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ग्रहण

ग्रहण कब है? 2027–2028 के ग्रहण, सूतक और आपके शहर का सटीक समय

आज कोई ग्रहण नहीं है। नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण सोमवार, 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास) है। नीचे का हर समय नई दिल्ली का है।

नई दिल्ली, दिल्ली, भारत · · Columbus देखें

नई दिल्ली में अगला ग्रहण

आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास)सोमवार, 2 अगस्त 2027

पृथ्वी पर अन्यत्र: पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास)

  1. सूतक आरंभरात 3:53
  2. स्पर्श (आरंभ)दोपहर 3:53
  3. मध्य (परमग्रास)शाम 4:29
  4. मोक्ष (समाप्ति)शाम 5:03
अवधि
1 घंटे 10 मिनट
ढका भाग
परमग्रास पर सूर्य के व्यास का 16.9%, बिंब का 8.2%
आकाश में
कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र (चरण 4) · साथ में केतु

सूतक

रात 3:53 से मोक्ष (शाम 5:03) तक।

बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों को परंपरा से इसकी छूट है।

आंशिक ग्रहण में भी सूर्य को सीधे न देखें। प्रमाणित ग्रहण चश्मा लगाएँ, या पिनहोल प्रोजेक्टर से बनी छवि देखें: छेद में से नहीं, ज़मीन या कागज़ पर बनी छवि को। सही सोलर फ़िल्टर आगे लगाए बिना दूरबीन, बाइनोकुलर या कैमरा लेंस से कभी न देखें; उनके पीछे ग्रहण चश्मा भी काफ़ी नहीं है। लाइव प्रसारण देखना सुरक्षित तरीका है।

नई दिल्ली से ऐसा दिखेगा

सूर्य पर चंद्रमा का असली मार्ग, स्पर्श से मोक्ष तक, जैसा नई दिल्ली से दिखेगा; चित्र का ऊपरी भाग आकाश में ऊपर की ओर है। हमारी गणना से बना।

ग्रहण

ग्रहण क्यों लगता है

चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग से लगभग 5° झुका है, इसलिए दोनों केवल दो बिंदुओं पर मिलते हैं: राहु और केतु। ग्रहण तभी लगता है जब अमावस्या या पूर्णिमा इनमें से किसी एक के पास पड़े।

सूर्य ग्रहण
राहु या केतु के पास अमावस्या हो तो चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है और उसकी छाया पृथ्वी पर पड़ती है।
चंद्र ग्रहण
राहु या केतु के पास पूर्णिमा हो तो चंद्रमा पृथ्वी की छाया में जाता है। उपच्छाया ग्रहण में वह बस थोड़ा धुँधला होता है, आंशिक ग्रहण में उसके एक भाग पर छाया पड़ती है, और पूर्ण ग्रहण में पूरा चंद्रमा ताँबे जैसा लाल दिखता है।

हमारी गणना: 2027–2028 के सभी 10 ग्रहण राहु या केतु से 16° के भीतर हैं। सबसे पास 2 अगस्त 2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास) है, केतु से केवल 1.6°।

सूर्य पृथ्वी राहु केतु सूर्य ग्रहण चंद्र ग्रहण

ग्रहण

आँकड़ों में ग्रहण

इस पेज के लिए हमारी गणना, और NASA व अन्य खगोल स्रोतों से जाँचे गए तथ्य।

  • 10

    ग्रहण 2027–2028 में; इनमें से 3 नई दिल्ली में माने जाएँगे

    हमारी गणना
  • 35/36

    जगहों से भारत में 2 अगस्त 2027 का ग्रहण दिखेगा; केवल ईटानगर से नहीं

    हमारी गणना
  • 54.8%

    सूर्य ढकेगा कवरत्ती में, 2 अगस्त 2027 को; यहाँ तुलना की गई 36 जगहों में सबसे अधिक

    हमारी गणना
  • 1.6°

    केतु से: 2 अगस्त 2027 का ग्रहण, 2027–2028 में किसी पात बिंदु के सबसे पास

    हमारी गणना
  • सारोस 136

    2 अगस्त 2027 का ग्रहण और 22 जुलाई 2009 का वह ग्रहण, जो भारत में पूर्ण दिखा था, एक ही ग्रहण-परिवार के हैं; दोनों के बीच 18 वर्ष 11 दिन। 2009 का इस सदी का सबसे लंबा था, 2027 का दूसरा सबसे लंबा।

    NASA · timeanddate
  • 6 मि 23 से

    पूर्ण ग्रास, 2 अगस्त 2027 को मिस्र के लक्सर के पास। इससे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण 3 जून 2114 से पहले नहीं।

    NASA · Space.com
  • 20 मार्च 2034

    भारत में अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में, श्रीनगर और लेह सहित। पिछला 22 जुलाई 2009 को था, जब पटना में 3 मिनट 44 सेकंड पूर्ण ग्रास रहा।

    EclipseWise · timeanddate
  • 71 मिनट

    पूर्ण ग्रास, 31 दिसंबर 2028 को रात 9:46 से 10:58 बजे तक, भारत के हर राज्य से दिखेगा: वर्ष ताँबे जैसे लाल चंद्रमा के साथ समाप्त होगा।

    timeanddate · NASA · हमारी गणना
  • 1,034 दिन

    पृथ्वी पर कहीं भी कोई पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं, 3 मार्च 2026 से 31 दिसंबर 2028 तक। 2027 के तीनों चंद्र ग्रहण केवल हल्के उपच्छाया ग्रहण हैं।

    NASA · timeanddate
  • 1868

    हीलियम की पहली झलक भारत से मिली: 18 अगस्त 1868 के ग्रहण में गुंटूर से पियरे जैंसेन ने सूर्य के प्रकाश में एक पीली रेखा देखी, जो किसी ज्ञात तत्व से मेल नहीं खाती थी।

    Britannica · APS
  • 499 ई.

    आर्यभट ने, आज के पटना के पास, सूर्य और चंद्र ग्रहण का सही कारण और उनकी गणना की विधि दी।

    Britannica · MacTutor
  • ~370 वर्ष

    औसतन, पृथ्वी पर किसी एक जगह से पूर्ण सूर्य ग्रहण लगभग इतने वर्षों में एक बार दिखता है।

    arXiv · Live Science

आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास) · सोमवार, 2 अगस्त 2027

भारत के शहरों में ग्रहण का समय

एक ही ग्रहण, शहर-शहर का समय। सूर्य ग्रहण का समय और ढका भाग हर जगह अलग होता है; चंद्र ग्रहण सबके लिए एक ही क्षण होता है, बस यह बदलता है कि चंद्रमा उस समय आकाश में है या नहीं।

शहरस्पर्श (आरंभ)मध्य (परमग्रास) मोक्ष (समाप्ति)ढका भागसूतक आरंभ
नई दिल्ली दोपहर 3:53शाम 4:29शाम 5:03 8.2%रात 3:53
जयपुर दोपहर 3:50शाम 4:31शाम 5:10 12.3%रात 3:50
लखनऊ शाम 4:01शाम 4:34शाम 5:06 6.9%सुबह 4:01
वाराणसी शाम 4:05शाम 4:38शाम 5:09 7%सुबह 4:05
पटना शाम 4:10शाम 4:38शाम 5:06 4.8%सुबह 4:10
गुवाहाटी शाम 4:26शाम 4:40शाम 4:53 0.6%सुबह 4:26
कोलकाता शाम 4:14शाम 4:44शाम 5:13 6%सुबह 4:14
उज्जैन दोपहर 3:51शाम 4:37शाम 5:20 18.8%रात 3:51
अहमदाबाद दोपहर 3:44शाम 4:35शाम 5:22 23.9%रात 3:44
मुंबई दोपहर 3:47शाम 4:42शाम 5:32 32%रात 3:47
पुणे दोपहर 3:49शाम 4:43शाम 5:33 31.6%रात 3:49
हैदराबाद दोपहर 3:58शाम 4:48शाम 5:34 26.8%रात 3:58
बेंगलुरु दोपहर 3:58शाम 4:53शाम 5:44 39%रात 3:58
चेन्नई शाम 4:02शाम 4:54शाम 5:42 34.5%सुबह 4:02
तिरुवनंतपुरम शाम 4:00शाम 4:59शाम 5:52 52.7%सुबह 4:00

सभी समय भारतीय मानक समय में। स्पर्श और सूतक आरंभ मिनट में नीचे की ओर और मोक्ष ऊपर की ओर पूर्णांकित हैं, ताकि कोई समय देर से शुरू या जल्दी खत्म न दिखे; मध्य निकटतम मिनट तक है।

पूरे भारत में: हर राजधानी से सूर्य का कितना भाग ढकेगा

हमारी गणना से 36 जगहें: हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश की राजधानी, दमन और कन्याकुमारी। इनमें सबसे अधिक: कवरत्ती (54.8%)। सबसे कम: कोहिमा (0.1%)।

  1. कवरत्ती54.8%
  2. कन्याकुमारी52.9%
  3. तिरुवनंतपुरम52.7%
  4. बेंगलुरु39%
  5. पणजी39%
  6. पुडुचेरी38.2%
  7. चेन्नई34.5%
  8. मुंबई32%
  9. दमन29.1%
  10. हैदराबाद26.8%
  11. अमरावती25.8%
  12. गांधीनगर23.4%
  13. पोर्ट ब्लेयर22.2%
  14. भोपाल16.4%
  15. रायपुर14.8%
  16. जयपुर12.3%
  17. भुवनेश्वर11.8%
  18. नई दिल्ली8.2%
  19. रांची7.6%
  20. लखनऊ6.9%
  21. कोलकाता6%
  22. चंडीगढ़6%
  23. जम्मू5.5%
  24. देहरादून5.3%
  25. शिमला5.2%
  26. पटना4.8%
  27. श्रीनगर4.2%
  28. अगरतला2.6%
  29. लेह2%
  30. आइज़ोल2%
  31. गंगटोक1%
  32. शिलांग0.9%
  33. इंफाल0.6%
  34. दिसपुर0.5%
  35. कोहिमा0.1%

यहाँ से नहीं दिखेगा: ईटानगर।

कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र (चरण 4) · साथ में केतु

हर राशि के लिए यह ग्रहण

आपकी चंद्र राशि से गिना गया। शास्त्रों के अनुसार राशि से तीसरे, छठे, दसवें या ग्यारहवें भाव में ग्रहण छह महीने तक शुभ माना जाता है; बाकी भावों में सावधानी रखने की बात कही गई है: शांत दिनचर्या और बिना ज़रूरत जोखिम नहीं (मुहूर्त चिंतामणि 4.6)।

ग्रहण · नई दिल्ली

सभी ग्रहण, 2027–2028

पृथ्वी का हर ग्रहण यहाँ है। इस पेज पर अपनाई गई परंपरा में केवल वही ग्रहण माना जाता है जो आपके शहर से दिखे और केवल उपच्छाया न हो; सूतक भी उसी का लगता है।

ग्रहण 2027 लिस्ट

  1. 6 फ़रवरी 2027 सूर्य ग्रहण

    वलयाकार सूर्य ग्रहण · शनिवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास रात 9:30

    मकर राशि, धनिष्ठा नक्षत्र (चरण 1) · साथ में राहु · राहु से 2.9°

  2. 21 फ़रवरी 2027 चंद्र ग्रहण

    उपच्छाया चंद्र ग्रहण · रविवार

    केवल उपच्छाया · यहाँ अपनाई गई परंपरा में सूतक नहीं

    परमग्रास सुबह 4:43

    सिंह राशि, मघा नक्षत्र (चरण 3) · केतु से 11.4°

  3. 18 जुलाई 2027 चंद्र ग्रहण

    उपच्छाया चंद्र ग्रहण · रविवार

    केवल उपच्छाया · यहाँ अपनाई गई परंपरा में सूतक नहीं

    परमग्रास रात 9:33

    मकर राशि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (चरण 2) · साथ में राहु · राहु से 15.5°

  4. 2 अगस्त 2027 सूर्य ग्रहण

    पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास) · सोमवार

    यहाँ ग्रहण · सूतक मान्य

    नई दिल्ली से आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास) दिखेगा

    स्पर्श (आरंभ) दोपहर 3:53मध्य (परमग्रास) शाम 4:29मोक्ष (समाप्ति) शाम 5:03

    सूतक: रात 3:53 – शाम 5:03

    कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र (चरण 4) · साथ में केतु · केतु से 1.6°

  5. 17 अगस्त 2027 चंद्र ग्रहण

    उपच्छाया चंद्र ग्रहण · मंगलवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास दोपहर 12:44

    मकर राशि, धनिष्ठा नक्षत्र (चरण 2) · साथ में राहु · राहु से 12.5°

ग्रहण 2028 लिस्ट

  1. 12 जनवरी 2028 चंद्र ग्रहण

    आंशिक चंद्र ग्रहण (खंडग्रास) · बुधवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास सुबह 9:43

    मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र (चरण 3) · केतु से 10.8°

  2. 26 जनवरी 2028 सूर्य ग्रहण

    वलयाकार सूर्य ग्रहण · बुधवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास रात 8:38

    मकर राशि, श्रवण नक्षत्र (चरण 1) · साथ में राहु · राहु से 3.8°

  3. 6 जुलाई 2028 चंद्र ग्रहण

    आंशिक चंद्र ग्रहण (खंडग्रास) · गुरुवार

    यहाँ ग्रहण · सूतक मान्य

    स्पर्श (आरंभ) रात 10:38मध्य (परमग्रास) रात 11:50मोक्ष (समाप्ति) रात 1:01, 7 जुलाई

    सूतक: 6 जुलाई, दोपहर 1:38 → 7 जुलाई, रात 1:01

    धनु राशि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (चरण 3) · साथ में राहु · राहु से 7.9°

  4. 22 जुलाई 2028 सूर्य ग्रहण

    पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास) · शनिवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास सुबह 8:25

    कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र (चरण 1) · केतु से 6.6°

  5. 31 दिसंबर 2028 चंद्र ग्रहण

    पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास) · रविवार

    यहाँ ग्रहण · सूतक मान्य

    स्पर्श (आरंभ) रात 8:37मध्य (परमग्रास) रात 10:22मोक्ष (समाप्ति) रात 12:07, 1 जनवरी

    सूतक: 31 दिसंबर, सुबह 11:37 → 1 जनवरी, रात 12:07

    मिथुन राशि, आर्द्रा नक्षत्र (चरण 3) · साथ में केतु · केतु से 3.4°

2026 में पहले
  1. 17 फ़रवरी 2026 सूर्य ग्रहण

    वलयाकार सूर्य ग्रहण · मंगलवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास शाम 5:42

    कुंभ राशि, धनिष्ठा नक्षत्र (चरण 4) · साथ में राहु · राहु से 10.1°

  2. 3 मार्च 2026 चंद्र ग्रहण

    पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास) · मंगलवार

    यहाँ ग्रहण · सूतक मान्य

    स्पर्श (आरंभ) दोपहर 3:20 चंद्रमा क्षितिज के नीचेमध्य (विश्व में परमग्रास) शाम 5:04 चंद्रमा क्षितिज के नीचेमोक्ष (समाप्ति) शाम 6:48

    नई दिल्ली से दिखने का समय शाम 6:22 (चंद्रोदय) – शाम 6:48नई दिल्ली से अधिकतम ग्रास शाम 6:22, चंद्रोदय पर · चंद्रमा का 37.7% व्यास पृथ्वी की छाया में

    विश्व में पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास); नई दिल्ली में चंद्रोदय से केवल आंशिक चरण दिखता है।

    सूतक: सुबह 6:20 – शाम 6:48

    सिंह राशि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (चरण 2) · साथ में केतु · केतु से 3.9°

  3. 12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण

    पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास) · बुधवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास रात 11:16

    कर्क राशि, आश्लेषा नक्षत्र (चरण 3) · साथ में गुरु · केतु से 9.8°

  4. 28 अगस्त 2026 चंद्र ग्रहण

    आंशिक चंद्र ग्रहण (खंडग्रास) · शुक्रवार

    यहाँ नहीं दिखेगा · सूतक नहीं

    परमग्रास सुबह 9:43

    कुंभ राशि, शतभिषा नक्षत्र (चरण 2) · साथ में राहु · राहु से 5.0°

ग्रहण

ग्रहण और सूतक: हम किन नियमों का पालन करते हैं

स्पर्श, मध्य, मोक्ष
ग्रहण स्पर्श से आरंभ होता है, मध्य में परमग्रास होता है और मोक्ष पर समाप्त होता है। इस पेज का हर समय इन्हीं तीन में से है, या सूतक का।
सूतक
सूर्य ग्रहण के स्पर्श से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण के स्पर्श से 9 घंटे पहले, मोक्ष तक (धर्मसिंधु: सूर्य के लिए चार याम, चंद्र के लिए तीन)।
केवल जहाँ दिखे
ग्रहण और उसका सूतक वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण क्षितिज के ऊपर हो; बादल होने से यह नहीं बदलता। जहाँ ग्रहण दिख ही नहीं सकता, वहाँ वह सामान्य दिन है।
उपच्छाया ग्रहण
खगोल में यह भी ग्रहण है: चंद्रमा केवल पृथ्वी की हल्की बाहरी छाया से गुज़रता है और थोड़ा धुँधला होता है। इस पेज पर अपनाई गई सूतक परंपरा में इसके लिए न सूतक माना जाता है, न कोई नियम।
किसे छूट है
बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों को परंपरा से इसकी छूट है।
ग्रहण के दौरान और बाद
परंपरा में ग्रहण का समय जप, प्रार्थना और शांति का होता है; मोक्ष के बाद स्नान, ताज़ा जल और भोजन, और दान।

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हमारी गणना

अपना इंजन
हर ग्रहण की गणना हम स्वयं NASA JPL की ग्रह-स्थितियों से करते हैं, वही जो हमारे पंचांग और कुंडली में हैं।
NASA से मिलान
2027–2028 के चंद्र ग्रहणों का हर स्पर्श-समय NASA के प्रकाशित आँकड़ों से 3.2 सेकंड के भीतर मिलता है, और स्पर्श व मोक्ष 1.2 सेकंड के भीतर; अपवाद केवल 18 जुलाई 2027 का बहुत हल्का उपच्छाया ग्रहण है, जिसके किनारों में लगभग 30 सेकंड का अंतर है। 2 अगस्त 2027 के सूर्य ग्रहण में भारत के आठ शहरों के स्पर्श और मोक्ष 4.3 सेकंड के भीतर मिलते हैं। जाँच की तालिका नीचे है।
आपके शहर से
सूर्य ग्रहण की गणना ठीक आपके शहर से देखे अनुसार होती है; चंद्र ग्रहण तब दिखा माना जाता है जब उस समय चंद्रमा आकाश में हो। जहाँ ग्रहण के दौरान चंद्रमा या सूर्य उदय या अस्त होता है, वहाँ क्षितिज के नीचे वाले समय चिह्नित हैं और जितना भाग दिखेगा, वह अलग से दिया गया है।
मिनट तक
स्पर्श के समय सेकंड तक निकाले जाते हैं। आरंभ (स्पर्श, सूतक आरंभ) मिनट में नीचे की ओर और समाप्ति (मोक्ष, सूतक समाप्ति) ऊपर की ओर पूर्णांकित लिखी जाती है, ताकि लिखा हुआ ग्रहण कभी देर से शुरू या जल्दी खत्म न दिखे; मध्य निकटतम मिनट तक है।

हर स्पर्श की जाँच

दोनों आँकड़े स्थलीय समय (TT) पर, जिस समान समय-पैमाने पर ग्रहण तालिकाएँ बनती हैं, ताकि अंतर केवल गणना का हो। अंतिम स्तंभ वह समय है जो यह पेज दिखाता है।

ग्रहण और स्पर्शNASAहमाराअंतरपेज पर (IST)
31 दिसंबर 2028, पूर्ण चंद्र · U1, स्पर्श15:07:35 UT + 76.9 s = 15:08:51.915:08:51.5−0.4 sरात 8:37
31 दिसंबर 2028, पूर्ण चंद्र · U4, मोक्ष18:36:24 UT + 76.9 s = 18:37:40.918:37:42.0+1.1 sरात 12:07
6 जुलाई 2028, आंशिक चंद्र · U1, स्पर्श17:08:51 UT + 76.5 s = 17:10:07.517:10:08.3+0.8 sरात 10:38
6 जुलाई 2028, आंशिक चंद्र · U4, मोक्ष19:30:21 UT + 76.5 s = 19:31:37.519:31:37.8+0.3 sरात 1:01
2 अगस्त 2027, सूर्य · C1, स्पर्श · नई दिल्ली 28.6139° उ 77.2090° पू10:24:50.010:24:54.3+4.3 sदोपहर 3:53
2 अगस्त 2027, सूर्य · C4, मोक्ष · नई दिल्ली11:34:07.111:34:05.5−1.6 sशाम 5:03
2 अगस्त 2027, सूर्य · C1, स्पर्श · मुंबई 19.0760° उ 72.8777° पू10:18:33.810:18:37.1+3.3 sदोपहर 3:47
2 अगस्त 2027, सूर्य · C4, मोक्ष · मुंबई12:02:41.712:02:41.1−0.6 sशाम 5:32

U1 और U4: चंद्रमा का किनारा पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करता और उससे बाहर निकलता है (चंद्र ग्रहण का स्पर्श और मोक्ष; हर जगह एक ही क्षण)। C1 और C4: उस जगह से देखने पर चंद्रमा का किनारा सूर्य को पहली और अंतिम बार छूता है।

हमारा: NASA JPL का DE440s पंचांग, चंद्रमा की त्रिज्या 1,737.4 किमी, डांजों के नियम से बढ़ी पृथ्वी की छाया, घड़ी का समय UTC = TT − 69.184 सेकंड। NASA के चंद्र ग्रहण पत्र (एफ़. एस्पेनाक): VSOP87/ELP2000-85, डांजों का नियम, UT में छपे, ΔT = 76.9 और 76.5 सेकंड के साथ (उनके परमग्रास का TD − UT); हम इसे वापस जोड़ते हैं। NASA के सूर्य ग्रहण आँकड़े: ग्रहण के बेसेलियन तत्व, इन निर्देशांकों के लिए NASA की अपनी विधि (SEcirc) से; उनमें चंद्रमा थोड़ा बड़ा (k = 0.2725) लिया जाता है, जिससे सूर्य ग्रहण के अंतर का लगभग 1.5 सेकंड आता है।

यह गणना की जाँच है, आँख से दिखने की नहीं: पृथ्वी की छाया का किनारा धुँधला होता है, इसलिए आँख से चंद्र ग्रहण का स्पर्श एक मिनट या अधिक आगे-पीछे लग सकता है, और बादल या नीचा क्षितिज किसी भी ग्रहण को छिपा सकते हैं।

स्रोत: NASA: 31 दिसंबर 2028 का चंद्र ग्रहण · NASA: 6 जुलाई 2028 का चंद्र ग्रहण · NASA: 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण, बेसेलियन तत्व

प्रश्न

ग्रहण से जुड़े प्रश्न

अगला ग्रहण कब है? क्या आज ग्रहण है?

आज कोई ग्रहण नहीं है। नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण सोमवार, 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास) है: स्पर्श दोपहर 3:53, मोक्ष शाम 5:03।

क्या 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा? किन शहरों में?

हाँ, लगभग पूरे भारत में दोपहर बाद आंशिक (खंडग्रास) रूप में; केवल सुदूर पूर्वोत्तर में नहीं दिखेगा। पूर्ण (खग्रास) यह केवल दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और अरब से होकर जाने वाली एक पतली पट्टी में होगा। भारत में जितना दक्षिण जाएँ, सूर्य उतना अधिक ढकेगा: नई दिल्ली से बिंब का लगभग 8%, मुंबई से 32%, बेंगलुरु से 39% और तिरुवनंतपुरम से 53%। मानसून के बादल इसे छिपा सकते हैं, फिर भी सूतक माना जाता है। हर शहर का समय ऊपर की तालिका में है।

मेरे शहर में ग्रहण कितने बजे लगेगा और कब खत्म होगा?

इस पेज का हर समय ऊपर लिखे शहर का है, अभी नई दिल्ली का। ‘शहर बदलें’ से अपना शहर चुनें, या भारत के 15 शहरों की तालिका देखें।

सूतक कब से लगेगा और कब तक रहेगा?

सूर्य ग्रहण के स्पर्श से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण के स्पर्श से 9 घंटे पहले से, मोक्ष तक। यह केवल वहीं लगता है जहाँ ग्रहण दिखाई दे।

अगर ग्रहण मेरे शहर में न दिखे तो क्या सूतक लगेगा?

नहीं। ग्रहण और सूतक वहीं माने जाते हैं जहाँ ग्रहण दिखे। इसीलिए यह पेज हर ग्रहण को आपके शहर के अनुसार ग्रहण या सामान्य दिन बताता है।

क्या उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूतक लगता है?

यह खगोलीय ग्रहण है: चंद्रमा केवल पृथ्वी की हल्की बाहरी छाया से गुज़रता है और थोड़ा धुँधला होता है। इस पेज पर अपनाई गई परंपरा में केवल उपच्छाया ग्रहण के लिए सूतक नहीं माना जाता।

2027–2028 में कितने ग्रहण हैं और यहाँ कौन-से माने जाएँगे?

2027: 5 ग्रहण (2 सूर्य, 3 चंद्र); नई दिल्ली में ग्रहण: 2 अगस्त। 2028: 5 ग्रहण (2 सूर्य, 3 चंद्र); नई दिल्ली में ग्रहण: 6 जुलाई, 31 दिसंबर।

सूतक और ग्रहण के समय परंपरा से क्या नहीं किया जाता?

परंपराएँ परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग होती हैं। आम तौर पर सूतक में भोजन बनाना और खाना रोका जाता है, पका भोजन और पानी तुलसी दल डालकर ढका जाता है, मंदिरों के द्वार बंद रहते हैं और नया काम शुरू नहीं किया जाता। बहुत से लोग यह समय जप, प्रार्थना या शांति में बिताते हैं। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों को परंपरा से छूट है।

ग्रहण खत्म होने के बाद क्या किया जाता है?

मोक्ष के बाद स्नान करना, साफ़ वस्त्र पहनना, घर में गंगाजल छिड़कना, ताज़ा भोजन बनाना और दान देना परंपरा है। मंदिर शुद्धि के बाद खुलते हैं, सामान्यतः मोक्ष के कुछ समय बाद।

ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं के लिए परिवारों में क्या परंपरा है?

बहुत से परिवार गर्भवती महिलाओं से ग्रहण के समय घर के भीतर रहकर शांति से आराम करने को कहते हैं; यह पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी प्रश्न के लिए अपने डॉक्टर से ही पूछें।

सूर्य ग्रहण सुरक्षित तरीके से कैसे देखें?

सूर्य को कभी सीधे न देखें, चाहे वह थोड़ा ही ढका हो; धूप के चश्मे से भी नहीं। प्रमाणित सोलर व्यूअर (ISO 12312-2) लगाएँ, या पिनहोल प्रोजेक्टर से कागज़ या ज़मीन पर बनी छवि देखें, छेद में से कभी नहीं। प्रमाणित सोलर फ़िल्टर आगे लगाए बिना दूरबीन, बाइनोकुलर या कैमरा सूर्य की ओर न करें; बड़ा करके दिखाने वाले उपकरणों के पीछे ग्रहण चश्मा सुरक्षा नहीं देता। लाइव प्रसारण देखना सुरक्षित है। चंद्र ग्रहण को सीधे आँखों से या बाइनोकुलर से देखना सुरक्षित है।

अगला ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?

सोमवार, 2 अगस्त 2027 का आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास) कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र (चरण 4), साथ में केतु में है। चंद्र राशि से गिनकर हर राशि के लिए इसका स्थान ऊपर दिया है।

31 दिसंबर 2028 का चंद्र ग्रहण आधी रात के बाद खत्म होगा, तो यह किस तारीख का माना जाएगा?

यह 31 दिसंबर 2028 की रात लगेगा और 1 जनवरी 2029 को रात 12:07 बजे (भारतीय समय) समाप्त होगा। पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है, इसलिए यह 31 दिसंबर का ग्रहण है।

स्पर्श, मध्य और मोक्ष का क्या अर्थ है?

स्पर्श वह क्षण है जब ग्रहण आरंभ होता है, मध्य जब ग्रहण सबसे अधिक होता है, और मोक्ष जब ग्रहण समाप्त होता है।

ये समय कितने सटीक हैं?

ये हमारे अपने इंजन से हैं और NASA के ग्रहण आँकड़ों से कुछ सेकंड के भीतर मिलते हैं; स्रोतों सहित जाँच ‘हमारी गणना’ में है। आरंभ का समय मिनट में नीचे की ओर और समाप्ति का ऊपर की ओर पूर्णांकित है, ताकि लिखा हुआ ग्रहण कभी देर से शुरू या जल्दी खत्म न दिखे; मध्य निकटतम मिनट तक है।

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