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दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 का मीन राशिफल — Meen Rashifal

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

मीन राशि के तारे, 23 अक्टूबर के चंद्रमा और ग्रहों के साथ

कुंभमीनमेषपूर्वा भाद्रपदउत्तरा भाद्रपदरेवतीअश्विनीक्रांतिवृत्तपूर्वपश्चिमपूर्वा भाद्रपद: Markabउत्तरा भाद्रपद: Algenibरेवती: ζ Pisciumशनि

दोपहर 12:00 बजे चंद्रमा कुंभ के 28°18′ पर, पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के चरण 3 में है, तारे λ Piscium से 4.6° दूर। इस मानचित्र पर ये भी हैं: शनि मीन में।

मीन को पहला भाव मानकर: 23 अक्टूबर को नौ ग्रह कहाँ हैं

12श 15°व1234मं 19°गु 28°5के 3°67सू 5°बु 26°शु 7°व891011चं 28°रा 3°

हर भाव मीन से गिना गया है, इसलिए यह चार्ट उस दिन का मीन का गोचर है। दोपहर 12:00 बजे की निरयण स्थिति (लाहिड़ी)। हर भाव में लिखा अंक उसकी राशि है: मेष 1 से मीन 12 तक। ग्रह के बाद व: वक्री।

मीन, 23 अक्टूबर को: दोपहर 3:04 बजे तक चंद्रमा आपसे बारहवें भाव में है, जिसे शास्त्र में धैर्य का समय माना गया है।

नई दिल्ली, दिल्ली, भारत · IST (Asia/Kolkata) · · Columbus के समय देखें

  • चंद्रमा
  • ग्रह
  • राहु और केतु: चंद्रमा के पात, बिना पिंड के बिंदु
  • योगतारा: नक्षत्र की पहचान का तारा
  • तारामंडल की रेखाएँ, हमारी बनाई
  • क्रांतिवृत्त: सूर्य का पथ
  • राशि की सीमा
  • नक्षत्र की सीमा
  • अधिक चमकीले तारे बड़े दिखाए गए हैं

मीन के 30° आकाश के असली तारे, तारा-सूची की स्थिति पर। केवल चंद्रमा और ग्रह चलते हैं। भारत से दक्षिण की ओर देखने पर: पूर्व बाईं ओर है, और चंद्रमा दाएँ से बाएँ चलता है।

इस मानचित्र के नक्षत्र और उनके योगतारे

  • पूर्वा भाद्रपद 320°00′ से 333°20′ योगतारा: Markab (α Pegasi)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • उत्तरा भाद्रपद 333°20′ से 346°40′ योगतारा: Algenib (γ Pegasi)। स्रोत: कैलेंडर सुधार समिति 1955 और बर्जेस और ह्विटनी 1860। पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807 में यह α Andromedae है। यहाँ स्रोत अलग हैं। 1955 की कैलेंडर सुधार समिति, जिसका लाहिड़ी अयनांश यह साइट उपयोग करती है, का दिया तारा चिह्नित है; दूसरा पाठ साथ में दिया गया है।
  • रेवती 346°40′ से 360°00′ योगतारा: रेवती (ζ Piscium)। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955, पिंग्री और मॉरिसी 1989 और कोलब्रुक 1807।
  • अश्विनी 0°00′ से 13°20′ योगतारा: Sheratan (β Arietis) · इस मानचित्र से बाहर। स्रोत: बर्जेस और ह्विटनी 1860, कैलेंडर सुधार समिति 1955 और पिंग्री और मॉरिसी 1989। कोलब्रुक 1807 में यह α Arietis है।

तारों की स्थिति हर घंटे के लिए तारा-सूची (निज गति, लंबन और विपथन) से, ग्रहों वाले उसी निरयण ढाँचे में, लाहिड़ी अयनांश के साथ निकाली जाती है। जाँचे गए 36 तारों के लिए स्विस एफ़ेमेरिस की अपनी तारा-फ़ाइल 2.4 विकला के भीतर मिलती है। चंद्रमा और ग्रह पृथ्वी के केंद्र से दिखने वाली स्थिति पर हैं; आपके अपने स्थान से चंद्रमा यहाँ की जगह से लगभग 1° तक हटा दिख सकता है। तारामंडल की रेखाएँ हमारी अपनी हैं; हर योगतारा ऊपर दिए स्रोतों में से कम से कम दो में दिया गया है।

तारों की स्थितियाँ: येल ब्राइट स्टार कैटलॉग, 5वाँ संस्करण (हॉफ़्लाइट और वॉरेन, 1991; NASA HEASARC, पब्लिक डोमेन)। तारों के नाम: IAU वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार नेम्स (CC BY 4.0)। चंद्रमा और ग्रह: NASA JPL DE440s।

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि · शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

23 अक्टूबर का मीन राशिफल: काम, प्रेम और सेहत

मीन राशि का आज का राशिफल, आपकी चंद्र राशि से। मीन बारह राशियों में बारहवीं राशि है, निरयण राशिचक्र में 330° से 360° तक, और इसके स्वामी गुरु हैं; इसमें पूर्वा भाद्रपद का चरण 4, उत्तरा भाद्रपद के चारों चरण और रेवती के चारों चरण आते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Pisces कहते हैं, पर यहाँ इसका अर्थ वह राशि है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, जन्मदिन वाली राशि नहीं। नीचे की हर पंक्ति अपना ग्रह, मीन से उस ग्रह का भाव और उसके पीछे का शास्त्रीय श्लोक बताती है।

धैर्य का समय?

शुक्रवार, 23 अक्टूबर: बुधवार 21 अक्टूबर, सुबह 7:01 बजे से दोपहर 3:04 बजे तक चंद्रमा कुंभ में है, जो मीन से बारहवीं राशि है। शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का चंद्रमा धैर्य माँगता है (खर्च और आराम): खर्च की योजना बनाएँ और भरपूर आराम करें।

धैर्य का समय। हमारी गिनती में 23 अक्टूबर को मीन के लिए 9 ग्रहों में से सहायक 2, मिले-जुले 2 और धैर्य माँगने वाले 5; दिन का मुख्य ग्रह चंद्रमा है।

23 अक्टूबर को दोपहर 3:04 बजे चंद्रमा मीन राशि में जाते हैं, इसलिए दिन के दोनों हिस्से दिखाए गए हैं।

काम, प्रेम और सेहत

काम और धन?

शास्त्र में छठे भाव के केतु को लाभ के लिए अनुकूल माना गया है, जबकि बारहवें भाव का चंद्रमा खर्च पर ध्यान माँगता है: पहले से योजना बनाएँ। दोनों को मिलाकर इसे मिला-जुला गिना गया है।

प्रेम और परिवार?

23 अक्टूबर को आपसे सातवें, चौथे या दूसरे भाव में कोई ग्रह नहीं है, इसलिए प्रेम और परिवार के लिए शास्त्र कोई विशेष संकेत नहीं देते।

सेहत?

शास्त्र के अनुसार पहले भाव का शनि सेहत पर ध्यान माँगता है: दिनचर्या नियमित रखें।

मीन के लिए 23 अक्टूबर को चंद्रबल और ताराबल

चंद्रबल, चंद्राष्टम और ताराबल

बुधवार 21 अक्टूबर, सुबह 7:01 बजे से दोपहर 3:04 बजे तक: चंद्रमा कुंभ में, आपसे बारहवें भाव में; धैर्य का समय।

  • चंद्रबल मुहूर्त चिंतामणि 4.1 · फलदीपिका 26.2 · बृहत्संहिता 104.4

दोपहर 3:04 बजे से रविवार 25 अक्टूबर, शाम 7:22 बजे तक: चंद्रमा मीन में, आपसे पहले भाव में; सहायक।

दोपहर 3:04 बजे तक चंद्रमा कुंभ में राहु के साथ है।

दोपहर 3:04 बजे से चंद्रमा मीन में शनि के साथ है।

मीन के लिए अगला चंद्राष्टम: 7 नवंबर, शाम 5:15 बजे से 10 नवंबर, रात 2:48 बजे तक।

मीन राशि के नक्षत्रों का ताराबल

पूर्वा भाद्रपद (चरण 4): रात 9:03 बजे तक जन्म तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

पूर्वा भाद्रपद (चरण 4): रात 9:03 बजे से संपत तारा, नए काम के लिए अच्छी।

उत्तरा भाद्रपद (चरण 1–4): रात 9:03 बजे तक अतिमित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

उत्तरा भाद्रपद (चरण 1–4): रात 9:03 बजे से जन्म तारा; परंपरा में नए काम के लिए धैर्य रखा जाता है।

रेवती (चरण 1–4): रात 9:03 बजे तक मित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

रेवती (चरण 1–4): रात 9:03 बजे से अतिमित्र तारा, नए काम के लिए अच्छी।

नई दिल्ली में आपके सहायक समय

नई शुरुआत के लिए कोई समय नहीं; कारण भीतर दिया गया है

23 अक्टूबर को पंचांग के समय और आपके चंद्रबल के घंटे आपस में नहीं मिलते, इसलिए कोई समय नहीं दिया गया; पंचांग के समय संदर्भ के लिए दिए गए हैं।

सहायक समय क्या हैं?

नई दिल्ली में नए काम के लिए पंचांग के समय (संदर्भ के लिए)

रात 3:16 बजे से रात 3:17 बजे तक · सुबह 4:54 बजे से सुबह 6:27 बजे तक · सुबह 7:51 बजे से सुबह 8:42 बजे तक · दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक · दोपहर 1:13 बजे से दोपहर 2:43 बजे तक

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इस पेज का हर समय IST (Asia/Kolkata) में है। इस समय क्षेत्र में हर किसी के लिए फल एक ही है; केवल सहायक समय नई दिल्ली के सूर्योदय से बनते हैं।

दैनिक मीन राशिफल · चंद्र राशि

मीन राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया: सटीक तारीख़ें

मीन के लिए साढ़ेसाती का दूसरा चरण: शनि मीन में, यानी आपसे पहले भाव में, 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक हैं। पूरी साढ़ेसाती 29 अप्रैल 2022 से 17 अप्रैल 2030 तक है, बीच में 12 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2023 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक विराम के साथ। परंपरा में यह समय निरंतर प्रयास, अनुशासन और सेहत की देखभाल का फल देता है।

इस ठहराव में शास्त्र के अनुसार शनि का प्रभाव मीन के अंतिम तिहाई भाग में सबसे अधिक माना गया है: 2 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक और 11 मार्च 2027 से 3 जून 2027 तक।

शनि नौ ग्रहों में से एक है: आपसे पहले भाव के शनि का फल और बाकी आठ ग्रह नीचे की तालिका में हैं।

मीन पर अगली ढैया (कंटक, शनि चौथे भाव में) 31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक है।

चंद्र राशि से गिना गया है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, और हर विराम दिखाया गया है। शास्त्र में यह निरंतर प्रयास और धैर्य का समय माना गया है, कोई तय फल नहीं।

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क्यों: मीन से हर ग्रह का भाव

हर ग्रह, अपने नियम के साथ · दोपहर 3:04 बजे तक

  1. सूर्य? तुला · आठवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार आठवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है: बड़े निर्णय धीरे-धीरे लें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 16 नवंबर, शाम 7:43 बजे

  2. चंद्र? कुंभ · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का चंद्रमा धैर्य माँगता है (खर्च और आराम): खर्च की योजना बनाएँ और भरपूर आराम करें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: दोपहर 3:04 बजे

  3. मंगल? कर्क · पाँचवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पाँचवें भाव का मंगल धैर्य माँगता है (संतान की ज़रूरतें और सेहत): संतान को समय दें और दिनचर्या नियमित रखें।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 12 नवंबर, रात 8:19 बजे

  4. बुध? तुला · आठवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में आठवें भाव के बुध को सहायक माना गया है (संतान और लाभ), लेकिन आपसे पहले भाव में शनि होने से वेध बनता है, इसलिए 23 अक्टूबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 2 दिसंबर, शाम 5:28 बजे

  5. गुरु? कर्क · पाँचवाँ भाव सहायक?

    शास्त्र में पाँचवें भाव के गुरु को सहायक माना गया है (संतान, समृद्धि और सद्भाव)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे

  6. शुक्र? तुला · आठवाँ भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में आठवें भाव के शुक्र को सहायक माना गया है (धन और सुख-सुविधाएँ), लेकिन आपसे पाँचवें भाव में मंगल और गुरु होने से वेध बनता है, और शुक्र सूर्य के निकट (अस्त) है, इसलिए 23 अक्टूबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 6 नवंबर, रात 1:04 बजे

  7. शनि? मीन · पहला भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार पहले भाव का शनि धैर्य माँगता है (सेहत और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ): दिनचर्या नियमित रखें और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ मिलकर निभाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे

  8. राहु? कुंभ · बारहवाँ भाव धैर्य का समय?

    शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव का राहु धैर्य माँगता है (खर्च): पहले से योजना बनाएँ।

    शास्त्रीय फल: धैर्य · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

  9. केतु? सिंह · छठा भाव सहायक?

    शास्त्र में छठे भाव के केतु को सहायक माना गया है (लाभ)।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे

दिन का दूसरा हिस्सा: दोपहर 3:04 बजे से

  1. चंद्र? मीन · पहला भाव वेध से रुका?

    शास्त्र में पहले भाव के चंद्रमा को सहायक माना गया है (सुख-सुविधा और अच्छा भोजन), लेकिन आपसे पाँचवें भाव में मंगल और गुरु होने से वेध बनता है, इसलिए 23 अक्टूबर को इसकी सहायता रुकी हुई है।

    शास्त्रीय फल: अनुकूल · इस राशि में कब तक: रविवार 25 अक्टूबर, शाम 7:22 बजे

मीन के लिए धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु): सहायक 2, मिले-जुले 0, धैर्य माँगने वाले 2।

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अगले 30 दिनों में मीन राशि

अगले 30 दिन, हर बदलाव अपने भाव के साथ

शनिवार 24 अक्टूबर, दोपहर 12:43 बजे: बुध तुला में, आपसे आठवें भाव में, वक्री होते हैं।

गुरुवार 29 अक्टूबर, सुबह 9:40 बजे: शुक्र तुला में, आपसे आठवें भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

30 अक्टूबर, सुबह 6:04 बजे: बुध तुला में, आपसे आठवें भाव में, सूर्य के निकट आकर अस्त होते हैं।

31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे: गुरु सिंह राशि में, यानी आपसे छठे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार छठे भाव का गुरु धैर्य माँगता है (बेचैनी): दिनचर्या नियमित रखें।

6 नवंबर, रात 1:04 बजे: शुक्र कन्या राशि में, यानी आपसे सातवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार सातवें भाव का शुक्र धैर्य माँगता है (रिश्तों में खिंचाव): मधुरता से बोलें और अपेक्षाएँ सरल रखें।

10 नवंबर, दोपहर 3:54 बजे: बुध तुला में, आपसे आठवें भाव में, अस्त से बाहर आते हैं।

12 नवंबर, रात 8:19 बजे: मंगल सिंह राशि में, यानी आपसे छठे भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र में छठे भाव के मंगल को सहायक माना गया है (विवादों का सुलझना, अच्छी सेहत और लाभ)।

13 नवंबर, रात 9:24 बजे: बुध तुला में, आपसे आठवें भाव में, मार्गी होते हैं।

14 नवंबर, सुबह 6:00 बजे: शुक्र कन्या में, आपसे सातवें भाव में, मार्गी होते हैं।

16 नवंबर, शाम 7:43 बजे: सूर्य वृश्चिक राशि में, यानी आपसे नौवें भाव में प्रवेश करते हैं। शास्त्र के अनुसार नौवें भाव का सूर्य धैर्य माँगता है (रुकावटें और मन की थकान): योजनाओं को अतिरिक्त समय दें और मन को आराम दें।

मीन राशिफल 2027: पूरा साल, महीने दर महीने

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अगले दिन का मीन राशिफल, 24 अक्टूबर

कल (शनिवार, 24 अक्टूबर): पूरे दिन चंद्रमा आपसे पहले भाव में है, जो शास्त्र में सहायक है, पर मंगल और गुरु के वेध से रुका हुआ है।

24 अक्टूबर का पूरा राशिफल देखें

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मीन राशि के बारे में: स्वामी गुरु, नक्षत्र और नाम अक्षर

स्वामी
गुरुबृहज्जातक 1.6; सारावली 3.11; फलदीपिका 1.6
चिह्न
दो मछलियाँ, एक का मुख दूसरी की पूँछ की ओरबृहज्जातक 1.5; सारावली 3.3–4
प्रकृति
द्विस्वभावबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
विषम या सम
सम राशि; स्त्रीबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.20–21; फलदीपिका 1.9
दिशा
उत्तरबृहज्जातक 1.11; सारावली 3.22; फलदीपिका 1.9
उदय
उभयोदय: दोनों ओर से उदयबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; जातक पारिजात 1.14
बल
दिन में बलीबृहज्जातक 1.10; सारावली 3.24; फलदीपिका 1.8
कालपुरुष का अंग
पैरबृहज्जातक 1.4; बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.4; सारावली 3.5–6; फलदीपिका 1.4
विस्तार (निरयण)
330° से 360°बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नक्षत्र चरण
पूर्वा भाद्रपद 4; उत्तरा भाद्रपद 1–4; रेवती 1–4बृहज्जातक 1.4; होरासार 1.13
नाम अक्षर
दी दू थ झ ञ दे दो चा चीअवकहड़ा तालिका, दो छपी तालिकाओं से जाँची गई
उच्च, नीच, मूलत्रिकोण
मीन में शुक्र उच्च और बुध नीच होते हैं।बृहज्जातक 1.13–14; सारावली 3.34–36; फलदीपिका 1.6–7

नाम राशि जन्म राशि तभी है जब नाम जन्म नक्षत्र के अक्षर से चुना गया हो। हर तथ्य कम से कम दो शास्त्रीय ग्रंथों में है, और जहाँ ग्रंथ अलग हैं वहाँ दोनों पाठ दिए गए हैं। छोड़ा गया: तत्त्व, जिसे हमारे पढ़े ग्रंथों में से केवल एक (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4) बताता है; और किसी राशि का कोई रंग, अंक या पत्थर, जिसे इनमें से कोई ग्रंथ सौभाग्य से नहीं जोड़ता।

इस पेज के लिए पढ़े गए ग्रंथ

  • वराहमिहिर का बृहज्जातक: संस्कृत, एम. डी. नीली का अंग्रेज़ी अनुवाद; वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • बृहत् पाराशर होरा शास्त्र: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद, संस्कृत मूल के साथ
  • कल्याण वर्मा की सारावली: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • मंत्रेश्वर की फलदीपिका: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • वैद्यनाथ का जातक पारिजात: वी. सुब्रह्मण्य शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद
  • पृथुयशस का होरासार: आर. संतानम का अंग्रेज़ी अनुवाद

प्रश्न

मीन राशि से जुड़े सवाल

मीन राशि का स्वामी कौन है?

मीन के स्वामी गुरु 23 अक्टूबर को कर्क में है, मीन से पाँचवें भाव में, 31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे तक। हमारे पढ़े हर शास्त्रीय ग्रंथ में मीन के स्वामी गुरु हैं: बृहज्जातक 1.6, सारावली 3.11 और फलदीपिका 1.6। गुरु धनु के भी स्वामी हैं।

मीन राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

23 अक्टूबर को चंद्रमा मीन में है, दोपहर 3:04 बजे से रविवार 25 अक्टूबर, शाम 7:22 बजे तक: इन घंटों में जन्मे बच्चे की जन्म राशि मीन होती है। मीन के नौ नाम अक्षर, हर नक्षत्र चरण का एक, ये हैं: दी (पूर्वा भाद्रपद 4); दू, थ, झ, ञ (उत्तरा भाद्रपद 1–4); दे, दो, चा, ची (रेवती 1–4)। इनमें से किसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम की नाम राशि मीन है, जो जन्म राशि से तभी मिलती है जब नाम जन्म नक्षत्र से चुना गया हो।

मीन राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

23 अक्टूबर को चंद्रमा मीन के नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद में है, और रात 9:03 बजे तक इसके चरण 4 में। मीन निरयण राशिचक्र में 330° से 360° तक है: पूर्वा भाद्रपद का चरण 4, उत्तरा भाद्रपद के चारों चरण और रेवती के चारों चरण, कुल नौ नक्षत्र चरण, जैसे हर राशि में होते हैं (बृहज्जातक 1.4, होरासार 1.13)। अगर आपकी राशि मीन है, तो आपका जन्म नक्षत्र इन्हीं में से एक है।

मीन राशि के लोग कैसे होते हैं?

उन्हें विद्वान, सुंदर और सुडौल, विरोध करने वालों के साथ भी बात बना लेने वाला, और जल तथा समुद्र की ओर आकर्षित बताया गया है; ग्रंथ उन्हें बड़े सिर वाला भी बताते हैं। ये वे बातें हैं जो बृहज्जातक 17.12, सारावली 23.79 और होरासार 29.12 में से कम से कम दो ग्रंथों में मिलती हैं। बृहज्जातक 17.13 कहता है कि यह चित्र पूरा तभी लागू होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा, मीन और इसके स्वामी गुरु, तीनों बलवान हों, और होरासार 29.13 कहता है कि चंद्रमा के साथ बैठा या उसे देखता कोई ग्रह इसे बदल देता है; इसलिए आपकी अपनी कुंडली राशि से अधिक बताती है।

मीन राशि पर साढ़ेसाती और शनि की ढैया कब से कब तक है?

मीन पर 23 अक्टूबर को साढ़ेसाती चल रही है, इसका दूसरा चरण: शनि मीन में है, यानी मीन से पहले भाव में। यह 29 अप्रैल 2022 को शुरू हुई और शनि के अंतिम निकास के साथ 17 अप्रैल 2030 को पूरी होती है, बीच में 12 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2023 तक और 8 अगस्त 2029 से 5 अक्टूबर 2029 तक शनि इससे बाहर रहते हैं। मीन पर अगली ढैया (कंटक, शनि चौथे भाव में) 31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक है। हर अवधि शनि के पहले प्रवेश से अंतिम निकास तक है, हर विराम के साथ, और चंद्र राशि से गिनी गई है, जैसे फलदीपिका 26.22–23 और बृहत्संहिता 104 गिनते हैं। शास्त्र में साढ़ेसाती और ढैया निरंतर प्रयास और धैर्य का समय हैं; दोनों में से कोई तय फल नहीं है।

मीन राशि का समय कब बदलेगा?

31 अक्टूबर, दोपहर 12:03 बजे गुरु सिंह में जाते हैं, मीन से छठे भाव में; 25 नवंबर, शाम 5:46 बजे राहु मकर में और केतु कर्क में जाते हैं, मीन से ग्यारहवें और पाँचवें भाव में (स्पष्ट राहु से; कई पंचांगों में छपने वाली मध्यम गणना से 5 दिसंबर को); 3 जून 2027, सुबह 5:28 बजे शनि मेष में जाते हैं, मीन से दूसरे भाव में। शनि, गुरु और राहु-केतु एक राशि में कई महीने रहते हैं, इसलिए इनके बदलाव मीन की पृष्ठभूमि तय करते हैं, और ऊपर हर बदलाव अपना भाव बताता है। इस पेज का दैनिक फल नौ ग्रहों को साथ तौलता है, और किसी राशि का समय पूरा अच्छा या पूरा कठिन नहीं होता।

मीन राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

23 अक्टूबर को सुबह 7:32 बजे सूर्य जन्मदिन वाली राशियों के सायन राशिचक्र में तुला 29°41′ में है, पर वैदिक ज्योतिष के निरयण राशिचक्र में तुला 5°27′ में। अंग्रेज़ी में मीन को Pisces कहते हैं, पर राशि जन्म के समय निरयण राशिचक्र में चंद्रमा की राशि है, जन्मदिन वाली राशि नहीं; इसलिए जिसकी जन्मदिन वाली राशि Pisces है, उसकी राशि मीन हो, यह ज़रूरी नहीं।

इस पेज के शब्द

30
सूर्य
नौ ग्रहों में से एक: आत्मा, प्रतिष्ठा और अधिकार।
चंद्र
नौ ग्रहों में से एक: मन; दिन का फल इसी से पढ़ा जाता है।
मंगल
नौ ग्रहों में से एक: ऊर्जा, साहस और प्रयास।
बुध
नौ ग्रहों में से एक: वाणी, विद्या और व्यापार।
गुरु
नौ ग्रहों में से एक: ज्ञान, संतान और उन्नति।
शुक्र
नौ ग्रहों में से एक: सुख, रिश्ते और कला।
शनि
नौ ग्रहों में से एक: कर्तव्य, धैर्य और निरंतर काम।
राहु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का उत्तरी पात, एक छाया ग्रह।
केतु
नौ ग्रहों में से एक: चंद्रमा का दक्षिणी पात, सदा राहु के सामने।
सहायक
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र अनुकूल भाव में मानते हैं, और जिसे कोई रोक नहीं रहा।
वेध से रुका
अनुकूल गोचर, जिसे उसके वेध भाव में बैठा दूसरा ग्रह रोक रहा है।
धैर्य का समय
ऐसा गोचर जिसे शास्त्र प्रतिकूल भाव में मानते हैं: निरंतर प्रयास और सरल योजनाओं का समय।
धैर्य का समय
दिन का हमारा लेबल, जब चंद्रमा धैर्य माँगने वाले भाव में या चंद्राष्टम में हो।
गोचर
राशियों में ग्रहों का भ्रमण, जिसे आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है (फलदीपिका 26.1)।
भाव
आपकी चंद्र राशि से राशियों की गिनती; चंद्र राशि स्वयं पहला भाव है।
वेध
जब अनुकूल गोचर के जोड़ीदार भाव में दूसरा ग्रह हो, तो वह गोचर रुक जाता है (फलदीपिका 26.3–8)।
चंद्रबल
आपकी चंद्र राशि से गिना गया चंद्रमा का बल: 1, 3, 6, 7, 10 और 11वाँ भाव अच्छा है।
ताराबल
आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ की गिनती में दिन के नक्षत्र का बल।
साढ़ेसाती
आपकी चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में शनि का लगभग साढ़े सात वर्ष का भ्रमण; नाम बाद की परंपरा का है, भाव फलदीपिका 26.22–23 में हैं।
वक्री
पृथ्वी से देखने पर ग्रह उल्टा चलता दिखता है; केवल तथ्य के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि गोचर में इसके अर्थ पर ग्रंथ एकमत नहीं।
मार्गी
वक्री अवधि के बाद ग्रह फिर आगे चलने लगता है।
अस्त
ग्रह सूर्य के इतना निकट है कि उसकी चमक में छिप जाता है; अनुकूल भाव में इसकी सहायता मंद मानी जाती है (फलदीपिका 26.32; नारद संहिता 12.11)।
सबसे अधिक प्रभाव
राशि का वह तिहाई भाग जिसमें गोचर का प्रभाव शास्त्र में सबसे अधिक माना गया है: सूर्य और मंगल पहले, गुरु और शुक्र बीच के, चंद्रमा और शनि अंतिम भाग में (फलदीपिका 26.25; मुहूर्त चिंतामणि 4.19)।
मध्यम राहु-केतु की गणना
राहु-केतु की औसत गति, जो कई पंचांगों में छपती है; इसकी तारीख़ें स्पष्ट गति से कुछ दिन अलग हो सकती हैं।
सहायक समय
आपके शहर में नए काम के लिए पंचांग के अच्छे समय, उन घंटों के भीतर जब चंद्रमा आपकी राशि के लिए सहायक हो।
उच्च
वह राशि जहाँ ग्रह सबसे बली होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
नीच
उच्च राशि के सामने की राशि, जहाँ ग्रह सबसे निर्बल होता है (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
काम और धन
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से दसवें, छठे, तीसरे, ग्यारहवें, दूसरे और बारहवें भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
प्रेम और परिवार
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से सातवें, चौथे और दूसरे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।
सेहत
हमारा समूह: आपकी चंद्र राशि से पहले और छठे भाव से पढ़ा गया, जिनके अर्थ इसी विषय से जुड़े हैं (बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 11)।

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