशि का स्वामी कौन है?

सिंह के स्वामी सूर्य आज तुला में है, सिंह से तीसरे भाव में, 16 नवंबर, सुबह 9:13 बजे (EST) तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में सिंह के स्वामी सूर्य हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। सूर्य किसी और राशि के स्वामी नहीं हैं।

सिंह राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

आज चंद्रमा कुंभ में है; 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) यह फिर सिंह में आएगा और 4 नवंबर, रात 11:05 बजे (EST) तक रहेगा: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि सिंह होती है। सिंह के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: मा, मी, मू, मे (मघा 1–4); मो, टा, टी, टू (पूर्वा फाल्गुनी 1–4); टे (उत्तरा फाल्गुनी 1)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि सिंह है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

सिंह राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

आज चंद्रमा शतभिषा में है; 2 नवंबर, शाम 5:17 बजे (EST) यह सिंह के पहले चरण, मघा चरण 1, में पहुँचेगा। सिंह निरयण राशिचक्र में 120° से 150° तक है: मघा के चारों चरण, पूर्वा फाल्गुनी के चारों चरण और उत्तरा फाल्गुनी का चरण 1, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि सिंह है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

सिंह राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें साहसी और उदार, अपने विचारों पर दृढ़ और माता के प्रति समर्पित बताया गया है; ग्रंथ उन्हें चौड़े मुख वाला भी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.5, सारावली 23.30 और होरासार 29.5 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, सिंह और इसके स्वामी सूर्य, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

सिंह राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

सिंह पर आज शनि की ढैया (अष्टम, शनि आठवें भाव में) चल रही है: शनि मीन में है, सिंह से आठवें भाव में। यह 29 मार्च 2025 को शुरू हुई और शनि के अंतिम निकास के साथ 23 फ़रवरी 2028 को पूरी होती है, बीच में 2 जून 2027 से 19 अक्टूबर 2027 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। सिंह की अगली साढ़ेसाती 12 जुलाई 2034 को शुरू होती है और शनि के अंतिम निकास के साथ 25 सितंबर 2041 को पूरी होती है, बीच में 27 जनवरी 2041 से 6 फ़रवरी 2041 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

सिंह राशि का समय कब बदलेगा?

31 अक्टूबर, रात 2:33 बजे गुरु स्वयं सिंह में आते हैं; 25 नवंबर, सुबह 7:16 बजे (EST) राहु मकर में और केतु कर्क में जाते हैं, सिंह से छठे और बारहवें भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 5 दिसंबर को); 2 जून 2027, शाम 7:58 बजे शनि मेष में जाते हैं, सिंह से नौवें भाव में। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव सिंह की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

सिंह राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

आज दोपहर 12:00 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में तुला 28°16′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में तुला 4°02′ में। अंग्रेज़ी में सिंह को Leo कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Leo है, उसकी राशि सिंह हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

32
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायता मंद
अनुकूल गोचर, जिसका ग्रह नीच, अमित्र राशि में या सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए उसकी सहायता मंद मानी गई है।
मिला-जुला
संकेत दोनों ओर जाते हैं (स्वराशि या उच्च राशि, पर सूर्य के निकट), या सहायक चंद्रमा की राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हैं, इसलिए यह गोचर न सहायक गिना गया, न धैर्य का समय।
नरम
धैर्य माँगने वाले भाव का गोचर, जो ग्रह के स्वराशि या उच्च राशि में होने से नरम पड़ा है (फलदीपिका 26.31)।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
मिला-जुला
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा वेध से रुका, मंद या नरम हो, या उसकी राशि में सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वाम वेध (विपरीत वेध)
धैर्य माँगने वाला गोचर तब सहायक गिना जाता है जब उसके जोड़ीदार अनुकूल भाव में दूसरा ग्रह हो (मुहूर्त चिंतामणि 4.4; नारद संहिता 12.8)।
चंद्रमा का साथ
चंद्रमा की राशि में बैठे ग्रह; वहाँ सूर्य, मंगल, शनि, राहु या केतु हों तो सहायक चंद्रमा की सहायता मंद मानी जाती है (मुहूर्त चिंतामणि 4.7; बृहत्संहिता 104.56)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
शनि की ढैया
आपकी चंद्र राशि से चौथे (कंटक) या आठवें भाव में शनि का लगभग ढाई वर्ष का ठहराव।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
मार्गी
वक्री अवधि के बाद ग्रह फिर आगे चलने लगता है।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
ग्रंथों में मतभेद
शास्त्रीय ग्रंथ इस स्थिति को अलग-अलग पढ़ते हैं; हम अधिकतर ग्रंथों का मत लेते हैं और अलग मत वाले ग्रंथ का नाम बताते हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
उच्च
वह राशि जहाँ ग्रह सबसे बली होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
नीच
उच्च राशि के सामने की राशि, जहाँ ग्रह सबसे निर्बल होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

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